आज के पॉडकास्ट में बात करेंगे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में इंदौर दूषित पानी मामले में हुई सुनवाई पर और ग्राउंड पर मौजूद हमारे रिपोर्टर शिशिर अग्रवाल से जानेंगे भागीरथपुरा का मौजूदा हाल।
मुख्य सुर्खियां
मध्य प्रदेश बजट पर संकट के बादल: दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य का 4.21 लाख करोड़ का बजट पहली बार घाटे में जा रहा है, क्योंकि अधिकांश धनराशि मुफ्त योजनाओं में खर्च हो रही है, जिसके चलते सड़क, पानी और मेट्रो जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर रोक लगा दी गई है।
दिल्ली में शीतलहर और प्रदूषण का डबल अटैक: दिल्ली में साल की पहली शीतलहर (Cold Wave) के कारण तापमान 6 डिग्री तक गिर गया है और AQI 360 तक पहुँचने से हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है; एहतियात के तौर पर नोएडा के स्कूल 10 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। शिमला और मनाली में बर्फबारी की चेतावनी: मौसम विभाग (IMD) ने पहाड़ों पर बर्फबारी की भविष्यवाणी करते हुए येलो अलर्ट जारी किया है और इस दिशा में यात्रा करने वाले पर्यटकों को आईएमडी की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है।
इंदौर की वाटर रैंकिंग और हाईकोर्ट का हस्तक्षेप: पेयजल सर्वेक्षण में 7 साल तक टॉप पर रहने वाले इंदौर की सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक न होने और अवार्ड कैंसिल होने पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है और प्रशासन से पानी की गुणवत्ता पर फ्रेश रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
इंडोनेशिया में कुदरत का कहर: भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन (Landslide) से इंडोनेशिया में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 148 घर तबाह हो गए हैं और बिजली व फोन नेटवर्क ठप होने से राहत कार्य प्रभावित हो रहा है।
ओडिशा में वन भूमि घोटाला उजागर: जाजपुर में वीसीआई केमिकल इंडस्ट्री ने आयरन इंडस्ट्री के नाम पर मिली जमीन पर अवैध रूप से कोल टायर प्लांट लगा दिया और 400 पेड़ काट दिए; जॉइंट कमेटी की रिपोर्ट के बाद अब काम दोबारा शुरू करने के लिए फ्रेश अप्रूवल की शर्त रखी गई है
भागीरथपुरी जल त्रासदी पर हाईकोर्ट की फटकार: दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में कोर्ट ने सरकार के रिस्पांस को ‘असंवेदनशील’ करार देते हुए मुख्य सचिव को समन किया है और पीड़ितों को मुआवजा, साफ पानी और मेडिकल चेकअप सुनिश्चित करने के साथ दोषी अफसरों पर कार्रवाई का आदेश दिया है।
विस्तृत चर्चा
इंदौर दूषित जल संकट: हाईकोर्ट ने सरकार को घेरा
हाईकोर्ट की फटकार और सख्त रुख: पल्लव जैन ने बताया कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों और बीमारी के मामले में राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है,। कोर्ट ने सरकार द्वारा 2 जनवरी को दाखिल की गई पिछली स्टेटस रिपोर्ट को “असंवेदनशील” करार दिया और नई रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
मुख्य सचिव को समन: जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी की बेंच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन को 15 जनवरी को वर्चुअली पेश होने के लिए समन किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्वच्छ पानी मिलना अनुच्छेद 21 के तहत लोगों का मौलिक अधिकार है और इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता। पूरे राज्य की समस्या: कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि सुरक्षित पानी की समस्या केवल इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य की है। अदालत ने कई बिंदुओं पर पानी की जांच करने और खराब पाइपलाइनों को तुरंत बदलने के निर्देश दिए हैं। गंभीर स्वास्थ्य संकट: भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 421 लोग बीमार हो चुके हैं, जिनमें से 110 लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। पानी की जांच में साल्मोनेला, विब्रियो कोलेरा और ई कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं।
जारी है संकट: रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को भी 38 नए लोग बीमार हुए हैं, जिसका अर्थ है कि पानी की आपूर्ति की समस्या अभी तक हल नहीं हुई है। याचिकाकर्ताओं का यह भी आरोप है कि वर्तमान में टैंकरों के माध्यम से जो पानी पहुंचाया जा रहा है, वह भी दूषित है। इस पूरी स्थिति को एक खतरनाक स्वास्थ्य आपातकाल के रूप में देखा जा सकता है, जहाँ प्रशासन की लापरवाही के कारण लोगों के जीवन के अधिकार का उल्लंघन हो रहा है।
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