6 राज्यों की अतिरिक्त बिजली की मांग, ‘अर्नब’ से 7 लोगों की मौत, कर्नाटक में पक्षियों की गणना, मध्य प्रदेश में सूखे की तैयारी। जानिए आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें “पर्यावरण आज” पॉडकास्ट के साथ।
प्रमुख ख़बरें
सर्दियों में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए छह राज्यों ने शॉर्ट-टर्म टेंडर के जरिए अतिरिक्त बिजली खरीदने की मांग की है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और अन्य राज्यों में ठंड के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने की आशंका है।
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ 125 से 135 किमी/घंटे की रफ्तार से आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। इससे कम से कम 7 लोगों की मौत की आशंका है और 13 जिलों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है।
कर्नाटक वन विभाग, बर्ड काउंट इंडिया और कर्नाटक बर्ड मॉनिटरिंग नेटवर्क मिलकर 30 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक पहली ‘कर्नाटक राज्योत्सव पक्षी गणना’ आयोजित करेंगे। इसका उद्देश्य राज्य में पाई जाने वाली लगभग 550 पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड तैयार करना और उनके संरक्षण के लिए वैज्ञानिक आंकड़े जुटाना है।
मध्य प्रदेश के 12 जिलों में इस साल सामान्य से बहुत कम बारिश दर्ज की गई है। राज्य सरकार जल संकट से निपटने के लिए इन प्रभावित जिलों में दिसंबर-जनवरी से नए बोरिंग खनन पर और मार्च तक व्यावसायिक कार वॉशिंग पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है।
शाजापुर जिले में किसानों की फसल सुरक्षा के लिए 1,200 से ज्यादा ब्लैकबक और नीलगायों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू किए गए जानवरों को श्योपुर, गांधी सागर और रानी दुर्गावती अभयारण्य के जंगलों में स्थानांतरित किया गया है।
विस्तृत चर्चा
मध्य प्रदेश में चीते की मौत के बाद अब उसकी जांच के लिए एक हाई लेवल जांच कमिटी का गठन किया गया है। इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं पल्लव जैन।
चीता की मौत और हाई लेवल कमिटी का गठन
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने कूनो नैशनल पार्क में पैलट बुलेट से हुई चीता की मौत पर एक हाई लेवल जांच टीम का गठन किया है। क्योंकि 2022 के बाद अफ्रीकी चीतों के भारत आने के बाद यह पहला ऐसा मामला है जिसमें गोली लगने से चीता की मौत हुई है।
जांच टीम क्या करेगी यह जानने से पहले जान लेते हैं कि चीता की मौत कैसे हुई?
कैसे मरा चीता शावक?
दरअसल KNG22 नाम का 19 महीने का चीता, जो निर्वा चीता का शावक है। 25 अक्टूबर को श्योपुर टेरिटोरियल फॉरेस्ट डिवीजन के कंपार्टमेंट नंबर 748 में घायल अवस्था में मिला था। जिसके बाद उसे रेस्क्यू किया गया।
सीटी स्कैन से पता चला कि शरीर के अंदर कई बाहरी चीजें मौजूद थीं, जिनसे उसके आंतरिक अंगों, मांसपेशियों और हड्डियों के ढांचे और तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचा था। आपातकालीन सर्जरी की गई, जिसके दौरान उसके शरीर से बंदूक के पांच छर्रे (पैलेट) निकाले गए। सर्जरी और पशु चिकित्सा टीम के लगातार प्रयासों के बावजूद, नर चीते को बचाया नहीं जा सका।”
जांच समिति क्या करेगी?
राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए पहले ही एक ‘स्पेशल टास्क फोर्स’ का गठन कर दिया था, जिसमें वन विभाग और पुलिस के अधिकारी शामिल हैं। पर्यावरण मंत्रालय ने बताया कि जो नई केंद्रीय टीम है वो राज्य प्रशासन के साथ मिलकर काम करेगी।
मंत्रालय ने कहा, “यह टीम सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन की जांच करेगी, साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अपनाए जा रहे निगरानी और सुरक्षा उपायों का भी जायजा लेगी। केंद्रीय टीम अपनी जांच के नतीजे और सुझाव मंत्रालय को सौंपेगी, जिसके आधार पर राज्य सरकार और मैदानी अधिकारियों को आगे के निर्देश दिए जाएंगे।”
चीतों की संख्या 58 हुई
KNG22 की मौत के बाद, भारत में चीतों की कुल संख्या 58 हो गई है। इनमें से 52 चीते कूनो नेशनल पार्क में, चार गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में और दो वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में हैं।
ज़ाहिर सी बात है बुलेट से चीते की मौत होना निगरानी में हुई चूक की ओर इशारा करता है, अब यह तो जांच के बाद ही सामने आएगा यह असल में किसने और क्यों किया?
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