ई-20 पेट्रोल ने बचाए 1.90 लाख करोड़ रूपए, गुजरात बनाएगा एंटी-स्नेक वेनम, खरीफ बोवाई की रफ़्तार बढ़ी मगर तिलहन अब भी पीछे, रीवा में नहीं मिली एम्बुलेंस बिजली गिरने से मौत। जानिए आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें “पर्यावरण आज” पॉडकास्ट के साथ।
मुख्य सुर्खियां
सरकार ने बताया कि भारत ने E20 पेट्रोल के माध्यम से 1.90 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाई है। सरकार ने उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया है जिनमें दावा किया गया था कि भूटान ने भारत के E20 पेट्रोल प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
गुजरात ने राज्य की विशिष्ट सांपों की प्रजातियों के लिए एंटी-स्नेक वेनम बनाना शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य 2030 तक सांप के काटने से होने वाली मौतों को 50% तक कम करना है।
महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। जगह-जगह बाढ़, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कम से कम 8 लोगों की मौत की खबर है।
देश में मानसून की रफ्तार बढ़ने के साथ खरीफ बुवाई में सुधार दिख रहा है और कुल बोया गया रकबा पिछले हफ्ते की तुलना में तेजी से बढ़ा है। हालांकि धान का रकबा अब भी पिछले वर्ष से लगभग 13% कम है, जबकि तिलहनों की बुवाई में करीब 40% की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
मध्य प्रदेश में मूंग की बंपर पैदावार (अनुमानित 18.18 लाख टन) हुई है, लेकिन केंद्र ने केवल 4.55 लाख टन खरीदी का लक्ष्य दिया है। लक्ष्य न बढ़ने पर राज्य सरकार पर 3077 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ आ सकता है।
रीवा जिले में सड़क न होने के कारण एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। बिजली गिरने से घायल महिला को ग्रामीण खाट पर 2 किमी तक ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
विस्तृत चर्चा
आज की चर्चा में हमारे असोसिएट एडिटर वाहिद भट से जानिए स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में कैसे हैं हालात और खरीफ के सीजन में खाद के संकट से कितनी राहत।
देश भर में मानसून से तबाही और मौत
भारत के विभिन्न हिस्सों में मानसून ने व्यापक तबाही मचाई है, जिससे गंभीर मौसम अलर्ट और जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। महाराष्ट्र विशेष रूप से प्रभावित हुआ है, जहाँ भारी बारिश ने सड़क, रेल और हवाई सफर को बाधित कर दिया है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर एक सुरंग के पास बड़े भूस्खलन (landslide) के कारण इस महत्वपूर्ण रास्ते को कई घंटों तक बंद करना पड़ा। लोनावला में 24 घंटों के भीतर 670 मिमी की रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई, जिसे एक असामान्य स्थिति माना गया है।
महाराष्ट्र में मानसून का मानवीय प्रभाव बहुत दुखद रहा है:
पुणे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई जब उनके घर पर पहाड़ी मलबा गिर गया।
अन्य लोग तेज पानी के बहाव में बह गए हैं और दीवार गिरने की कई घटनाएं सामने आई हैं।
मुंबई में भारी जलभराव के कारण ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी है।
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने निवासियों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है, जबकि स्कूल और कॉलेज बंद हैं और निजी कार्यालयों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
स्थानीय ट्रेन सेवाएं, जिन पर रोजाना लाखों लोग निर्भर हैं, काफी प्रभावित हुई हैं।
शेष भारत का हाल
महाराष्ट्र के अलावा अन्य क्षेत्र भी आपातकालीन स्थिति का सामना कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ इलाके में ताज़ा अचानक आई बाढ़ (flash floods) और भूस्खलन ने सड़कों और गाड़ियों को दफन कर दिया है।
भारी बारिश ने हिमाचल प्रदेश में भी जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, जबकि ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश के निवासी भी मौसम की मार झेल रहे हैं। बादल फटने (cloudburst) की आशंका के चलते अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर वरवरी और वीणा जैसे मंदिरों और पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया है।
यहां अब भी मानसून का इंतज़ार
जहां कुछ क्षेत्र अत्यधिक बारिश से जूझ रहे हैं, वहीं दिल्ली और एनसीआर में अभी भी मानसून का इंतज़ार है, हालांकि तापमान में गिरावट शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मानसून अगले एक-दो दिनों में राजधानी तक पहुँच जाएगा, और पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी भारी बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना है। हालांकि यह बारिश फसलों के लिए आवश्यक है, लेकिन कई क्षेत्रों में इसकी तीव्रता अब फायदेमंद के बजाय विनाशकारी साबित हो रही है।
आपदा प्रतिक्रिया दल (Disaster Response Teams) और सरकारी एजेंसियां वर्तमान में प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्यों और मलबे को साफ करने में जुटी हैं। अधिकारियों ने जनता को मौसम के ताज़ा अपडेट पर नज़र रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त सलाह दी है।
ग्राउंड रिपोर्ट की बात
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