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गौमूत्र से कैंसर का इलाज, क्या है वेटेनरी घोटाले का पूरा मामला?

यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-111 है। शुक्रवार, 09 जनवरी को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए मध्य प्रदेश की वेटेनरी यूनीवर्सिटी को आवंटित सरकारी फंड में अनियमितता का मामला और मध्य प्रदेश के कितने शहर ले रहे प्रदूषित हवा में सांस?


मुख्य सुर्खियां

हिमाचल प्रदेश में 66 यात्रियों से भरी बस के खाई में गिरने से 14 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बर्फ और कोहरे के कारण बस ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और यह हादसा हुआ है।


दिल्ली में सड़कों और हवा को सुधारने के लिए प्रदेश सरकार ने 496 करोड़ रूपए आवंटित किए हैं। इसके अलावा यमुना एक्शन प्लान के लिए 180 करोड़ रूपए भी आवंटित किए गए हैं।


उत्तराखंड में फ्यूंली और बुरांश के फूल 2 महिना पहले ही खिलना शुरू हो गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसका कारण सर्दियों में बारिश और बर्फ़बारी न होना है।


मध्य प्रदेश में आज से स्वक्छ जल अभियान की शुरूआत होगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल गुणवत्ता का व्यापक परीक्षण करना है। साथ ही जल आपूर्ति प्रणाली में लीकेज, दूषित जल की पहचान कर समय पर सुधार करना, जिससे जल-जनित बीमारियों से बचाव हो सके।


प्रदेश के लगभग 8 हज़ार किसानों ने यह शिकायत दर्ज करवाई है कि दिसंबर में अपनी सोयाबीन की फसल बेचने के बाद भी उन्हें अब तक भावंतर योजना की राशि नहीं मिली है। 


शुक्रवार को खजुराहो प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा। प्रदेश के 7 जिलों के लिए शीत लहर का अलर्ट जारी किया गया है।

विस्तृत चर्चा

वेटरनरी साइंस यूनिवर्सिटी में वित्तीय अनियमितताएं

प्रोजेक्ट का उद्देश्य और बजट: वर्ष 2011 में जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख वेटरनरी साइंस यूनिवर्सिटी में पंचगव्य (गाय के गोबर, मूत्र और दूध) के माध्यम से गंभीर बीमारियों के इलाज पर शोध करने के लिए एक प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। इस शोध के लिए यूनिवर्सिटी ने ₹8 करोड़ की मांग की थी, जिसमें से राज्य सरकार ने ₹3.5 करोड़ मंजूर किए थे।

जांच में सामने आई गड़बड़ियां: जिला प्रशासन द्वारा की गई जांच में टैक्स पेयर्स के पैसे के भारी दुरुपयोग का खुलासा हुआ है:

अत्यधिक खर्च: वर्ष 2011 और 2018 के बीच बेसिक चीजों (जैसे गोबर, मूत्र, बर्तन और मशीनरी) पर ₹1.92 करोड़ खर्च किए गए, जबकि बाजार में इनकी वास्तविक कीमत केवल ₹15 से ₹20 लाख के बीच है।

अनावश्यक खर्च: रिसर्च टीम ने शोध के नाम पर अलग-अलग शहरों में 23 से 24 बार हवाई यात्राएं कीं और सरकारी पैसे से ₹7.5 लाख की एक गाड़ी भी खरीदी।

प्रशिक्षण का अभाव: योजना के तहत स्थानीय युवाओं और किसानों को प्रशिक्षण दिया जाना था, लेकिन जांच में इसका कोई रिकॉर्ड प्राप्त नहीं हुआ है।

यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि यह सरकारी फंड के बिना सोचे-समझे आवंटन और उसके दुरुपयोग पर सवाल खड़े करता है।


भारत और मध्य प्रदेश में गहराता वायु प्रदूषण

प्रदूषण की राष्ट्रीय स्थिति: ‘सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ (CREA) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वायु प्रदूषण अब केवल सर्दियों या बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक वर्ष भर चलने वाला संकट बन गया है। विश्लेषण किए गए शहरों में से कई शहर 2019 से 2024 तक लगातार पीएम 2.5 (PM 2.5) के राष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन कर रहे हैं। इस सूची में दिल्ली और गाजियाबाद शीर्ष पर हैं।

मध्य प्रदेश में प्रदूषण के चौंकाने वाले आंकड़े: मध्य प्रदेश के संदर्भ में स्थिति काफी विडंबनापूर्ण है:

देश में चौथा स्थान: सर्वाधिक वन क्षेत्र होने के बावजूद, प्रदूषित शहरों के मामले में मध्य प्रदेश देश में चौथे नंबर पर आता है।

प्रभावित शहर: राज्य के 143 शहर पिछले 5 वर्षों से खराब हवा का सामना कर रहे हैं।

प्रदूषण के मुख्य कारण: सिंगरौली, सतना, कटनी और देवास जैसे शहरों में फैक्ट्रियों का धुआं, रोड डस्ट, माइनिंग (खनन) और निर्माण कार्य प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं।नीतिगत विफलता और फंड की कमी: एक बड़ी समस्या यह सामने आई है कि मध्य प्रदेश के इन 143 प्रदूषित शहरों में से अधिकांश को केंद्र सरकार के ‘नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम’ (NCAP) में शामिल ही नहीं किया गया है। इसके कारण, इन शहरों को न तो केंद्र से फंड मिल पा रहा है और न ही प्रदूषण से निपटने के लिए कोई ठोस कार्य योजना बन पा रही है।

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Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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