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सुप्रीम कोर्ट ने चंबल में सीआरपीएफ तैनात करने की बात क्यों कही?

यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-195 है। शनिवार, 18 अप्रैल को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए वनकर्मी की हत्या के बाद सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कही चंबल में सीआरपीएफ तैनात करने की बात?  


मुख्य सुर्खियां

पश्चिम एशिया (विशेषकर कतर) से गैस आपूर्ति में बाधा आने के कारण भारत अब अफ्रीका और रूस के प्रतिबंधित प्रोजेक्ट्स से गैस लाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, अफ्रीकी देशों से गैस लाना एशियाई आपूर्ति की तुलना में दोगुना महंगा पड़ रहा है।


मध्यप्रदेश में जल्द ही दुनिया की पहली व्यापक ‘स्नेक सेंसस’ शुरू की जाएगी। वन्यजीव संस्थान के सर्वे को मंजूरी मिलने के बाद यह अभियान शुरू होगा।


दिल्ली में इस सीजन के सबसे गर्म दिन (41 डिग्री) के बाद हुई बारिश और गरज के साथ बौछारों ने तापमान में 7-10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट ला दी है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह राहत कम समय के लिए है और आने वाले दिनों में पारा फिर से 41-42 डिग्री तक जा सकता है।


छत्तीसगढ़ के वेदांता पावर प्लांट में हुए बॉयलर ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या 21 हो गई है। जांच में ‘प्राइमरी एयर (PA) फैन’ की विफलता और रख रखाव में लापरवाही के कारण हादसा होने की आशंका जताई गई है।


मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा के दावों के बीच सरकारी आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में लिया गया हर 8वां फूड सैंपल फेल हो रहा है। पिछले एक साल में 13,920 नमूनों में से 1,635 अमानक पाए गए, लेकिन केवल 22 मामलों में ही आपराधिक केस दर्ज किए गए हैं।


मंदसौर के गांधीसागर बैकवाटर में बिजली का करंट छोड़कर अवैध रूप से मछली पकड़ने वाले तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इस अवैध तरीके से शिकार करने के कारण मछलियों के साथ-साथ मगरमच्छों और कछुओं की भी जान जा रही है।

विस्तृत चर्चा 

चंबल में अवैध रेत खनन पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार

मुरैना में एक वनरक्षक की हत्या के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों को कड़ी चेतावनी दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि 11 मई तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वह अपनी असाधारण शक्तियों का उपयोग करते हुए मध्य प्रदेश और राजस्थान में खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा सकता है।

यदि आवश्यकता पड़ी, तो कोर्ट पूरे चंबल क्षेत्र में केंद्रीय अर्धसैनिक बल (CRPF) तैनात करने का आदेश देने के लिए मजबूर होगा।

खनन माफियाओं से निपटने के लिए नई रणनीति

संयुक्त गश्ती दल: जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने तीनों राज्यों को पुलिस और वन विभाग के संयुक्त दल बनाने का निर्देश दिया है।

आधुनिक संसाधन: इन दलों को संगठित और हिंसक माफियाओं का मुकाबला करने के लिए आधुनिक हथियार, सुरक्षात्मक गियर और उन्नत संचार उपकरण प्रदान किए जाएंगे।

अंतरराज्यीय समन्वय: तीनों राज्यों को एक समान स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने को कहा गया है ताकि सीमाओं पर कार्यवाही के दौरान कोई बाधा न आए।

तकनीकी निगरानी और रियल-टाइम ट्रैकिंग

CCTV और वाईफाई: अवैध खनन के रास्तों और नदी के संवेदनशील किनारों पर हाई-रेजोल्यूशन वाईफाई और सक्षम सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनकी लाइव फीड सीधे जिले के एसपी (SP) और डीएफओ (DFO) की निगरानी में रहेगी।

जीपीएस ट्रैकिंग (पायलट प्रोजेक्ट): मुरैना और धौलपुर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर खनन में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर, डंपर, लोडर और ड्रेजर में जीपीएस (GPS) डिवाइस लगाना अनिवार्य होगा, ताकि उनकी रियल-टाइम लोकेशन ट्रैक की जा सके।

सख्त प्रवर्तन और कानूनी कार्यवाही

वाहनों की जब्ती: अवैध खनन में पकड़े गए वाहन और मशीनें तुरंत जब्त की जाएंगी। इन वाहनों को सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बिना रिलीज नहीं किया जा सकेगा।

विस्तृत रिपोर्ट की आवश्यकता: तीनों राज्यों को कोर्ट में ऐसी रिपोर्ट देनी होगी जिसमें कंट्रोल रूम की स्थापना, सीसीटीवी की स्थिति, लाइव फीड की निगरानी और फील्ड में काम करने वाली एजेंसियों के समन्वय का पूरा विवरण हो।

सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है, अन्यथा कोर्ट कड़े कदम उठाने के लिए पूरी तरह सक्षम है।

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Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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