पर्यावरण आज में कुडनकुलम न्यूक्लियर प्लांट डेटा लीक, भारत-UK ट्रेड समझौता, दिल्ली में गोबर से बायोगैस बनाने की योजना, महाराष्ट्र में किसानों के बिजली बिल माफ़, बड़े शहरों में क्लाइमेट चेंज से नींद का नुकसान, और मध्य प्रदेश में सूखे जैसे हालात शामिल हैं। साथ ही, प्रदेश में मूंग किसानों के विरोध प्रदर्शन पर रिपोर्टर अब्दुल वसीम अंसारी से खास बातचीत।
आज की प्रमुख हेडलाईन्स
कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट में डेटा लीक होने की खबरों के बाद, न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) ने बुधवार को कहा कि लीक हुई जानकारी किसी भी न्यूक्लियर सुरक्षा या सिक्योरिटी सिस्टम से जुड़ी नहीं है।
बुधवार को रॉयटर्स ने रिपोर्ट दी कि रैंसमवेयर ग्रुप ‘वर्ल्ड लीक्स’ ने डार्क वेब पर कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट से जुड़ी बताई जा रही फ़ाइलों का एक बड़ा कलेक्शन पब्लिश किया है। रिपोर्ट में कहा गया कि ये दस्तावेज़ 2016 से लेकर 2025 के मध्य तक की अवधि के हैं और इनमें ब्लूप्रिंट, सप्लायर की जानकारी, मीटिंग और निरीक्षण के रिकॉर्ड, उपकरणों की समीक्षा और बीमा पॉलिसी शामिल हैं। ऐसे में प्लांट की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए थे।
भारत-UK कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) बुधवार को लागू हो गया। इस समझौते के तहत, UK में जाने वाले 99 प्रतिशत भारतीय सामान और भारत में आने वाले 90 प्रतिशत UK के सामान पर या तो कोई ड्यूटी नहीं लगेगी या फिर कम टैरिफ लगेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस ट्रेड एग्रीमेंट से किसानों, उद्यमियों और माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) को नई गति मिलेगी, साथ ही कई सेक्टर को UK मार्केट तक “बेहतर पहुंच” मिलेगी।
दिल्ली MCD और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में एक MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसका मकसद दिल्ली में गाय के गोबर का वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल करने के लिए कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाना है।
इस MoU का मकसद मवेशियों के गोबर को यमुना में जाने से रोकना और इसे एक ऐसे संसाधन में बदलना है जिससे कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) बनाई जा सके और जैविक खेती को बढ़ावा मिल सके। आपको बता दें कि दिल्ली में यमुना नदी के आसपास कई डेयरी संचालित होती हैं जिसका वेस्ट नदी में मिलता है। इसे रोकने के लिए यह नवाचार किया जा रहा है।
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के कर्ज माफी की घोषणा के बाद किसानों के बिजली के बकाया बिलों में 48,000 करोड़ रुपये की एकमुश्त माफ़ी की घोषणा की है।
मुख्य मंत्री फडणवीस ने किसानों पर बोझ कम करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता ज़ाहिर करते हुए कहा कि 7 HP तक के एग्रीकल्चरल पंप इस्तेमाल करने वाले किसानों के बिजली के सभी बकाया बिल माफ़ कर दिए जाएंगे।
US-बेस्ड क्लाइमेट एडवोकेसी ग्रुप ‘क्लाइमेट सेंट्रल’ की स्टडी के मुताबिक,भारत के कुछ बड़े शहरों में लोग क्लाइमेट चेंज की वजह से रात के तापमान में हो रही बढ़ोतरी के कारण हर साल 65 से 93 घंटे की नींद खो रहे हैं।
भारत में चेन्नई ऐसा शहर है जहां लोगों की नींद का सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है; यहां के लोग हर साल औसतन 93 घंटे की नींद खो रहे हैं, जिसमें से पांच घंटे का नुकसान सीधे तौर पर क्लाइमेट चेंज की वजह से हो रहा है। स्टडी में बताया गया है कि मुंबई और कोलकाता के लोग हर साल क्रमशः 84 और 80 घंटे की नींद खो रहे हैं।
मध्य प्रदेश में पिछले 7 दिन से भारी बारिश नहीं हुई है। इससे सूखे जैसे हालात बन रहे हैं। जबलपुर समेत प्रदेश के 35 जिले ऐसे हैं, जहां बारिश का आंकड़ा माइनस में है। पूरे पूर्वी हिस्से जबलपुर, रीवा, सागर-शहडोल संभाग में सूखा है, जबकि पश्चिमी हिस्सा यानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल बेहतर स्थिति में है।
मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार- प्रदेश में अब तक 241 मिमी बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश 270.3 मिमी से 11% कम है। दूसरी ओर, पूर्वी हिस्से के जिलों में 24 प्रतिशत पानी कम गिरा है। वहीं, पश्चिमी हिस्से में 2% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
आज की चर्चा
मध्य प्रदेश में मूंग किसानों की क्या हैं मांग?
मध्य प्रदेश में मूंग किसान लगातार सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी, खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने और फसल बीमा की मांगों को लेकर सड़कों पर हैं।
रिपोर्ट- अब्दुल वसीम अंसारी, ग्राउंड रिपोर्ट

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