पर्यावरण आज में मध्य प्रदेश की केन-बेतवा परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोप, उत्तराखंड में सड़क चौड़ीकरण हेतु पेड़ों की कटाई का विरोध, आंध्रप्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट से मछुआरों की चिंता, गुजरात में सात शेरों को मैन-ईटर घोषित किया गया, और अमेरिका में परजीवी से फैली दस्त की बीमारी शामिल है। इसके बाद देश भर में मानसून, बाढ़, भूस्खलन और मध्य प्रदेश में सूखे जैसी स्थिति पर होगी विस्तार से चर्चा।
आज की हेडलाईन्स
‘केन बेतवा लिंक परियोजना में भ्रष्टाचार’
मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 44 हज़ार करोड़ की केन बेतवा लिंकिंग परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि 3400 करोड़ रुपए से दौधन बांध का निर्माण कर रही एनसीसी कंपनी ने 60 करोड़ रुपए के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदकर भाजपा को चंदे के रूप में दिए हैं।
साथ ही मुआवज़े की राशि को लेकर भी आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 11 करोड़ रुपए में से 8 करोड़ रुपए उन लोगों को बांट दिए गए जो 1990 में गांव छोड़ चुके थे। मध्य प्रदेश के छतरपुर और पन्ना में केन बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापित मुआवज़ा न मिलने और पुनर्वास न होने के कारण कई महीनों से आंदोलन कर रहे हैं।
सात मोड़ सिक्स लेन रोड का विरोध तेज़
उत्तराखंड के देहरादून जिले के सात मोड़ इलाके में लोग सिक्स लेन प्रोजेक्ट के लिए बड़ी मात्रा में पेड़ों के काटे जाने का विरोध कर रहे हैं।
भनियावाला-जॉली ग्रांट-ऋषिकेश फोर/सिक्स-लेन प्रोजेक्ट के तहत ‘सात मोड़’ इलाके में 4,369 पेड़ काटने की योजना है। इनमें से 754 पेड़ों को दूसरी जगह लगाया जाएगा, जबकि 3,605 पेड़ों को काट दिया जाएगा।
अभी यहां दो लेन सड़क है जो जंगल से होकर गुज़रती है, टूरिज़्म, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी और चार धाम यात्रा की वजह से यहां ट्रैफ़िक बढ़ने की उम्मीद है, इसलिए सड़क को चौड़ा किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि पेड़ों को काटकर सड़क नहीं बनाने देंगे।
काकीनाडा में ग्रीन हायड्रोजन प्रोजेक्ट का विरोध
आंध्रप्रदेश के काकीनाडा में मछुआरे ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। उनको डर है कि एएम ग्रीन द्वारा प्रस्तावित ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स कोस्टल पॉल्यूशन को और बढ़ा सकता है और इससे मछली पकड़ने का उनका काम प्रभावित होगा। यह परियोजना जर्मनी सहित यूरोपीय देशों को निर्यात के लिए ग्रीन हाइड्रोजन और अमोनिया के उत्पादन को बढ़ावा देने के भारत के प्रयासों का हिस्सा है।
स्थानीय मछुआरा समुदाय का कहना है कि मौजूदा उद्योगों ने पहले ही मछली भंडार को समुद्र से और दूर धकेल दिया है, जिससे ईंधन की लागत बढ़ गई है और आय कम हो गई है।
पर्यावरणविदों ने प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने से पहले इकोलॉजिकल इम्पैक्ट की कड़ी निगरानी की मांग की है।
गुजरात में 7 शेर मैन ईटर घोषित
गुजरात में 7 शेरों को मैन ईटर घोषित कर दिया गया है। पिछले महीने शेरों के कम से कम नौ हमलों में छह लोगों की मौत के बाद, गुजरात वन विभाग ने ‘वाइल्डलाइफ़ इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया’ (WII) को शेरों के व्यवहार में संभावित बदलावों और अन्य चीज़ों पर स्टडी करने के काम में शामिल करने का फ़ैसला किया है। इसके लिए लगभग 31 शेरों को पकड़कर दूसरी जगह भेजा गया है, साथ ही सात शेरों को “आदमखोर” घोषित किया गया है, जिसका मतलब है कि उन्हें कैद में ही रखा जाएगा।
एक्सप्लोसिव दस्त से परेशान अमेरिका
दूषित खाने-पीने की चीज़ों में पाया जाने वाला एक बहुत छोटा परजीवी पूरे अमेरिका में गर्मियों के खाने का मज़ा खराब कर रहा है। यह देश के इतिहास में अपनी तरह का सबसे बड़ा आउटब्रेक है। स्वास्थ्य अधिकारियों को अभी तक इसके स्रोत का पता नहीं चला है, हालांकि मिशिगन राज्य, जहां संक्रमण के सबसे ज़्यादा मामले सामने आए हैं, वहां संकेत मिले हैं कि लेट्यूस या सलाद वाली हरी सब्ज़ियां इसकी वजह हो सकती हैं। प्रारंभिक जांच में संक्रमण फैलने की वजह वो टाको बेल आउटलेट बताए जा रहे हैं जहां टाको के साथ लेट्यूस परोसा गया था।
सूखने लगी फसलें
मध्य प्रदेश में मॉनसून ब्रेक की वजह से धान के खेतों में दरारें दिखने लगी हैं तो वहीं सोयाबीन की फसल पानी के अभाव में सूखने लगी है। किसानों का कहना है कि चार दिन और बारिश नहीं हुई तो दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है। मध्य प्रदेश में 55 में से 28 जिलों में सामान्य से 16 से 78 फीसदी कम बारिश हुई है।
ब्रेक के बाद मॉनसून फिर एक्टिव, इन राज्यों में है भारी बारिश अलर्ट
चर्चा वाहिद भट के साथ

बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के सिस्टम और मानसून ट्रफ के कारण देश के लगभग 7% हिस्से में मानसून दोबारा मजबूत हो रहा है।
उत्तर और पूर्वी भारत: मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वी भारत में अगले सात दिनों तक बहुत तेज बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश में भी 20-30 जुलाई के बीच बारिश बढ़ेगी। उत्तर प्रदेश में सरयू नदी खतरे के निशान के करीब है, जिससे 90 गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी लगातार बारिश हो रही है।
पूर्वोत्तर और हिमालयी क्षेत्र: अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश से भूस्खलन और अचानक बाढ़ (flash floods) के कारण स्थिति बहुत चिंताजनक है, जिसके चलते वहां रेड अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को गैर-ज़रूरी यात्रा से बचने को कहा गया है। हिमालयी क्षेत्रों (हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर) में 19 जुलाई से बारिश और बढ़ने का अनुमान है। विशेषज्ञों ने भूस्खलन और बादल फटने के बढ़ते खतरे को देखते हुए लोगों को पहाड़ों की यात्रा टालने की सलाह दी है। अकेले जम्मू-कश्मीर में मानसून के बाद महज़ 15 दिनों में 16 क्लाउडबर्स्ट की घटनाएं सामने आई हैं।
अन्य राज्य: चंडीगढ़ में भारी बारिश से घरों में पानी भर गया है और स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जबकि रायगढ़ में बिजली गिरने से एक महिला की जान चली गई। दक्षिण भारत में, तेलंगाना और हैदराबाद में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट है, जबकि तमिलनाडु में गर्मी (हीट वेव) की चेतावनी दी गई है।
दिल्ली: दिल्ली में यमुना नदी के जलस्तर और मानसून में जलभराव की समस्या को समझने और स्थिति सुधारने के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी और आईआईएसईआर (IISER) भोपाल मिलकर रिसर्च करने वाले हैं।
कुल मिलाकर, मौसम के इस बदलते रुख और लगातार तेज बारिश के कारण आने वाले दिनों में देश के निवासियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
ग्राउंड रिपोर्ट की बात
पर्यावरण सिर्फ खबर नहीं, यह हमारी सांसों का सवाल है। ग्राउंड रिपोर्ट की कोशिश है कि इन मुद्दों को ज़मीनी स्तर पर उठाया जाए और चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनाया जाए। अगर आप पर्यावरण पत्रकारिता को ज़रूरी मानते हैं, तो इस एपिसोड को शेयर करें और हमें अपना फीडबैक भेजें।
ग्राउंड रिपोर्ट का डेली इंवायरमेंट न्यूज़ पॉडकास्ट ‘पर्यावरण आज’ Spotify, Amazon Music, Jio Saavn, Apple Podcast, पर फॉलो कीजिए।






