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जानिए मध्य प्रदेश के किसानों के लिए कौन-कौन सी घोषणाएं हुईं

यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-201 है। शनिवार, 25 अप्रैल को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए मध्य प्रदेश में किसानों के लिए कौन-कौन सी नई घोषणाएं की गईं और ग्लोबल वार्मिंग को लेकर कौन-सी नई चेतावनी दी गई है।


मुख्य सुर्खियां

भारत के 10 राज्यों के 36 शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। इसके साथ ही कई शहरों में अल्ट्रावॉयलेट (UV) रेडिएशन का स्तर भी खतरनाक श्रेणी में दर्ज किया गया है।


आईसीएमआर (ICMR) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 68% मौतें कैंसर, हृदय रोग और मधुमेह जैसी गैर-संचारी बीमारियों के कारण हो रही हैं। दिक्कत इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि इन रोगों की निगरानी के लिए एक ठोस राष्ट्रीय प्रणाली की कमी है।


पीक सीजन में भी माउंट एवरेस्ट में चढ़ाई रोक दी गई है। दरअसल खुंबू आइसफॉल में एक विशाल बर्फ के टॉवर के कारण माउंट एवरेस्ट के शिखर तक जाने वाला रास्ता बंद हो गया है।


कीटनाशक उद्योग से जुड़े संगठन क्रॉपलाइफ इंडिया ने सरकार से प्रस्तावित कीटनाशक प्रबंधन विधेयक में 5 वर्ष के डेटा संरक्षण का प्रावधान जोड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि नए कीटनाशकों के पंजीकरण के लिए कंपनियों को सुरक्षा, प्रभाव और पर्यावरण से जुड़े विस्तृत परीक्षण डेटा तैयार करना पड़ता है, लेकिन वर्तमान कानून में इस डेटा की सुरक्षा नहीं है।


मध्य प्रदेश में दूध संग्रहण प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए मोबाइल ऐप शुरू किया जा रहा है। इससे किसानों को दूध की मात्रा, गुणवत्ता और कीमत की जानकारी तुरंत मिल सकेगी।


भोपाल के जिन 21 इलाकों को सात साल पहले अत्यधिक प्रदूषित (हॉटस्पॉट) बताया गया था, वहां आज भी प्रदूषण का स्तर दोगुना बना हुआ है, जबकि इस पर 197 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

विस्तृत चर्चा 

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी और किसान कल्याण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि अब प्रदेश में गेहूं की खरीदी सप्ताह में छह दिन होगी और शनिवार को भी उपार्जन केंद्र खुले रहेंगे।

लक्ष्य में वृद्धि: रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए सरकार ने गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 लाख मेट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मेट्रिक टन कर दिया है। यह फैसला छोटे, मध्यम और बड़े सभी किसानों को अपनी उपज बेचने का समान अवसर प्रदान करेगा।

स्लॉट बुकिंग की सुविधा: किसानों की सुविधा के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है। साथ ही, पूरी स्लॉट बुकिंग को फिर से खोल दिया गया है ताकि कोई भी किसान वंचित न रहे।

सरकार का दृष्टिकोण: मुख्यमंत्री ने इस वर्ष को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में समर्पित किया है। इन फैसलों का मुख्य उद्देश्य उन किसानों को राहत देना है जिन्होंने छोटे और बड़े किसानों के बीच स्लॉट बुकिंग में भेदभाव के आरोप लगाए थे।


वन्यजीव और जलवायु परिवर्तन: एक गंभीर चुनौती

‘नेचर इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन’ जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार यदि तापमान में वृद्धि इसी तरह जारी रही, तो वर्ष 2085 तक पृथ्वी के एक-तिहाई से अधिक जंगली जानवरों के आवास (हैबिटेट) जलवायु परिवर्तन और चरम मौसम की घटनाओं की चपेट में होंगे। यह अध्ययन लगभग 34,000 वर्टीब्रेट प्रजातियों पर केंद्रित था।

शोधकर्ताओं के अनुसार, 2050 तक जानवरों के आवासों पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ेंगे:

हीट वेव्स: 34% आवास इसकी चपेट में होंगे (सबसे व्यापक असर)।

जंगल की आग: 16% आवास प्रभावित होंगे।

सूखा और बाढ़: क्रमशः 8% और 3% आवासों पर इनका प्रभाव पड़ेगा।

प्रभावित क्षेत्र: अमेज़ॅन, ट्रॉपिकल अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट में ये घटनाएं तेजी से बढ़ेंगी।

यदि उत्सर्जन स्तर को नेट जीरो पर लाया जाए, तो इन खतरों को कम किया जा सकता है। भविष्य के संरक्षण प्लान में अगले 10 वर्षों के तापमान परिदृश्य को शामिल करना अनिवार्य है। उदाहरण के तौर पर, असम के काजीरंगा में बाढ़ के कारण जानवरों को पलायन करना पड़ता है, लेकिन वहां बढ़ते हाईवे और होटलों का निर्माण स्थिति को और गंभीर बना रहा है। वन्यजीव संस्थानों को आने वाले समय की भीषण परिस्थितियों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनानी होंगी।

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Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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