ग्राउंड रिपोर्ट के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट ग्राउंड रिपोर्ट में आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा खतरनाक और रेबीज़ से पीड़ित कुत्तों को दयामृत्यु देने के आदेश पर विस्तृत चर्चा के साथ जानेंगे पर्यावरण से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण हेडलाईन्स।
आज की हेडलाईन्स
भारत और नॉर्डिक देशों ने अपने संबंधों को ग्रीन टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप में बदलने पर सहमति व्यक्त की है। इस रणनीतिक साझेदारी का मुख्य फोकस ग्रीन टेक्नोलॉजी और innovation पर रहेगा।
ई-फार्मेसी और ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) ने 20 मई को देशभर में मेडिकल स्टोर बंद रखने का आह्वान किया है। हालांकि, अस्पतालों और सरकारी फार्मेसी से दवाएं ली जा सकेंगी।
दिल्ली-एनसीआर में ट्रांसपोर्टरों ने ग्रीन सेस और बढ़ती सीएनजी कीमतों के विरोध में 3 दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। वहीं ऐप कैब और ऑटो यूनियनों ने बढ़ते खर्चों के कारण किराया बढ़ाने की मांग उठाई है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 1 जून से 15 जून तक “खेत बचाओ अभियान” चलाने की घोषणा की है। अभियान का उद्देश्य मिट्टी की सेहत सुधारना, संतुलित उर्वरक उपयोग बढ़ाना और नकली बीज-कीटनाशकों पर रोक लगाना है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने घरेलू गैस सिलेंडर रिफिल के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग बुकिंग सीमा तय करने के नियम पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में इस नियम को भेदभावपूर्ण बताया गया है।
मध्य प्रदेश में बजट की कमी और नए कार्यों की स्वीकृति न मिलने के कारण जल गंगा संवर्धन अभियान का काम प्रभावित हो रहा है और मजदूरों का पिछले 6 महीनों का भुगतान अटका हुआ है। इस कारण पंचायत स्तर पर पुराने कामों को ही निपटाया जा रहा है।
आवारा कुत्तों को दयामृत्यु देने पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश
चर्चा ग्राउंड रिपोर्ट एडिटर पल्लव जैन के साथ

देश में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और रेबीज के खतरे पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक फैसला सुनाया जिसमें कहा गया कि अगर ज़रुरी हो तो रेबीज़ से पीड़ित, असाध्य रुप से बीमार या ज्यादा आक्रामक और खतरनाक आवारा कुत्तों को दया मृत्यू दी जा सकती है यानी युथनाईज़ किया जा सकता है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के नियमों के तहत पशु चिकित्सकों की जांच औ रिपोर्ट के बाद ही किया जाएगा।
इससे पहले जो सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में भेजने का आदेश दिया गया था उसे भी सुप्रीम कोर्ट ने वापस लेने से इंकार कर दिया।
एक और जो इंपॉर्टैंट बात है वह यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने गरीमा के साथ जीने के मूल्य से भी जोड़ा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहा गया कि व्यक्ति कुत्तों के हमले के डर के बिना स्वतंत्र रुप से जी सके यह उसके गरीमा के साथ जीने के अधिकार में शामिल है। अदालत उस कठोर ज़मीनी हकीकत से आंखे नहीं मूंद सकती जहां बच्चे, बुज़ुर्ग व विदेशी यात्री तक कुत्तों के काटने की घटनाओं का शिकार हुए हैं।
यहां अगर हम आंकड़ों पर नज़र डालें तो स्थिति और स्पष्ट होती है।
नेशनल सेंटर फॉर डिज़ीज कंट्रोल के आंकड़ों के अनुसार देश में साल भर में करीब 37 लाख केस डॉग बाईट के आए। हर दिन औसतन 10 हज़ार से ज्यादा लोग कुत्ते के हमले का शिकार हुए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक रेबीज़ से होने वाले विश्वभर में मौतों में 100 में से 36 भारतीय लोग होते हैं। सबसे ज्यादा शिकार 15 साल से कम उम्र के बच्चे होते हैं।
आपको याद होगा कि पिछली बार जब आवारा कुत्तों को शेल्टर होम भेजने का आदेश आया था तब काफी बवाल हुआ था। क्योंकि देश में शेल्टर होम पर्याप्त नहीं है और उनकी स्थिति भी ठीक नहीं है। तो हमें देखना होगा कि इस बार क्या प्रतिक्रियाएं इस आदेश पर आती हैं।
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