पर्यावरण आज | दिल्ली में यमुना रिवरफ्रंट से बाढ़ के खतरे पर पर्यावरणविदों की चेतावनी, यूरोप के डेटा सेंटर्स में प्रवासी मज़दूरों के शोषण का खुलासा, दिल्ली-एनसीआर में दीवाली पर ग्रीन पटाखों की सीमित अनुमति, कान्हा टाइगर रिज़र्व में 11 बाघों की मौत पर हाईकोर्ट की चिंता और कश्मीर में केसर की कटाई की शुरुआत और चर्चा करेंगे वाहिद भट से दिल्ली के प्रदूषण पर।
पर्यावरण की प्रमुख खबरें
यमुना रिवरफ्रंट से बढ़ेगा बाढ़ का खतरा
दिल्ली में यमुना नदी पर प्रस्तावित 52 किलोमीटर लंबे रिवरफ्रंट पर पर्यावरणविदों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यमुना के फ्लडप्लेन पर और निर्माण हुआ तो बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा।
यूरोप के डेटा सेंटर्स में अमानवीय हालात
यूरोप के डेटा सेंटर्स में काम कर रहे प्रवासी मज़दूरों की सुरक्षा और अधिकारों पर गंभीर सवाल उठे हैं। करंट लगने और बीमार पड़ने के बाद भी उनसे अमानवीय तरीके से काम कराया जा रहा है। यह बात इन्वेस्टिगेट यूरोप और द गार्जियन की साझा पड़ताल में सामने आई है।
ग्रीन पटाखों को अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में 7 और 8 नवंबर को ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति दी है। दीवाली के अगले दिन, यानी 9 नवंबर से पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। कोर्ट ने यह फैसला लोगों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया है।
कान्हा में बाघों की मौत
मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिज़र्व में अप्रैल से अक्टूबर के बीच 11 बाघों की मौत हुई है। इनमें से 8 की मौत का कारण कैनाइन डिस्टेंपर वायरस पाया गया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस पर चिंता जताई है।
कश्मीर में केसर की तुड़ाई शुरू
कश्मीर में केसर की तुड़ाई शुरू हो गई है। फूलों से खेत नीले दिखाई दे रहे हैं। इन फूलों को तोड़कर इनसे केसर के रेशे अलग किए जाएंगे।
आज की चर्चा
दिल्ली में AQI 300 पार
वाहिद भट, ग्राउंड रिपोर्ट
दिल्ली में दिवाली से कुछ दिन पहले हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। मंगलवार सुबह राजधानी के बड़े हिस्से में घनी धुंध छाई रही। सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 331 दर्ज किया गया, जो “बेहद खराब” (Very Poor) श्रेणी में आता है।
सोमवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 324 रहा, जो पिछले 271 दिनों का सबसे खराब स्तर था। रविवार को यह 261 था, जबकि शुक्रवार को सिर्फ 60 दर्ज किया गया था, जब हवा “संतोषजनक” (Satisfactory) श्रेणी में थी।
दिल्ली के 59 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 58 के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार सुबह 8 स्टेशन “गंभीर” (Severe) श्रेणी में पहुंच गए। इनमें बवाना, नरेला और पंजाबी बाग शामिल हैं। वहीं, सिर्फ मैदानगढ़ी के IGNOU इलाके का स्टेशन “मध्यम” (Moderate) श्रेणी में रहा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, AQI 301 से 400 के बीच “बेहद खराब” और 401 से 500 के बीच “गंभीर” श्रेणी में माना जाता है। CPCB के आंकड़ों में 58 में से 53 स्टेशनों पर PM2.5 मुख्य प्रदूषक रहा, जबकि बाकी पांच स्टेशनों पर PM10 सबसे बड़ा प्रदूषक था।
इस बीच, NASA के सैटेलाइट डेटा में 1 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की 1,561 घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें पंजाब की 1,406 और हरियाणा की 155 घटनाएं शामिल हैं। अकेले 2 नवंबर को 167 घटनाएं दर्ज हुईं। पिछले साल इसी अवधि में सैटेलाइट डेटा ने 2,068 घटनाएं दर्ज की थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, पराली जलाने का समय हर साल देर शाम की ओर खिसक रहा है, इसलिए सैटेलाइट डेटा में सभी घटनाएं दर्ज नहीं हो पातीं।
दिल्ली-NCR में बिगड़ती हवा को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने सोमवार को GRAP का स्टेज 2 लागू कर दिया। इसके तहत दिल्ली और NCR के कुछ जिलों, जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में सरकारी और नगर निगम कर्मचारियों के दफ्तरों के समय अलग-अलग रखने के निर्देश दिए गए हैं।
निजी वाहनों का इस्तेमाल घटाने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाने के कदम भी शामिल हैं। साथ ही, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) को सुरक्षाकर्मियों के लिए इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि उन्हें खुले में आग न जलानी पड़े।
दिवाली से पहले दिल्ली की हवा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर किस दिशा में जाएगा, इस पर सबकी नजर रहेगी।
ग्राउंड रिपोर्ट की बात
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