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चार धाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए इस बार क्या तैयारियां हैं?

यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-193 है। गुरुवार, 16 अप्रैल को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए आगामी चार धाम यात्रा में हादसों को कम करने के लिए उठाए जाने वाले कदम। साथ ही जानिए केन-बेतवा लिंक परियोजना के मुआवज़े के लिए प्रदर्शन करते ग्रामीणों के लिए खबर है?  


मुख्य सुर्खियां

संसद का 3 दिनों का विशेष सत्र आज से शुरू होगा। इस दौरान कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल डीलिमिटेशन बिल पेश करेंगे। सत्र का उद्देश्य संसद में महिला आरक्षण और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना है।


हरियाणा के नूंह में सीवर लाइन की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से दो सफाई कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य कर्मचारी गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती है।


राजस्थान के 20 सरकारी अस्पतालों में खराब गुणवत्ता वाले ग्लूकोमीटर के कारण 15 हजार स्वस्थ लोगों को ‘हाई शुगर’ का मरीज बता दिया गया। इन लोगों को लगभग दो साल तक अनावश्यक दवाएं खिलाई गईं।


दिल्ली सरकार ने आवासीय इलाकों में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता लेने की योजना बनाई है। इसी बीच राजधानी में कुल चार्जिंग पॉइंट्स की संख्या 10,000 से अधिक हो गई है।


भोपाल सहित मध्य प्रदेश के 12 जिलों में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक हीटवेव और तीन दिनों तक तीव्र गर्मी का अलर्ट जारी किया है।


भोपाल में 75 हजार नए पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए 170 कॉलोनियों में कैंप लगाए जाएंगे। पीएनजी कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी (LPG) कनेक्शन सरेंडर करना होगा।

विस्तृत चर्चा

चारधाम यात्रा 2024: सुरक्षा और नई गाइडलाइंस

आगामी 19 मार्च से शुरू हो रही चार धाम यात्रा में इस बार दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे

उड़ानों में कटौती और नियंत्रण: पिछले वर्षों में हुए हादसों को देखते हुए इस बार हेलीकॉप्टर उड़ानों को 30% तक कम कर दिया गया है ताकि बेहतर नियंत्रण रखा जा सके।

रियल टाइम मॉनिटरिंग: सुरक्षा के लिए एक कमांड कंट्रोल सेंटर और दो अस्थायी एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) यूनिट्स स्थापित की जा रही हैं। इसके अलावा, हेलीपैड और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर 13 कैमरे लगाए गए हैं।

पायलटों के लिए सख्त नियम: अब केवल अनुभवी पायलटों को ही अनुमति दी जाएगी जिनके पास कम से कम 1500 घंटे उड़ान का अनुभव हो, जिसमें से 750 घंटे पहाड़ी क्षेत्रों का होना अनिवार्य है।

तकनीकी सुधार और मेंटेनेंस: मौसम की सटीक जानकारी के लिए ऑटोमैटिक वेदर ऑब्जरवेशन सिस्टम लगाया गया है। हर ऑपरेटर को एक हेलीकॉप्टर ‘स्टैंड-बाय’ पर रखना होगा और नियमित मेंटेनेंस चेक अनिवार्य कर दिया गया है।

बुनियादी ढांचा: केदारनाथ में ढलान सुधार (slope correction) और बद्रीनाथ में हेलीपैड का विस्तार किया जा रहा है। पायलटों की दृश्यता बढ़ाने के लिए हाई टेंशन तारों पर ‘मेकर बैलून’ लगाए जा रहे हैं।


छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना का विरोध

केन-बेतवा लिंक और दो अन्य सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित 200 से अधिक लोग मुआवजे में अनियमितताओं के विरोध में 5 अप्रैल से प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारी जल सत्याग्रह, मिट्टी सत्याग्रह और सांकेतिक रूप से फांसी लगाकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।

छतरपुर कलेक्टर ने शिकायतों की जांच के लिए विशेष दलों का गठन किया है जो सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देंगे। हालांकि, आंदोलनकारियों ने अभी प्रदर्शन खत्म करने का अंतिम निर्णय नहीं लिया है क्योंकि उन्हें पुराने वादों पर संदेह है।

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Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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