यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-107 है। सोमवार, 05 जनवरी को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए दिल्ली में रेबीज के नोटिफायबल डिसीज होने से क्या बदलेगा और इंदौर के बाद अब गांधीनगर में भी गंदे पानी से लोग बीमार।
मुख्य सुर्खियां
असम के मोरीगाँव में सोमवार को 5.1 मैग्नीत्यूड का भूकंप दर्ज किया गया। नॉर्थ ईस्ट में बीते 24 घंटे में 3 भूकंप दर्ज किए गए हैं।
अमेरेकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह भारत पर टैरिफ और बढ़ा सकते हैं।
रविवार को भोपाल में साढ़े 16 घंटे तक कोहरा बना रहा। इस दिन शहर का न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री दर्ज किया गया।
देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भारत में 2024-25 में चावल का उत्पादन 150.18 मिलियन टन रहा है जो चीन से ज्यादा है। उनके अनुसार भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन गया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को गोवा में इंडियन कोस्ट गार्ड के जहाज ‘समुद्र प्रताप’ को कमीशन करेंगे। यह भारत के दो पॉल्यूशन कंट्रोल वेसल में से पहला है।
ओडिशा में एक पत्थर की खदान में धमाका होने के बाद शनिवार को 2 मजदूरों की मौत हो गई। बाद में अधिकारीयों ने बताया कि यह खदान लीज पीरियड पूरा होने के बाद भी गैर क़ानूनी रूप से चल रही थी।
दैनिक भास्कर की एक खबर के अनुसार भोपाल प्रदेश का तीसरा ऐसा शहर है जहां गंदे पानी की सबसे ज्यादा शिकायतें आती हैं। मगर इनमें से 26% शिकायतें हल नहीं होती। निगम के पास पानी की सुविधा सुधारने के लिए 334 करोड़ रूपए का बजट है जिसमें से आधा भी खर्च नहीं होता।
विस्तृत चर्चा
दिल्ली में रेबीज को ‘नोटिफायबल डिजीज’ बनाने की पहल
नोटिफायबल डिजीज (Notifiable Disease) का अर्थ: दिल्ली सरकार रेबीज को ‘नोटिफायबल डिजीज’ घोषित करने की तैयारी कर रही है। इसका अर्थ है कि इस बीमारी का कोई भी मामला सामने आने पर स्वास्थ्य अधिकारियों को उसकी रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा। इससे सरकार को बीमारी की निगरानी करने, रिकॉर्ड रखने और प्रभावी कार्ययोजना बनाने में मदद मिलती है। डेंगू, टीबी और कोविड जैसी बीमारियाँ पहले से ही इस सूची में शामिल हैं।
कानूनी ढांचा और अनुपालन: इसे महामारी रोग अधिनियम (Epidemic Diseases Act), 1897 के तहत अधिसूचित किया जाएगा। इसके बाद सभी सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों और क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टरों के लिए भी रेबीज के हर संदिग्ध और पुष्ट मामले की जानकारी तय अधिकारियों को देना अनिवार्य हो जाएगा।
डेटा और हस्तक्षेप: पिछले कुछ समय में डॉग बाइट (कुत्तों के काटने) के मामलों में वृद्धि हुई है। अनिवार्य रिपोर्टिंग से सरकार को सटीक डेटा मिलेगा कि कौन से इलाके अधिक जोखिम में हैं, ताकि वहाँ केंद्रित हस्तक्षेप (focused intervention) किया जा सके।
दिल्ली सरकार का लक्ष्य ‘डॉग मीडिएटेड रेबीज’ से होने वाली मौतों को शून्य (zero) तक लाना है।
तमिलनाडु, सिक्किम और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्य पहले ही रेबीज को नोटिफायबल घोषित कर चुके हैं।
रेबीज के गंभीर मामलों (Category 3) में एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) और इम्यूनोग्लोबुलिन (RIG) दोनों का एक साथ उपयोग आवश्यक होता है। इम्यूनोग्लोबुलिन वायरस को तुरंत निष्क्रिय करता है, जबकि वैक्सीन लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करती है। डेटा उपलब्ध होने से इन दवाओं और टीकों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना आसान हो जाएगा।
दूषित पानी की समस्या: इंदौर और अहमदाबाद का हाल
अहमदाबाद में टाइफाइड का प्रकोप: इंदौर के बाद अब अहमदाबाद के सेक्टर 24, 26, 28 और आदिवाड़ा में दूषित पानी पीने के कारण टाइफाइड के 70 मामलों की पुष्टि हुई है। जाँच में पाया गया है कि हाल ही में बिछाई गई नई वाटर सप्लाई पाइपलाइन में सात लीक (leaks) और कई अन्य गड़बड़ियाँ हैं, जो संक्रमण का कारण बनी हैं।
इंदौर हादसे की वर्तमान स्थिति: इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में नगर निगम अभी तक संक्रमण के मुख्य स्रोत (source of contamination) की पुष्टि नहीं कर पाया है। अधिकारी पुलिस चौकी के पास वाले शौचालय के अलावा अन्य स्रोतों की तलाश कर रहे हैं, क्योंकि हाल ही में लिए गए 5 पानी के सैंपल्स की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
मौतों के आंकड़ों में विसंगति: इंदौर त्रासदी में हुई मौतों की संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। जहाँ हाई कोर्ट में दी गई स्टेटस रिपोर्ट में केवल चार मौतों का उल्लेख है, वहीं मीडिया रिपोर्ट्स में 15 से ज्यादा मामले बताए जा रहे हैं। कुछ मामलों में, जैसे एक 60 वर्षीय महिला की मृत्यु को ‘प्राकृतिक मृत्यु’ बताया गया है, जिससे आधिकारिक पुष्टि बाधित हो रही है।
इन घटनाओं के बाद देश के विभिन्न शहरों में वाटर सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
यह था हमारा डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट। ग्राउंड रिपोर्ट में हम पर्यावरण से जुडी हुई महत्वपूर्ण खबरों को ग्राउंड जीरो से लेकर आते हैं। इस पॉडकास्ट, हमारी वेबसाईट और काम को लेकर आप क्या सोचते हैं यह हमें ज़रूर बताइए। आप shishiragrawl007@gmail.com पर मेल करके, या ट्विटर हैंडल @shishiragrawl पर संपर्क करके अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
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