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केंद्र सरकार जल जीवन मिशन के खर्च में 60% कटौती कर सकती है  

13 January 2026 Podcast Cover

यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-114 है। मंगलवार, 13 जनवरी को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए जल जीवन मिशन में हो सकने वाली संभावित कटौती और पॉवर प्लांट को नाइटलाइफ़ हब बनाने वाले दिल्ली सरकार के प्लान के बारे में।


मुख्य सुर्खियां

इसरो का PSLV-C62 राकेट सोमवार सुबह लॉन्च होने के 8 मिनट बाद ही असफल हो गया। यह अन्वेषा सहित कुल 16 उपग्रहों को अन्तरिक्ष में ले जा रहा था। अन्वेषा उपग्रह सीमा सुरक्षा से लेकर मिट्टी के प्रकार और खेतों की स्थिति को बताने में भी सक्षम था।


पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के 2 संदिग्ध मामले आए हैं। दोनों ही मरीज़ उत्तरी 24 परगना जिले में एक निजी अस्पताल में काम करते हैं।


सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय कानून, स्वास्थ्य और आयुष मंत्रालयों से उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें एलोपैथिक डॉक्टरों की तरह आयुष डॉक्टरों को भी कानून के तहत ‘रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर’ घोषित करने का निर्देश देने की मांग की गई है।


उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में सर्दी से 2 लोगों की मौत हो गई। यहां के बरेली में सबसे कम 3.8°C तापमान दर्ज किया गया। वहीं राजस्थान के माउंट आबू में -1°C और फतेहपुर में -0.4°C तापमान रहा। 


दिल्ली के लोधी रोड में सबसे कम 3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं सफदरजंग में तीन साल में सबसे कम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 


चाइनीज मांझे को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई नाबालिग चायनीज मांझे से पतंग उड़ाते हुए पकड़ा गया तो उसके परिजनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रविवार को इंदौर में इसके चलते एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।


इंदौर में दूषित पानी के मामले में एक और बुजुर्ग की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब मौत का आंकड़ा 23 हो चुका है।

विस्तृत चर्चा

जल जीवन मिशन: बजट संकट और प्रशासनिक विवाद

आगामी 1 फ़रवरी को देश की वित्तमंत्री अगले वित्तवर्ष के लिए आम बजट पेश करेंगी। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार केंद्र सरकार जल जीवन मिशन के खर्च में लगभग 60% कटौती करने की योजना बना रही है। यह खबर क्या है विस्तार से जानते हैं चंद्र प्रताप तिवारी से।

बजट में कटौती और मंत्रालयों के बीच तनाव: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जल जीवन मिशन का बजट 67,000 करोड़ रुपये से घटाकर मात्र 17,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह कटौती वित्त मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय के बीच बढ़ते तनाव और अविश्वास को दर्शाती है। वित्त मंत्रालय का मानना है कि बिना कैबिनेट विस्तार और पुराने खर्चों के उचित ऑडिट के इतना बड़ा फंड जारी करना जोखिम भरा है।

‘टेंडर प्रीमियम’ और लागत में वृद्धि का विवाद: जून 2022 में नियमों में किए गए एक संशोधन के कारण लागत में भारी बढ़ोतरी हुई। पहले नियम था कि ठेकेदार द्वारा सरकारी अनुमान से अधिक दाम पर टेंडर लाने पर अतिरिक्त राशि केंद्र नहीं देगा, लेकिन बाद में इसे ‘अनुमेय खर्च’ बना दिया गया। 

एक खोजी रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव से 14,000 से अधिक योजनाओं की लागत लगभग 15% बढ़ गई, जिससे ₹16,800 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त बोझ पड़ा। हालांकि सरकारों ने इसके लिए कोविड और यूक्रेन युद्ध को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन वित्त मंत्रालय ने इस बढ़ी हुई लागत पर भरोसा नहीं किया।

जमीनी हकीकत और प्रभाव:
निरीक्षण:
खर्च की सत्यता जांचने के लिए 100 से ज्यादा केंद्रीय निरीक्षण टीमें भेजी गई हैं।

ग्रामीण परिवारों पर असर: भले ही सरकारी कागजों पर 80% कवरेज का दावा किया जा रहा है, लेकिन बचे हुए 20% घर अब भी नल के पानी से वंचित हैं और इस बजट कटौती का सीधा असर उन पर पड़ेगा।

डेटा में विसंगति: टीकमगढ़ और छिंदवाड़ा जैसे क्षेत्रों की जमीनी रिपोर्टों से पता चला है कि सरकारी डैशबोर्ड पर घरों में नल का जल दिख रहा है, जबकि वास्तव में वहां के लोगों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।


राजघाट कोल पावर प्लांट का पुनर्विकास

दिल्ली सरकार के बिजली विभाग ने राजघाट थर्मल पावर प्लांट के बड़े रीडेवलपमेंट का प्रस्ताव दिया है, जो एक दशक से ज़्यादा समय से बंद पड़ा है। इसका मकसद वहां कैफे, कॉन्सर्ट, सूफी नाइट्स और मनोरंजन की जगहों के साथ एक रौनक वाली नाइटलाइफ़ हब बनाना है।

परियोजना की प्रेरणा और वैश्विक उदाहरण: यह योजना दुनिया के चार प्रमुख शहरों के सफल मॉडलों से प्रेरित है: न्यूयॉर्क का हाईलाइन, लंदन का बैटरसी पावर स्टेशन, जर्मनी (एसन) का ज़ॉल्वरिन कोल माइन और टोरंटो का डिस्टिलरी डिस्ट्रिक्ट। विशेष रूप से, जर्मनी के ज़ॉल्वरिन कोल माइन को एक म्यूजियम के साथ यूनेस्को साइट के रूप में विकसित किया गया है, जो इतिहास और आधुनिक तकनीक के मेल का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

इस प्रस्तावित पुनर्विकास में मनोरंजन और शिक्षा का मिश्रण होगा:

मनोरंजन क्षेत्र: यहाँ कैफे, कॉन्सर्ट, सूफी नाइट्स, नाइट मार्केट, वीआर (VR) गेमिंग ज़ोन, लेज़र टैग, एस्केप रूम, मिनी गोल्फ और 50 मीटर का स्काई डेक बनाने की योजना है।

म्यूजियम और तकनीक: प्लांट के एक हिस्से को रेट्रोफिट करके म्यूजियम बनाया जाएगा, जहाँ AR डिस्प्ले और 5D म्यूजियम के जरिए दिल्ली के पावर डेवलपमेंट और भगत सिंह जैसी क्रांतिकारी हस्तियों की यात्रा को दिखाया जाएगा।

परियोजना का उद्देश्य: सरकार का मुख्य लक्ष्य दिल्ली की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना और बेकार पड़ी जमीन का सदुपयोग करना है। इसके अलावा, यह परियोजना नई पीढ़ी को यह समझने में मदद करेगी कि दुनिया कैसे कोयला ऊर्जा से स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) की ओर बढ़ी है।

ग्राउंड रिपोर्ट का डेली इंवायरमेंट न्यूज़ पॉडकास्ट ‘पर्यावरण आज’ Spotify, Amazon Music, Jio Saavn, Apple Podcast, पर फॉलो कीजिए।

Author

Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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