यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-206 है। शुकवार, 01 मई को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए मध्य प्रदेश के किसानों की राहत राशि के साथ हुए घोटाले और आलू-टमाटर को रोग से बचाने के लिए विकसित किए गए नए वैज्ञानिक उपायों के बारे में।
मुख्य सुर्खियां
जबलपुर के बरगी बांध में भीषण आंधी के कारण 30 यात्रियों से भरा एक क्रूज पलट गया, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 11 लोग देर रात तक लापता रहे। हालांकि दैनिक भास्कर डिजिटल ने 9 मौतों का दावा किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद क्रूज का संचालन किया गया, जिसमें सुरक्षा उपकरणों की कमी और क्षमता से अधिक लोगों के होने की बात सामने आई है।
बेंगलुरु में अप्रैल महीने में अब तक की सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जिसने 2011 का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां बारिश के कारण हुई विभिन्न दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है।
देश में खेतों में नरवाई (पराली) जलाने के कुल मामलों में से 66% अकेले मध्य प्रदेश में दर्ज किए गए हैं, जिसमें विदिशा और रायसेन जिले सबसे ऊपर हैं। सरकार के बायोमास से बिजली बनाने और नरवाई को खाद में बदलने के प्रयास फिलहाल जमीनी स्तर पर प्रभावी साबित नहीं हो पा रहे हैं।
देश के कई हिस्सों में हालिया बारिश से भले ही अस्थायी राहत मिली हो, लेकिन मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि गर्मी के दूसरे भाग में और भी भीषण लू चल सकती है। अल नीनो के प्रभाव के कारण इस वर्ष गर्मी का मौसम लंबा और अधिक कष्टदायक होने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए नई हेल्पलाइन ‘155253’ की शुरुआत की और इसकी प्रभावशीलता जांचने के लिए खुद किसान बनकर कॉल किया। हालांकि, ऑपरेटर द्वारा मुख्यमंत्री के तकनीकी सवालों का जवाब न दे पाने के कारण व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता महसूस की गई।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार मध्य प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की निगरानी के लिए चार स्तरीय ‘मल्टी-टीयर मॉनिटरिंग टास्क फोर्स’ का गठन किया गया है। यह टास्क फोर्स संभाग से लेकर वार्ड स्तर तक कचरा प्रबंधन की जवाबदेही तय करेगी और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करेगी।
विस्तृत चर्चा
श्योपुर बाढ़ राहत राशि में भ्रष्टाचार का मामला
श्योपुर जिले में 2021 की बाढ़ के बाद 2.5 करोड़ रुपये के मुआवजा घोटाले का खुलासा हुआ है।
घोटाले का स्वरूप: यह मुआवजा 960 गरीब किसानों के पुनर्वास के लिए था, लेकिन अधिकारियों ने फर्जी बैंक खातों के जरिए इस राशि का गबन कर लिया। जांच में सामने आया कि लिस्ट में किसानों के नाम तो सही थे, लेकिन उनके बैंक अकाउंट नंबर बदलकर 127 फर्जी खातों में पैसा डाल दिया गया, जिनमें से कुछ पटवारियों के रिश्तेदारों के थे।
शातिराना ढंग: इस घोटाले को पकड़ने से बचने के लिए पैसा किस्तों में (जैसे 500 या 60,000 रुपये) निकाला गया ताकि यह सामान्य लेनदेन जैसा दिखे। 2.5 करोड़ में से केवल 10 लाख रुपये ही असली पीड़ितों तक पहुंच पाए।
मुख्य आरोपी: इस मामले की मुख्य आरोपी तहसीलदार अमिता सिंह तोमर हैं, जो 2019 में केबीसी (KBC) में 50 लाख रुपये जीतने के लिए प्रसिद्ध हुई थीं। उन्हें उनके डिजिटल क्रेडेंशियल का दुरुपयोग करने के आरोप में मार्च 2026 में गिरफ्तार किया गया।
किसानों पर प्रभाव: इस भ्रष्टाचार के कारण बाढ़ पीड़ित आज भी दाने-दाने को मोहताज हैं और गरीबी में जीवन बिता रहे हैं। सरकार ने वसूली तो शुरू की है, लेकिन पीड़ितों को पैसा वापस मिलेगा या नहीं, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है।
पछेती झुलसा से बचाने के लिए नया वैज्ञानिक समाधान
बदलती जलवायु फसलों की बीमारियों को अधिक शक्तिशाली बना रही है। मगर वैज्ञानिकों ने ऐसी कई समस्या का समाधान निकाला है।
पछेती झुलसा की समस्या: आलू और टमाटर की फसलों में लगने वाली यह बीमारी अब जलवायु परिवर्तन के कारण पूरी दुनिया में तेजी से फैल रही है और फसलों के लिए गंभीर खतरा बन गई है।
नया वैज्ञानिक समाधान: भारतीय शोधकर्ताओं के सहयोग से स्वीडन के वैज्ञानिकों ने एक विशेष जैव पेप्टाइड ‘CS5’ विकसित किया है।
CS5 की विशेषता: यह पेप्टाइड सीधे उस जीव (Phytophthora infestans) पर हमला करता है जो इस बीमारी के लिए जिम्मेदार है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह केवल हानिकारक सूक्ष्म जीवों को निशाना बनाता है और पौधों या पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता।
ग्राउंड रिपोर्ट का डेली इंवायरमेंट न्यूज़ पॉडकास्ट ‘पर्यावरण आज’ Spotify, Amazon Music, Jio Saavn, Apple Podcast, पर फॉलो कीजिए।



