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यूएई के साथ 48 हज़ार करोड़ की डील, जानिए भारत को क्या मिलेगा?

पीएम मोदी का यूएई दौरा, मध्य प्रदेश में डीएमएफ नियमों में बदलाव, और भारत में समय से पहले पहुंचेगा मानसून। जानिए आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें “पर्यावरण आज” पॉडकास्ट के साथ।  मुख्य ...

पीएम मोदी का यूएई दौरा, मध्य प्रदेश में डीएमएफ नियमों में बदलाव, और भारत में समय से पहले पहुंचेगा मानसून। जानिए आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें “पर्यावरण आज” पॉडकास्ट के साथ। 


मुख्य सुर्खियां

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, इस साल मानसून सामान्य से पहले 26 मई तक केरलम पहुंच सकता है। लेकिन अल नीनो के कारण इस वर्ष भीषण गर्मी और कम बारिश होने का खतरा है, जिससे दुनिया भर में सूखे की स्थिति पैदा हो सकती है।


सुप्रीम कोर्ट ने ईंधन बचाने के उद्देश्य से जजों के लिए कारपूलिंग और रजिस्ट्री कर्मचारियों के लिए हफ्ते में दो दिन घर से काम करने (WFH) की मंजूरी दी है। साथ ही, कुछ विशिष्ट दिनों की अदालती कार्यवाहियों को केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।


भारत का पहला सैटेलाइट-टैग किया गया गंगा सॉफ्टशेल कछुआ असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा गया। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र में कछुओं के प्रवास और संरक्षण पर महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। 


`वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने निर्देश दिया है कि जनवरी 2027 से दिल्ली-एनसीआर में केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स का ही पंजीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही, प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए 1 अक्टूबर से बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) के वाहनों को ईंधन नहीं देने का फैसला भी लिया गया है।


हाल ही में बोत्सवाना से मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में लाए गए तीन चीतों को इस साल गुजरात के बन्नी ग्रासलैंड में शिफ्ट किया जाएगा। द प्रिंट की खबर के अनुसार बन्नी केन्या से लगभग चार चीतों के एक नए बैच का स्वागत करने की भी तैयारी कर रहा है, जिनके इस साल के दूसरे हाफ़ में भारत पहुंचने की उम्मीद है।

विस्तृत चर्चा

डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन फंड के नियमों में बदलाव

मध्य प्रदेश सरकार ने माइनिंग प्रभावित इलाकों के विकास के लिए डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। हमारे असोसिएट एडिटर वाहिद भट से जानिए यह क्या होता है और क्या बदलाव किए गए हैं?

डीएमएफ एक विशेष फंड है जिसमें खनन कंपनियां पैसा जमा करती हैं। इस राशि का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों का विकास करना है जहां माइनिंग के कारण पर्यावरण, जल संसाधनों, खेती और स्थानीय निवासियों के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

नई योजना और रणनीतिक बदलाव

लॉन्ग टर्म स्ट्रेटजी: अब फंड का इस्तेमाल बिना किसी योजना के नहीं किया जाएगा। नए नियमों के तहत हर जिले के लिए 5 साल का ‘प्रोस्पेक्टिव प्लान’ बनाना अनिवार्य होगा।

बेसलाइन सर्वे: योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए विशेषज्ञों और शैक्षणिक संस्थानों की मदद से बेसलाइन सर्वे किया जाएगा।

स्थानीय भागीदारी: ग्राम सभा और स्थानीय निकायों को यह बताने का अधिकार होगा कि उनके क्षेत्र में सबसे अधिक किस चीज की आवश्यकता है।

फंड का आवंटन (Fund Allocation) सरकार ने फंड के उपयोग के लिए स्पष्ट प्राथमिकताएं तय की हैं:

उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र (कम से कम 70% फंड): इस हिस्से का उपयोग स्वच्छ पानी, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, आवास और कृषि जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा।

अन्य बुनियादी ढांचा (शेष 30% फंड): यह हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, ऊर्जा और वाटरशेड विकास जैसे कार्यों पर खर्च हो सकेगा।

सीधा प्रभाव क्षेत्र: एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि डीएमएफ फंड का कम से कम 70% पैसा अनिवार्य रूप से उन्हीं इलाकों में खर्च होगा जो खनन से सीधे तौर पर प्रभावित हैं।

पारदर्शिता और जवाबदेही 

फंड के दुरुपयोग को रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पेमेंट सिस्टम में बदलाव किया है। अब सारा भुगतान इलेक्ट्रॉनिक मोड यानी अकाउंट पेई चेक के माध्यम से किया जाएगा।

खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्रदूषण, पानी की कमी और विस्थापन जैसी समस्याएं बहुत पुरानी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन नए नियमों को जमीनी स्तर की जरूरतों को समझकर लागू किया गया, तो यह स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर को सुधारने में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।


भारत यूएई में 48 हज़ार करोड़ का समझौता

प्रधानमंत्री मोदी ढाई घंटे की यात्रा पर संयुक्त अरब अमीरात यूएई पहुंचे और यहां 48 हज़ार करोड़ रुपए के निवेश समझौते हुए हैं। 

यूएई राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ एलपीजी, आयल रिज़र्व, डिफेंस पार्टनरशिप,शिपिंग इनोवेशन सेक्टर में निवेश के अहम करार किये गए हैं साथ ही एलपीजी सप्लाय बढ़ाने लेकर भी समझौता हुआ है। 

कुछ इंपोॉर्टैंट इंवेस्टमेंट को समझें तो गुजरात के वाडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर बनेगा। 

8 एक्सफ्लाॉप सुपर कंप्यूटिंग कल्स्टर बनाने के लिए एग्रीमेंट हुआ है। 

पीएम मोदी ने इस यात्रा के दौरान कहा कि यूएई उनका दूसरा घर है, भारत हर परिस्थिति में यएई के साथ खड़ा रहा है। 

इसके बाद पीएम मोदी नीदरलैंड्स के लिए रवाना हुए अब वो 17 मई तक रहेंगे और वहां से स्वीडन निकलेंगे।

ग्राउंड रिपोर्ट की बात

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Author

Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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