“पर्यावरण आज” में मानसून की कमजोरी, गोवा-दिल्ली में प्रदर्शन, दिल्ली में प्रदूषण, बच्चों पर गर्मी का असर और यूरोप की जंगल की आग जैसी अहम खबरें शामिल हैं।
आज की प्रमुख हेडलाइंस
मानसून कमजोर पड़ा — कुछ समय तक अच्छी बारिश के बाद उत्तर भारत के बड़े हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ गया है, जिससे दिल्ली-NCR और राजस्थान में फिर से गर्मी और उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर, बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। उत्तराखंड में लगातार बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जिससे सड़कें बंद करनी पड़ी हैं।
रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के खिलाफ प्रदर्शन — सोमवार को दिल्ली के जंतर मंतर और गोवा के पणजी में ग्रामीणों ने एक प्रस्तावित लग्ज़री टाउनशिप प्रोजेक्ट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उत्तरी गोवा के बिचोलिम तालुका के करापुर और सरवण गांव के लोग पिछले 100 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण की मांग कर रहे हैं।
थर्मल पावर प्लांट्स से प्रदूषण — दिल्ली-NCR के 300 किलोमीटर के दायरे के 37 थर्मल पावर प्लांट्स में से 20 यूनिट्स तय सीमा से अधिक सल्फर डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कर रही हैं, क्योंकि केंद्र सरकार ने उन्हें ‘फ्लू गैस डिसल्फराइज़ेशन’ तकनीक लगाने से छूट दे रखी है।
‘नया सफ़र योजना’ — ट्रांसपोर्ट मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण कम करने के लिए पुराने ट्रकों और बसों को धीरे-धीरे हटाने की योजना पर काम कर रही है, जिसके तहत टैक्स छूट और अन्य इंसेंटिव देकर BS VI वाहनों और इलेक्ट्रिक ट्रकों को बढ़ावा दिया जाएगा।
बच्चों पर गर्मी का असर — ‘CRY — चाइल्ड राइट्स एंड यू’ की एक नई रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 10 में से 7 बच्चों ने पिछली गर्मियों में गर्मी से जुड़ी दिक्कतों के कारण स्कूल या रोज़मर्रा की गतिविधियां छोड़ीं, जबकि 76 प्रतिशत बच्चों ने कहा कि भीषण गर्मी ने उनके ध्यान लगाने की क्षमता पर असर डाला।
यूरोप में जंगल की आग — सोमवार को जंगल की आग पैरिस शहर के करीब पहुंच गई, जिससे एक अहम हाईवे को बंद करना पड़ा, वहीं स्पेन में जंगल की आग से मरने वालों की संख्या 13 पर पहुंच गई।
आज की चर्चा
मध्य प्रदेश में बारिश पर ब्रेक
अब्दुल वसीम अंसारी, ग्राउंड रिपोर्ट

भोपाल के रिपोर्टर अब्दुल वसीम अंसारी ने बताया कि मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में जुलाई में पहली बार बारिश का आंकड़ा माइनस में पहुंच गया है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार प्रदेश में अब तक सामान्य से तीन प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्सों जबलपुर, शहडोल, सागर और रीवा में सामान्य से सत्रह प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्सों भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल में दस प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पिछले पांच दिनों से किसी भी हिस्से में भारी या अति भारी बारिश नहीं हुई, ज़्यादातर जगहों पर बादल तो छाए रहे लेकिन बरसे नहीं, जिससे आधे से ज़्यादा जिलों में कमी बनी हुई है।
मंगलवार को प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी और मध्य जिलों में तेज धूप रहने का अनुमान है। मानसून को सक्रिय रखने वाली प्रमुख मौसम प्रणालियां फिलहाल कमजोर पड़ चुकी हैं या मध्य प्रदेश से दूर जा चुकी हैं। हालांकि उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक नया ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है, और प्रशांत महासागर में बन रहे तीन नए सिस्टम में से कोई एक भी बंगाल की खाड़ी तक पहुंचा तो मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
ग्राउंड रिपोर्ट की बात
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