पर्यावरण आज | मुंबई में कचरा फैलाने वालों को अब एआई कैमरा पकड़ेगा। दिल्ली ने समय से पहले ईवी चार्जिंग का लक्ष्य पूरा किया। भूटान में ग्लेशियल झील फटने से बाढ़ आई, असम-बंगाल में अलर्ट है। बद्रीनाथ पर हिमस्खलन का खतरा बताया गया है। चक्रवात ‘अर्नब’ से ओडिशा में बाढ़ है और मध्य प्रदेश में बादल छाए हैं।
आज की हेडलाइन्स
कचरा फैलाया तो, AI कैमरा पकड़ेगा
मुंबई में अब खुले में कचरा फेंकने वालों को AI कैमरा पकड़ेगा और लाउडस्पीकर से जमकर डांट भी लगाएगा। यह बीएमसी का पायलट प्रोजेक्ट है, जो माहिम के ‘गजानन वाटिका’ में लगाया गया है। सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी रोकने के लिए यह उपाय अपनाया गया है।
ईवी चार्जिंग का टारगेट पूरा
दिल्ली ने तय समय से तीन महीने पहले ही ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। यहाँ 13,913 चार्जिंग पॉइंट लगाने का लक्ष्य था, जबकि 30 सितंबर तक राजधानी में 14,225 चार्जिंग पॉइंट लग चुके हैं।
भूटान में फटी ग्लेशियल झील
भूटान में गुरुवार को ग्लेशियल झील फट गई, जिससे गासा में बाढ़ आई और भारी नुकसान हुआ। झील फटने के बाद संकोश नदी का जलस्तर बढ़ गया है। यह नदी भारत में पश्चिम बंगाल और असम से होकर गुजरती है, इसलिए दोनों राज्यों के सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
बद्रीनाथ पर मंडरा रहा खतरा
एक स्टडी के अनुसार, बद्रीनाथ के ऊपर मौजूद तीन ‘हैंगिंग ग्लेशियर’ गिरे तो बड़ा हिमस्खलन आ सकता है और यह तीर्थ पूरी तरह तबाह हो सकता है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की मदद से हुई यह स्टडी 28 अक्तूबर को जारी की गई है।
चक्रवात ‘अर्नब’ से ओडिशा में बाढ़
चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण लगातार हो रही बारिश से ओडिशा के गंजाम और गजपति जिलों में बाढ़ आ गई है। कई गाँव पूरी तरह पानी से घिर गए हैं। लोगों की सुरक्षा के लिए ओडिशा सरकार ने बाढ़ में फंसे लोगों को एयरलिफ्ट करने की योजना बनाई है।
आज की चर्चा
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘अर्नब’ का असर दूसरे दिन मध्य प्रदेश में भी दिखा। भोपाल समेत कई जिलों में बादल छाए रहे। गुरुवार सुबह सिंगरौली, पांढुर्णा, रायसेन, विदिशा, भोपाल और सागर में बारिश हुई। मध्य प्रदेश के मौसम का हाल जानते हैं हमारे रिपोर्टर अब्दुल वसीम अंसारी से।
मध्य प्रदेश में चक्रवात अर्नब के बाद इन जिलों में बारिश का दौर

मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और इस बार वजह है बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात ‘अर्नब’। जी हां, इस चक्रवात का सीधा असर एमपी के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है, जिससे कई शहरों में अचानक बादल छा गए हैं और झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है।
पल्लव सबसे बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है पांढुर्णा से। वहां की कृषि उपज मंडी में खुले आसमान के नीचे रखा हजारों क्विंटल मक्का बेमौसम बारिश की वजह से भीग गया है। किसानों को इससे भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं दूसरी तरफ, भोपाल, सिंगरौली, रायसेन, विदिशा और सागर जैसे 6 से ज्यादा जिलों में गुरुवार सुबह से ही बारिश और बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहा।
नर्मदापुरम की बात करें तो वहां सुबह से ही घनी धुंध छाई रही और ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को अब गुलाबी ठंड का अहसास होने लगा है। इंदौर में भी बादल छाए रहने से उमस वाली गर्मी से लोगों को राहत मिली है।
अब बात करते हैं कि मौसम विभाग का आगे को लेकर क्या कहना है और आने वाले दो-तीन दिनों में आपके शहर का हाल कैसा रहेगा। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग के मैप के अनुसार, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर, राजगढ़ और विदिशा समेत प्रदेश के अधिकांश पश्चिमी और मध्य हिस्सों में धूप खिली रहेगी। लेकिन, पूर्वी और उत्तरी हिस्से जैसे रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है।
नवंबर की शुरुआत होते ही बारिश का दायरा काफी सिमट जाएगा। पूरे मध्य प्रदेश में लगभग धूप खिली रहेगी, सिर्फ दक्षिण-पूर्वी हिस्से के कुछ जिलों जैसे छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में ही हल्की गरज-चमक या बौछारें देखने को मिल सकती हैं।
पल्लव जाते-जाते आपको भोपाल के अक्टूबर महीने के तापमान का एक मजेदार रिकॉर्ड बताते चलें। भोपाल में वैसे तो अक्टूबर का सामान्य औसत अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री रहता है, लेकिन साल 2012 में भोपाल ने एक रिकॉर्ड बनाया था जब यहां का पारा 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। वहीं पिछले साल यानी 2025 के पूरे अक्टूबर महीने में भोपाल में करीब 3.2 इंच बारिश दर्ज की गई थी।
ग्राउंड रिपोर्ट की बात
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