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कहां कितनी गर्मी, जानिए एक हफ्ते देश में कैसा रहेगा मौसम?

पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी से लेकर भीषण गर्मी में सूखे जलाशयों तक, जानिए आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें।

फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, दिल्ली में ओआरएस बांट रही सरकार, और देश के 13 जलाशयों में पानी 50% से भी कम। जानिए आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें “पर्यावरण आज” पॉडकास्ट के साथ।


मुख्य सुर्खियां

देश में पेट्रोल और डीजल आज से 90 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। एक हफ्ते से भी कम समय में ईंधन के दामों में यह दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले 15 मई को ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।


देश के 13 बड़े जलाशयों में पानी का भंडारण सामान्य क्षमता के 50% से नीचे पहुंच गया है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक कई नदी बेसिनों में तेजी से जलस्तर घट रहा है, जिससे पेयजल, सिंचाई और बिजली उत्पादन पर संकट गहरा सकता है। 


दक्षिण चीन के गुआंगशी क्षेत्र में 5.2 तीव्रता का भूकंप आने से दो लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए हैं। इस आपदा के कारण कई इमारतें ढह गईं और भूस्खलन की वजह से सड़कें बंद हो गई हैं, जिसके बाद 7,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।


दिल्ली सरकार ने भीषण गर्मी और लू से राहत देने के लिए अटल कैंटीनों और रैन बसेरों में रोज़ाना लगभग 25 हजार ORS पैकेट बांटने की शुरुआत की है। यह अभियान 15 जुलाई तक चलेगा ताकि लोगों को डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक से बचाया जा सके। 


मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश की ग्राम पंचायतों में कार्यरत लगभग 5,000 पेसा मोबिलाइजर्स की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया है। सरकार का तर्क है कि इन प्रेरकों की नियुक्ति केंद्र की एक योजना के तहत थी जिसकी अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी है।


मध्य प्रदेश में खरीफ सीजन के लिए 18.26 लाख टन यूरिया की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में केवल 6.40 लाख मीट्रिक टन स्टॉक ही उपलब्ध है। राज्य में यूरिया की भारी खपत और बार-बार होने वाली किल्लत को देखते हुए अब रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक खेती को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।

विस्तृत चर्चा

देश में भीषण गर्मी और लू का कहर

भोपाल के अरेरा हिल्स में तापमान 45.2 डिग्री और खजुराहो में 46.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है। देश के और ख़ास तौर पर उत्तर भारत के अधिकतर शहरों में ऐसे ही हालत हैं। तो देश में कैसा है मौसम बता रहे हैं हमारे असोसिएट एडिटर वाहिद भट।  

इस पॉडकास्ट के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

तापमान के नए रिकॉर्ड: भारत के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। उत्तराखंड का बांदा (Banda) 47.6°C के साथ देश का सबसे गर्म शहर रहा। इसके अलावा पंजाब के कुछ इलाकों में 47°C, जबकि महाराष्ट्र, हरियाणा और राजस्थान में तापमान 46°C तक दर्ज किया गया है। मध्य प्रदेश के 22 शहरों में इस सीजन में पहली बार तापमान 44°C के ऊपर चला गया है।

मौसम का पूर्वानुमान और अलर्ट: मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मध्य भारत में अगले 7 दिनों तक लू का असर बना रहेगा और यह स्थिति 24 मई तक जारी रह सकती है। 19 मई को राजस्थान, उत्तराखंड और पंजाब के कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया, जबकि 21 मई को दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में “गंभीर लू” (Severe Heat) की संभावना जताई गई है।

बारिश और ओलावृष्टि: लू के बीच कुछ राज्यों में राहत की उम्मीद भी है। झारखंड में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जबकि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश और ओले गिरने की आशंका है। असम, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश का अनुमान है।

पानी का संकट और जनजीवन पर प्रभाव: राजस्थान के लगभग 200 गांवों और शहरों में पानी की भारी कमी होने लगी है और बिहार के कुछ इलाकों में भी ऐसी ही स्थिति है। लू को ‘रेड अलर्ट’ की श्रेणी में रखा गया है। लोग गर्मी से बचने के लिए चेहरे ढक कर बाहर निकल रहे हैं और बाजारों में कूलर व पंखों की मांग बहुत बढ़ गई है।

जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य सलाह: विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) की वजह से लू की घटनाएं अधिक तीव्र और लंबी होती जा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दिन के समय बाहर निकलने से बचें, अधिक से अधिक पानी पिएं और सीधी धूप के संपर्क में आने से बचें।

ग्राउंड रिपोर्ट की बात

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Author

Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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