पीएम मोदी की अपील के बाद महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, यूपी में मौसमी घटनाओं में 111 लोगों की मौत, और चार धाम यात्रा में अब तक 38 मौत— जानिए आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें “पर्यावरण आज” पॉडकास्ट के साथ।
मुख्य सुर्खियां
आज से पेट्रोल और डीजल की कीमत 3-3 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दी गई है। दिल्ली में अब पेट्रोल 97.77 रुपए प्रति लीटर में मिलेगा। वहीं डीजल की कीमत 90.67 रुपए प्रति लीटर हो गई है।
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के पहले 26 दिनों में स्वास्थ्य संबंधी कारणों, जैसे ऊंचाई की बीमारी और कार्डियक अरेस्ट से 38 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई है। केदारनाथ धाम में सबसे अधिक 21 मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि अब तक 11.81 लाख से ज्यादा श्रद्धालु इन धामों के दर्शन कर चुके हैं।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) शुक्रवार से सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में हाइड्रोजन से चलने वाली शटल बसों का संचालन शुरू करेगा। यह कदम केंद्र सरकार के ईंधन संरक्षण उपायों का हिस्सा है ताकि सरकारी कर्मचारियों और आगंतुकों के बीच सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देकर निजी वाहनों पर निर्भरता कम की जा सके।
प्याज की कीमतों में गिरावट को देखते हुए केंद्र सरकार ने शुक्रवार से 2 लाख टन प्याज की खरीद शुरू करने का लक्ष्य रखा है। यह खरीद नाफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) द्वारा समान मात्रा में की जाएगी ताकि सरकारी बफर स्टॉक के माध्यम से कीमतों को स्थिर किया जा सके।
मध्य प्रदेश के देवास में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट में 5 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मैग्नीशियम के ओवरडोज और तेज गर्मी के कारण यह भीषण विस्फोट हुआ है।
केन-बेतवा रिवर लिंक परियोजना के निर्माण स्थल पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प के चलते पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। प्रशासन बांध का काम शुरू कराने की कोशिश कर रहा है जबकि प्रदर्शनकारी इसे रोक कर डटे हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में 12 ग्रामीणों को पकड़ा है।
विस्तृत चर्चा
यूपी में मौसम ने ली 111 जानें
उत्तरप्रदेश में आंधी तूफान और भारी बारिश से 26 जिलों में तबाही हुई है, इसमें 111 लोगों की मौत, 72 घायल, और 170 से अधिक पशु मरे हैं। फसलों को भी बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है।
सबसे ज्यादा प्रभावित प्रयागराज जिला रहा जहां 21 लोगों की मौत हो गई।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल रहा जिसमें एक व्यक्ति हवा में कई फीट ऊपर उड़ता दिखाई दे रहा है। यह वीडियो दिल दहला देने वाला था। यह बरेली का है जहां 50 वर्षीय नन्हें अंसारी ने तूफान से बचने के लिए टिन शेड को पकड़ रखा था। लेकिन हवा इतनी तेज़ थी की टिन शेड तो उड़ा ही वो भी उसके साथ हवा में कई फीट ऊपर उड़ गए। यह बताता है कि जो तूफान यूपी में आया उसकी रफ्तार कितनी ज्यादा रही होगी।
क्या कारण रहे?
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस तरह के तूफान गर्मियों के सीज़न में आम होते हैं। लेकिन अगर हवा की रफ्तार की बात की जाए तो वह इतनी अधिक नहीं होती। कई जगहों पर हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा से भी अधिक रही है।
अगर इस तूफान के कारणों की बात करें तो भारत मौसम विभाग के अनुसार, यह गंभीर मौसम राज्य के उत्तर-पश्चिमी हिस्से के निचले वायुमंडल में बने सायक्लोनिक सर्कुलेशन, दक्षिणी राजस्थान से आने वाली पूर्वी हवाओं और मिडिल ट्रोपोस्फीयर में चलने वाली पश्चिमी हवाओं के बीच हुए इंटरएक्शन के कारण बना।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर राहत देने की बात कही है, मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके साथ ही राहत और बचाव का कार्य लगातार किया जा रहा है।
प्रशासनिक लापरवाही का सवाल
भदोही के रामपुर में, तूफ़ान के कारण गंगा घाट पर बना एक पोंटून पुल क्षतिग्रस्त हो गया था और कई लोग गंगा नदी में गिर गए। हालांकि सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम में जो एक बात गौर करने वाली है वो यह है कि जब इतना भयंकर तूफान आने वाला है तो आपने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए क्यों नहीं कहा। क्यों लोग पुलों पर खड़े थे और गंगा नदी के किनारे खड़े थे।
जब आपके पास वेदर फोरकास्ट होता है तो आप लोगों को सूचित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं? हम जानते हैं कि मौसम से इंसान नहीं जीत सकता लेकिन प्रिपेयर्डनेस से कई जाने बचाई जा सकती है। ज़रुरत है कि पब्लिक प्लेसेस पर लोगों को चेतावनी देने के लिए लाउड स्पीकर से घोषणाएं कराई जाए, जहां खतरा हो वहां मौसम को देखते हुए लोगों की एंट्री रोकी जाए।
सेम स्थिति हमने जबलपुर के क्रूज़ हादसे में भी देखी, मौसम खराब होने की जानकारी के बाद भी क्रूज़ नदी में उतार दिया गया और इस लापरवाही ने कई लोगों की जान लेली।
देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल
पूरे देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में ₹3 प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77 प्रति लीटर और डीजल ₹90.67 प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में भी कीमतें बढ़ी हैं।
पश्चिम एशिया में तनाव: कीमतों में इस उछाल की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहा संघर्ष है। इस तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें, जो फरवरी में औसतन $69 प्रति बैरल थीं, अब बढ़कर $113 से $114 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।
तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव: इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी कंपनियों ने लगभग 11 हफ्तों तक दाम नहीं बढ़ाए थे, जिससे वे घाटे में चल रही थीं। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के महंगे होने और बढ़ते आयात बिल (Import Bill) के कारण अब कीमतें बढ़ाना अनिवार्य हो गया था।
आम जनता पर प्रभाव और पैनिक बाइंग: कीमतों के और बढ़ने के डर से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार और उड़ीसा जैसे राज्यों में लोगों ने ‘पैनिक बाइंग’ शुरू कर दी है। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं और लोग अपनी गाड़ियों की टंकियाँ फुल करवा रहे हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ: अप्रैल 2022 के बाद से ईंधन के दाम काफी हद तक स्थिर रहे थे। मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती भी की थी, लेकिन मौजूदा वैश्विक दबाव ने इस राहत को समाप्त कर दिया है।
भविष्य की स्थिति: चर्चा के अनुसार, तेल कंपनियों ने अभी भी वैश्विक कीमतों का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला है। यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और अधिक बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
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