यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-152 है। बुधवार, 25 फरवरी को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए आंधप्रदेश में मिलावटी दूध कैसे बना 6 मौतों का कारण और देश में कोल्ड वेव के पैटर्न और जियोग्राफी में क्या बदलाव हो रहे?
मुख्य सुर्खियां
केंद्र सरकार की ओर से 2026-27 सीजन के लिए कच्चे जूट का एमएसपी 5,925 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। यह पिछले साल की तुलना में 275 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है।
केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को चना एवं मसूर की खरीद की स्वीकृति, राजस्थान एवं गुजरात को चना एवं सरसों की खरीद की स्वीकृति और महाराष्ट्र को चना की खरीद की स्वीकृति प्रदान की है।
दिल्ली के फारेस्ट डिपार्टमेंट ने इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एप्रन सुविधाओं के विस्तार के लिए 32 पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने की अनुमति दी है, लेकिन किसी भी पेड़ की कटाई पर रोक लगा दी है।
केंद्र सरकार सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए 90 दिनों का विशेष एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाएगी। इस दौरान 14 साल से कम उम्र की लड़कियां सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर मुफ्त में टीका लगवा सकेंगी।
देश के ड्रग रेगुलेटर ने क़रीब 90% कफ सिरप बनाने वाली कंपनियों की जांच पूरी कर ली है। ड्रैग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया ने कहा कि जांच के दौरान नियमों के पालन में कई खामियां मिली हैं।
भोपाल में बड़े तालाब सहित सभी 18 तालाबों से अतिक्रमण हटाने के लिए पहली बार जिला स्तरीय टास्क फ़ोर्स गठित की गई है। बीते दिनों स्थानीय सांसद ने मीटिंग लेकर अधिकारियों को अतिक्रमण न हटा पाने पर फटकार लगाईं थी।
उज्जैन में 2 ग्रीन फील्ड रोड के विरोध में 3 जिलों के 90 गांवों के किसान आज उज्जैन में प्रदर्शन करेंगे।
विस्तृत चर्चा

आंध्र प्रदेश में जहरीले दूध की त्रासदी
घटना का विवरण आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी जिले में एक स्थानीय दूध विक्रेता द्वारा बेचा गया दूध पीने से कई लोग बीमार पड़ गए। 16 फरवरी को विक्रेता ने लगभग 110 परिवारों को दूध बांटा था, जिसके बाद लोगों ने उल्टी, पेट दर्द और किडनी से जुड़ी समस्याओं की शिकायत की।
इस जहरीले दूध के सेवन से कुल 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक 6 साल का बच्चा और एक 58 वर्षीय महिला शामिल है। कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की स्थिति गंभीर है और वे किडनी फेलियर जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
कारण और जांच प्रारंभिक जांच और लैब रिपोर्ट्स की आशंका के अनुसार, डेयरी की कूलर यूनिट में इस्तेमाल होने वाला एथिलीन ग्लाइकॉल (Ethylene Glycol) लीक होकर दूध में मिल गया था। यह पदार्थ मानव शरीर के लिए अत्यंत विषैला होता है।
कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई पुलिस ने दूध बेचने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला कि उसकी डेयरी, वरलक्ष्मी डेयरी, बिना किसी अनुमति के चल रही थी। स्थानीय प्रशासन मरीजों को उचित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने और मामले की औपचारिक जांच में जुटा है।

शीत लहर के पैटर्न और जियोग्राफी में बदलाव
जनवरी और फरवरी 2026 की स्थिति भारत में इस साल सर्दी का पैटर्न काफी अलग रहा है। जनवरी 2026 में पूरे देश में 24 शीत लहर (Cold Wave) और शीत दिवस (Cold Day) की घटनाएं दर्ज की गईं, लेकिन इसके विपरीत फरवरी का महीना पूरी तरह से शीत लहर मुक्त रहा। फरवरी के अंत में तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है।
पिछले पांच सालों में यह पहली बार है जब फरवरी का महीना पूरी तरह से शीत लहर मुक्त रहा है। पिछले वर्षों के आंकड़े इस प्रकार हैं:
2022: फरवरी में 6 दिन शीत लहर दर्ज की गई।
2023: 1 दिन शीत लहर।
2024: 7 दिन शीत लहर।
2025: 5 दिन शीत लहर।
2026: फरवरी में एक भी शीत लहर दर्ज नहीं हुई।
कुल मिलाकर 2026 में 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 26 शीत लहर की घटनाएं दर्ज हुईं, जो पिछले 5 वर्षों में 2023 (21 दिन) के बाद दूसरा सबसे कम रिकॉर्ड है।
शीत लहर और शीत दिवस की परिभाषा स्रोतों के अनुसार, इन स्थितियों को तापमान में गिरावट के आधार पर परिभाषित किया गया है:
कोल्ड डे (Cold Day): जब तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस कम हो जाता है।
गंभीर कोल्ड डे: यदि गिरावट 6.4 डिग्री से अधिक हो।
कोल्ड वेव (Cold Wave): यह रात के तापमान से तय होता है, जब तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री तक गिर जाता है।
गंभीर कोल्ड वेव: जब गिरावट 6.4 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो।
बदलते मौसम के कारण विंटर की तीव्रता कम होने और जल्दी खत्म होने के पीछे कई कारण बताए गए हैं। इस साल विंटर रेनफॉल (शीतकालीन वर्षा) सामान्य से लगभग 56% कम रही है। इसके अलावा, प्रशांत महासागर में वार्म फेज (Warm Phase) विकसित होने और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) का असर भी देखा जा रहा है, जिससे विंटर ड्राई और माइल्ड रहा है।
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