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नदियों के प्रदूषण पर हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश को क्यों फटकारा  

यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का 82वां एपिसोड है। गुरूवार, 04 दिसंबर को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए मध्य प्रदेश में नदियों का हाल और संसद की ‘पर्यावरणीय चर्चा’।


मुख्य सुर्खियां

अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर ने पहली बार अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (UPF) बनाने वाली 10 बड़ी वैश्विक खाद्य कंपनियों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। आरोप है कि Coca-Cola, PepsiCo, Kellogg, Nestlé और अन्य कंपनियों ने वर्षों तक ऐसे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड तैयार किए जो न केवल अस्वास्थ्यकर हैं बल्कि नशे की तरह आदत बनाने वाले भी हैं। शहर के अटॉर्नी डेविड चिउ ने कहा कि इन कंपनियों को बढ़ते सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट और बढ़ते स्वास्थ्य खर्चों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना जरूरी है।


लोकसभा ने सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल, 2025 को वॉयस वोट से पास कर दिया है। अब GST कंपनसेशन सेस खत्म होने के बाद तंबाकू और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स पर ज़्यादा एक्साइज ड्यूटी लगाई जा सकेगी।


राज्यसभा ने Water (Prevention and Control of Pollution) Amendment Act, 2024 को मणिपुर तक एक्सटेंड करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। यह अमेंडमेंट सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और स्टेट बोर्ड को पेनल्टी कंपाउंडिंग की इजाज़त देता है। इसके साथ ही अब इन बोर्ड्स की शक्तियां और भी बढ़ जाएंगी।


केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने दिल्ली-NCR राज्यों और सिविक बॉडीज़ से दिसंबर तक अपने पॉल्यूशन कंट्रोल एक्शन प्लान 2026 जमा करने को कहा। CAQM गाड़ियों से होने वाले पॉल्यूशन पर एक नई एक्सपर्ट कमिटी बनाएगा। अधिकारियों ने पराली जलाने, इंडस्ट्रियल एमिशन और ट्रैफिक से जुड़े पॉल्यूशन के खिलाफ उपायों का भी रिव्यू किया।


CPCB ने बताया कि NCR में 2,200 से ज़्यादा पॉल्यूशन फैलाने वाली इंडस्ट्रीज़ को एमिशन-मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने के लिए कहा गया है।


देश में कुपोषण के आंकड़ों में सुधार दर्ज हुआ है। अक्टूबर 2022 में स्टंटिंग, वेस्टिंग और अंडरवेट के राष्ट्रीय आंकड़े क्रमशः 39.87%, 8.61% और 19.38% थे, जो अक्टूबर 2025 में घटकर 33.54%, 5.03% और 14.41% रह गए। 


इसी तरह मध्य प्रदेश में भी स्थिति बेहतर हुई है 2022 में स्टंटिंग 52.37%, वेस्टिंग 9.67% और अंडरवेट 32.99% था, जो 2025 में घटकर क्रमशः 36.64%, 8.45% और 23.25% हो गया। 


मध्य प्रदेश में कोल्ड वेव के दूसरे दौर के लौटने की सम्भावना है।पचमढ़ी में एक बार फिर सबसे कम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

विस्तृत चर्चा

नदी के घाटों की स्थिति और प्रदूषण

अटल बिहारी वाजपेई सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (AIGGPA) ने नर्मदा नदी के 861 घाटों का विश्लेषण करवाया था, जो 16 जिलों (जैसे अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला, जबलपुर, आदि) से होकर गुजरते हैं। नर्मदा नदी का लगभग 87% हिस्सा मध्य प्रदेश के इन जिलों से होकर गुजरता है। सर्वेक्षण में सामने आया कि 80% घाटों पर शौचालय नहीं हैं। 76% घाटों पर कचरा प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट) की व्यवस्था नहीं है। महिलाओं के लिए कपड़े बदलने की और शौचालय की व्यवस्था नहीं है। करीब 66% घाटों के पास रासायनिक खेती हो रही है, जिसका रासायनिक पानी नदियों में मिलकर उन्हें प्रदूषित करता है। चर्चा में कहा गया कि घाट तीर्थयात्रियों और मछली पालकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, और घाटों पर इन व्यवस्थाओं का न होना बड़े सवाल खड़े करता है। AIGGPA ने सुझाव दिया कि मॉडल घाटों को विकसित किया जाना चाहिए जहां सभी सुविधाएं, कम से कम वाशरूम उपलब्ध हों। 

नर्मदा प्रदूषण (सीवेज) पर हाई कोर्ट की चिंता:

जबलपुर हाई कोर्ट ने नर्मदा नदी में मिल रहे प्रदूषित जल को लेकर सरकार को फटकार लगाई। जबलपुर शहर से लगभग 174 एमएलडी सीवेज निकलता है। अम्रुत 2.0 प्रोजेक्ट के तहत वहां 13 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STPs) बनाए गए हैं, जिनकी क्षमता 154 एमएलडी है, जबकि 158 एमएलडी को ट्रीट करने की व्यवस्था है। हालांकि, केवल 58 एमएलडी सीवेज ही ट्रीट किया जा रहा है,। बाकी सारा दूषित पानी नदी में मिलाया जा रहा है।

हाई कोर्ट ने नगर निगम और सरकार से नर्मदा में वेस्ट वाटर को मिलने से रोकने के लिए कहा है। यह सुनवाई मीडिया रिपोर्ट के आधार पर लगाई गई एक जनहित याचिका पर हो रही थी।


जल प्रदूषण एक्ट का मणिपुर तक विस्तार

राज्यसभा ने ध्वनि मत से ‘जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण संशोधन अधिनियम 2024’ को मणिपुर तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। डीएमके सांसद पी. विल्सन ने सवाल उठाया कि मणिपुर में फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है, तो क्या केंद्र सरकार के पास यह शक्ति है कि वह कानून को लागू कर सके? केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने जवाब में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 252 के अनुसार, संसद किसी राज्य के लिए कानून बना सकती है यदि दो या उससे अधिक राज्य सहमति देते हैं (जैसे इस संशोधन के लिए राजस्थान और हिमाचल प्रदेश ने पहले सहमति दी थी)।

यह संशोधन जल प्रदूषण से जुड़े कुछ छोटे-मोटे अपराधों को डीक्रिमिनलाइज करता है। इसका उद्देश्य जुर्माने या दंडात्मक कार्रवाई को केवल मौद्रिक (मॉनेटरी) बनाना है, जिससे ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ आसान हो सके। पी. विल्सन ने यह भी मांग की कि मणिपुर में इलेक्शन करवाए जाने चाहिए और दिल्ली से मणिपुर की सरकार नहीं चलाई जानी चाहिए।

यह था हमारा डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट। ग्राउंड रिपोर्ट में हम पर्यावरण से जुडी हुई महत्वपूर्ण खबरों को ग्राउंड जीरो से लेकर आते हैं। इस पॉडकास्ट, हमारी वेबसाईट और काम को लेकर आप क्या सोचते हैं यह हमें ज़रूर बताइए। आप shishiragrawl007@gmail.com पर मेल करके, या ट्विटर हैंडल @shishiragrawl पर संपर्क करके अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

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Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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