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CITES ने भारत में वन्यजीवों के आयात पर क्यों उठाए सवाल?

ग्राउंड रिपोर्ट के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट पर्यावरण आज (5 नवंबर ) के 57वे एपिसोड में हमने देश के प्रमुख अखबारों में छपी पर्यावर्णीय खबरों के साथ हमने दो विषयों पर विस्तार से चर्चा की पहला विषय है कि क्यूँ अंतर्राष्ट्रीय संस्था CITES ने भारत में वन्यजीवों के आदान प्रदान पर सवाल उठाए और क्यों मध्य प्रदेश सरकार नहीं करना चाहती गेहूं और धान की ख़रीदी? इस ऐपिसोड को होस्ट किया है चंद्रप्रताप तिवारी ने और इसे प्रड्यूस किया है हिमांशु नरवरे ने।


हेडलाइंस

छत्तीसगढ़ में भयानक रेल हादसा: छत्तीसगढ़ में सिग्नल मिस होने के कारण एक पैसेंजर ट्रेन मालगाड़ी से टकरा गई। अब तक की जानकारी के अनुसार इस हादसे में कुल 11 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह हादसा सिग्नल नहीं देख पाने के कारण हुआ और राहत तथा बचाव कार्य जारी है।


मेघालय की उमंगोट नदी में कीचड़: मेघालय की प्रसिद्ध साफ-सुथरी उमंगोट नदी अब कीचड़ से भरी नजर आने लगी है। स्थानीय लोग और पर्यटक इससे परेशान हैं। इसका कारण पास में चल रहा सड़क निर्माण कार्य बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह शिलॉन्ग से डॉकी हाईवे अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट के तहत हुए काम की वजह से हुआ है, जिससे नदी की सुंदरता से जुड़ी चिंताएं बढ़ गई हैं।


दिल्ली की फूलों वाली सैर रद्द: दिल्ली की प्रसिद्ध फूलों वाली सैर इस साल रद्द कर दी गई है। यह इसलिए हुआ क्योंकि आयोजक को डीडीए (DDA) की ओर से मंजूरी नहीं मिल पाई है। इस आयोजन में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग मिलकर फूलों की चादर लेकर मेहरौली स्थित कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की दरगाह पर जाते थे।


साइट्स (CITES) संस्था की रिपोर्ट: साइट्स संस्था की एक रिपोर्ट में भारत में वन्य जीव आयात पर रोक लगाने की सलाह दी गई है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जंगली जानवरों को ‘कैप्टिव ब्रीड’ बताकर देश में लाया जा रहा था। जांच के बाद कई जीवों की उत्पत्ति (origin) पर सवाल उठे हैं।


दिल्ली देश के सबसे प्रदूषित शहरों में छठे नंबर पर: एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरए) की रिसर्च में खुलासा हुआ है कि अक्टूबर महीने में दिल्ली देश का छठा सबसे प्रदूषित शहर पाया गया, जहाँ वायु की गुणवत्ता बेहद खराब रही। गाजियाबाद और नोएडा भी इस सूची में सबसे खराब जगहों में शामिल रहे हैं।


मध्य प्रदेश में खतरनाक कप सिरप केस में गिरफ्तारी: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में हुए कोल्ड ड्रिफ्ट कप सिरप मामले में पुलिस ने आरोपी डॉक्टर प्रवीण सोनी की पत्नी को गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि वह सप्लायर से बड़ा कमीशन लेती थीं। यह वही मामला है जिसमें जहरीली दवा पीने की वजह से 20 से अधिक बच्चों की मौत हुई थी।


दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में बड़ा घोटाला: दैनिक भास्कर की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, ग्वालियर में जिला सहकारी बैंक (DCCB) और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से ₹3 करोड़ से अधिक का बारदाना (जूट और प्लास्टिक की बोरियों) घोटाला किया गया है।


चर्चा का सारांश

1. साइट्स (CITES) रिपोर्ट पर चर्चा

भारत को आयात रोकने की सलाह: साइट्स, एक अंतरराष्ट्रीय संस्था जिसका भारत सदस्य है, ने भारत को गोरिल्ला, ओरंगुटान, चिंपांजी और हिम तेंदुए जैसी गंभीर रूप से लुप्तप्राय प्रजातियों का आयात तुरंत बंद करने की सलाह दी है।

कारण और चिंता: साइट्स को लगता है कि भारत सरकार जब तक अवैध पशु व्यापार के खिलाफ सुरक्षा नियमों को सख्त नहीं करती और जिनेवा स्थित साइट्स सचिवालय को संतुष्टि भरा जवाब नहीं देती, तब तक यह व्यापार बंद होना चाहिए।

जाँच और निष्कर्ष: फरवरी में, कई देशों ने गुजरात स्थित ग्रीन जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर (GZRRRC) की सुविधा के लिए जानवरों के आयात में इस्तेमाल किए गए ‘Z कोड’ पर आपत्ति जताई थी। साइट्स की टीम ने सितंबर 2023 में भारत आकर वंतारा और जामनगर के राधा कृष्ण टेंपल एलिफेंट वेलफेयर ट्रस्ट का निरीक्षण किया।

सोर्स कोड में गड़बड़ी: 14 पन्नों की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि परमिट तो लिए गए थे, लेकिन कई आयात नमूनों की उत्पत्ति (Source) और लेनदेन के उद्देश्य (Purpose Code) पर सवाल खड़े हुए हैं। उदाहरण के लिए, बुर्किना फासो के अफ्रीकी हाथी जैसे कई जानवर जो मूल रूप से जंगली (Wild) थे, उन्हें वाणिज्यिक रूप से बेचकर भारत में ‘ज़ू फैसिलिटी’ (Purpose Code Z) के लिए लाया गया। यह भारत के वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के खिलाफ है, जो केवल कैप्टिव (बंदी) पशुओं को ही ज़ू में लाने की अनुमति देता है।

अंतर्राष्ट्रीय दबाव: साइट्स ने भारत से 90 दिनों के अंदर इस गड़बड़ी को ठीक करने और रिपोर्ट सौंपने को कहा है। यह मामला अंतर्राष्ट्रीय जांच (International Scrutiny) के दायरे में आ गया है, खासकर तब जब सुप्रीम कोर्ट ने पहले वंतारा को क्लीन चिट दी थी।

2. मध्य प्रदेश में किसानों के लिए बिजली कटौती का आदेश

नया सरकारी आदेश: मध्य प्रदेश सरकार ने एक आदेश जारी किया है जिसके तहत गांवों में किसानों को 10 घंटे से ज्यादा बिजली नहीं दी जाएगी

कार्रवाई का प्रावधान: यदि 10 घंटे से ज़्यादा बिजली उपलब्ध कराई जाती है, तो निचले स्तर के अधिकारियों (ऑपरेटर से लेकर जूनियर इंजीनियर तक) पर कार्रवाई होगी और उनका वेतन काटा जाएगा

किसानों की समस्या: यह आदेश सिंचाई के मौसम (Irrigation Season) के विपरीत है। चर्चा में बताया गया कि किसानों को पहले ही 10 घंटे भी पूरी बिजली नहीं मिल रही है (जैसे राजगढ़ में 10 घंटों में से 1-2 घंटे ही बिजली मिल पाती है)।

आदेश की कमी: इस आदेश में 10 घंटे की ऊपरी सीमा तो तय की गई है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि न्यूनतम कितनी बिजली देनी अनिवार्य है। यह अधिकारियों के हौसले बुलंद करने वाला है, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ सकती है।

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Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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