दिल्ली में प्रदूषण पर सख्ती, अर्नब के बाद ओडिशा में जल संकट, बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन गोल्स के लिए ‘येरेवन पाथवे’, मध्य प्रदेश में 9 गुना अधिक खाद स्टॉक। जानिए आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें “पर्यावरण आज” पॉडकास्ट के साथ।
प्रमुख ख़बरें
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू प्रतिबंधों के पहले दिन 1,500 से ज्यादा वाहनों को सीमा पर प्रवेश से रोक दिया गया। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर लगभग साढ़े 68 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
चक्रवात अर्नब के बाद ओडिशा के गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों के बाढ़ प्रभावित गांवों में पीने के साफ पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। बाढ़ के पानी में हैंडपंप डूबने और ट्यूबवेल के पानी के दूषित होने से हजारों परिवारों को सुरक्षित पेयजल नहीं मिल पा रहा है।
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में 3.6 तीव्रता का भूकंप आने के बाद घाटी में भूकंप के खतरे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कश्मीर में कई एक्टिव जियोलॉजिकल फॉल्ट हैं। उन्होंने भविष्य में होने वाले नुकसान को कम करने के लिए डिटेल्ड सिस्मिक रिस्क मैपिंग, भूकंप-रोधी इमारतें और आपदा की तैयारी की मांग की है।
आर्मेनिया की राजधानी येरेवन में हुई बायोलॉजिकल डायवर्सिटी पर कॉन्फ्रेंस (COP17) 50 एजेंडा पॉइंट्स पर फैसलों के साथ खत्म हुई। इनमें प्रोटेक्टेड एरिया, फॉरेस्ट बायोडायवर्सिटी, वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट, इनवेसिव स्पीशीज और मरीन इकोलॉजी जैसे मुद्दे शामिल थे। कॉन्फ्रेंस ने 2030 तक बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन गोल्स को पाने के लिए “येरेवन पाथवे” भी बनाया।
दैनिक भास्कर ने अपनी के खबर में दावा किया कि ई-टोकन व्यवस्था बंद होने से मध्य प्रदेश के 15 जिलों में करीब 1.5 लाख किसानों ने 9 गुना तक अधिक खाद खरीद कर स्टॉक कर ली। कृषि विभाग के अनुसार यह कालाबाजारी नहीं है; किसानों ने रबी फसल के लिए नियमानुसार खाद खरीदी है।
विस्तृत चर्चा
चक्रवात ‘अर्नब’ के चार दिन बाद आंध्र प्रदेश पर चक्रवात ‘मुरासु’ (Murasu) का खतरा मंडरा रहा है, जो 3 नवंबर की सुबह आंध्रप्रदेश से टकराएगा। इसके मध्य प्रदेश सहित बाकी राज्यों पर असर के बारे में बता रहे हैं वाहिद भट।
आंध्र की ओर बढ़ रहा तूफान मुरासु
आंध्र प्रदेश में तूफान मुरासु का खतरा बढ़ता जा रहा है। IMD के मुताबिक, 2 नवंबर की सुबह यह एक Severe Cyclonic Storm के रूप में पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में मौजूद था। सुबह 5:30 बजे यह चेन्नई से करीब 200 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व में था। IMD के मुताबिक, यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और 2 नवंबर की देर रात या 3 नवंबर की सुबह नेल्लोर और नरसापुर के बीच आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है, जबकि झोंकों की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
कई जिलों में अलर्ट
आंध्र प्रदेश के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 2 नवंबर को कृष्णा, गुंटूर, बापटला, प्रकाशम और नेल्लोर में रेड अलर्ट है। ईस्ट गोदावरी, वेस्ट गोदावरी, एलुरु, एनटीआर, पलनाडु, तिरुपति और चित्तूर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
IMD ने तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में तेज बारिश की चेतावनी दी है। मछुआरों को 2 से 4 नवंबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अपना दिल्ली दौरा रद्द कर दिया है। उन्होंने सरकारी अधिकारियों को जरूरी तैयारियां करने और प्रभावित इलाकों में राहत व्यवस्था का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। NDRF और SDRF की टीमों के साथ फायर और पेड़ काटने वाली टीमें भी तैनात की गई हैं। लोगों के लिए राहत शिविरों की पहचान भी की गई है।
अन्य राज्यों में असर
तूफान मुरासु का असर तमिलनाडु में भी देखा जा रहा है। चेन्नई और आसपास के जिलों में तेज बारिश की संभावना है। मद्रास विश्वविद्यालय ने 2 नवंबर की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।
ओडिशा में भी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किए गए हैं। इस तूफान का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, 5 नवंबर तक जबलपुर, रीवा, शहडोल और नर्मदापुरम संभागों समेत कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक के साथ तूफान आने की संभावना है।
पिछले 48 घंटों में मध्य प्रदेश के कई संभागों में तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरा है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई शहरों में भी ठंड बढ़ी है। फिलहाल, IMD ने लोगों को मौसम से जुड़े अपडेट पर नजर रखने और सरकारी अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
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