यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-154 है। शुक्रवार, 27 फरवरी को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए राजस्थान में कैसे हो रही है आदिवासियों के डीएनए की तस्करी और होली में कैसा रहेगा मौसम?
मुख्य सुर्खियां
एनजीटी ने गुरुग्राम में बढ़ते अवैध भूजल दोहन पर हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार लगाई। ट्रिब्यूनल ने निर्माण स्थलों, फार्महाउस, उद्योगों व संस्थानों की जांच के आदेश दिए और छह महीने में कार्रवाई पूरी करने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट ने अरावली क्षेत्र में खनन को लेकर पर्यावरण मंत्रालय से 2 हफ्ते में विशेषज्ञ समिति गठित करने को कहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वैध खनन की परिभाषा तय की जाए और अवैध गतिविधियों पर रोक सुनिश्चित की जाए।
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट के एक सेशन के दौरान यह कहा गया कि प्रदूषित हवा में सांस लेने से देश भर में हर साल COVID-19 महामारी के दौरान दर्ज मौतों की तुलना में 16 गुना ज़्यादा मौतें हो रही हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा में सिंगरौली के धिरौली कोल ब्लॉक को लेकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने कहा कि कोल ब्लॉक में बिना भूमि अधिग्रहण किए और मुआवज़ा दिए ही खनन किया जा रहा है।
भोपाल में 3–4 दिनों के भीतर करीब 12 आवारा कुत्तों की मौत से हड़कंप मच गया। उन्हें जहर देने की आशंका जताई गई है, हालांकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कारण स्पष्ट होने की बात कह रही है।
विस्तृत चर्चा
कैसे हुई राजस्थान से डीएनए तस्करी?
एक खोजी रिपोर्ट (investigative report) में यह खुलासा हुआ है कि राजस्थान की कुछ जनजातियों का संवेदनशील जेनेटिक डेटा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध हो गया है।
शोध और डेटा का विवरण: राजस्थान की छह जनजातियों के 600 से अधिक लोगों के रक्त के नमूनों पर एक वैज्ञानिक अध्ययन किया गया था। इसमें उनके जेनेटिक प्रोफाइल, हीमोग्लोबिन वेरिएंट, विशेष एंजाइमों की कमी और अनुवांशिक बीमारियों से जुड़े मार्करों का विश्लेषण किया गया।
डेटा का अमेरिकी कंपनियों तक पहुंचना: यह शोध एक अमेरिकी विश्वविद्यालय से जुड़े वैज्ञानिकों द्वारा किया गया था और इसे एक ओपन-एक्सेस जर्नल में प्रकाशित किया गया। ओपन-एक्सेस होने के कारण यह डेटा पब्लिक डोमेन में आ गया, जिसे कोई भी डाउनलोड कर सकता है, और इस प्रकार यह अमेरिकी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म तक पहुंच गया।
डेटा का उपयोग: इस जेनेटिक डेटा का उपयोग प्रसीजन (Precision) या टारगेटेड दवाएं विकसित करने के लिए किया जा सकता है, क्योंकि यह समुदायों के विशिष्ट जेनेटिक पैटर्न को समझने में मदद करता है।
गोपनीयता और सहमति पर सवाल: रिपोर्ट में सबसे बड़ी चिंता यह जताई गई है कि क्या इस डेटा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा करने के लिए उन समुदायों से पर्याप्त सहमति (Consent) ली गई थी। इसके अलावा, यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्या संबंधित सरकारी एजेंसियों को इस डेटा शेयरिंग की जानकारी थी। जेनेटिक डेटा अत्यंत संवेदनशील होता है, इसलिए इसकी सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर कड़े नियमों की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
दिल्ली में गर्म होली के आसार
दिल्ली में आने वाले दिनों में सामान्य से अधिक गर्मी रहने का अनुमान है, जिससे इस साल की होली पिछले वर्षों की तुलना में अधिक गर्म हो सकती है।
तापमान में वृद्धि और होली का पूर्वानुमान: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री ज्यादा रह सकता है। 4 मार्च (होली) के दिन तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की संभावना है, जबकि आमतौर पर इस समय औसत तापमान 26 डिग्री के आसपास रहता है।
फरवरी महीने का रिकॉर्ड: इस साल फरवरी का महीना काफी गर्म और सूखा रहा है। 16 फरवरी को तापमान 30 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया था, जो पिछले 4 वर्षों में सबसे जल्दी दर्ज की गई इतनी गर्मी थी। पिछले 15 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में 33 डिग्री का स्तर केवल 2021 और 2023 में पार हुआ है।
पश्चिमी विक्षोभ और बारिश की कमी: फिलहाल बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। हालांकि एक हल्का पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करेगा, लेकिन दिल्ली जैसे मैदानी इलाकों में इसका कोई खास असर नहीं होगा। इससे हवाएं कमजोर हो सकती हैं, जिससे दिन की गर्मी और बढ़ सकती है।
रात का तापमान और वायु गुणवत्ता (AQI): रात का तापमान, जो वर्तमान में 12 डिग्री के आसपास है, होली तक बढ़कर 16 से 17 डिग्री हो सकता है। दिल्ली की वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार हुआ है और यह ‘मध्यम’ श्रेणी में आ गई है, लेकिन सप्ताहांत तक इसके फिर से ‘खराब’ (Poor) श्रेणी में जाने की आशंका है।
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