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चना के दाम को लेकर किसानों का चक्का जाम, मंडी कर्मचारियों को कमरे में किया बंद

khargone farmer protest

कृषि उपज मंडी में डॉलर चना फसल के उचित मूल्य नहीं मिलने से नाराज किसानों ने खरगोन में जम कर प्रदर्शन किया। किसानों ने यहां सोमवार, 2 मार्च को स्थानीय बावड़ी बस स्टैंड स्थित चित्तौड़ भुसावल एवं खंडवा–बड़ौदा नेशनल हाइवे पर चक्का जाम किया। किसानों का आरोप है कि मंडी में चना का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का यह प्रदर्शन एक से अधिक बार हुआ। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान मंडी परिसर में एकत्र हुए और नारेबाजी की।

आक्रोशित किसानों ने मंडी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मंडी के कुछ कर्मचारियों को कमरे में बंद कर दिया। किसानों का कहना था कि जब तक उन्हें उनकी उपज का उचित दाम देने का आश्वासन नहीं मिलेगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

मछलगांव के किसान जितेंद्र समडिया ने बताया कि उन्होंने 7 एकड़ में डॉलर चना लगाया था। करीब 40 क्विंटल उत्पादन हुआ, लेकिन सिर्फ 7800 रुपए प्रति क्विंटल का भाव मिला। उनका कहना है कि कम से कम 10 हजार रुपए प्रति क्विंटल भाव मिलना चाहिए, तभी किसानों को सही मुनाफा मिल पाएगा।

किसान राजेंद्र कुमार पाटीदार का कहना है कि तीन-तीन दिनों से नंबर लगे हैं, लेकिन उचित भाव नहीं मिल रहा। “मंडी में 8500 से 8700 का भाव बताया जा रहा है, लेकिन व्यापारी 7100 से 7300 में सौदा कर रहे हैं।ना पानी की व्यवस्था, ना बैठने की जगह है। किसान धूप में खड़े परेशान हैं।”

किसान देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि फसल का सही दाम 12 हजार रुपए प्रति क्विंटल होना चाहिए, लेकिन 5 से 7 हजार में खरीद हो रही है। उनका सवाल है कि, “अगर कहीं युद्ध चल रहा है तो उसका बोझ किसान क्यों उठाए?”

प्रदर्शन के कारण हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यातायात बाधित होने से राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही टीआई बीएल मंडलोई पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर उन्हें शांत करने की कोशिश की।

करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन द्वारा किसानों को उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। एसडीएम और मंडी के भारसाधक अधिकारी वीरेंद्र कटारे ने किसानों से बात करते हुए कहा कि किसानों की मांगों को सुना जाएगा। इधर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित बताते हुए कहा कि कानून व्यवस्था पूरी तरह से सामान्य है।

जमानिया के देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि डालर चने का भाव 7000 रुपए क्विंटल से कम मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापारियों ने युद्ध का हवाला देकर यह भाव देने की बात कही। वह कहते हैं कि, “युद्ध तो अभी शुरू हुआ जबकि कम भाव पहले से मिल रहे हैं। 1 दिन में एक से डेढ़ हजार रुपए प्रति क्विंटल तक भाव कम हुआ है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।”

किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही चना का उचित समर्थन मूल्य सुनिश्चित नहीं किया गया तो वे आगे बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

इस मामले में मंडी प्रभारी अधिकारी रामचंद्र भास्करे ने बताया कि किसानों ने भाव कम मिलने का आरोप लगाते हुए मंडी में नीलामी रुकवा दी थी। मंडी में करीब 500 वाहनों की आवक हुई थी। नीलामी रुकने से करीब 300 वाहन मंडी में ही रह गए थे। इन वाहनों की मंगलवार को नीलामी की गई। गौरतलब है कि पिछले साल खरगोन मंडी में 2 लाख 11 हजार क्विंटल डॉलर चने की आवक हुई थी।

वहीं चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष और मंडी व्यापारी कैलाश अग्रवाल ने कहा कि डॉलर चने का निर्यात अरब देशों में होता है।
युद्ध के कारण कई सौदे रद्द या अटक गए हैं, जिससे भाव पर असर पड़ा है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि फिलहाल उपज का भंडारण करें और जब परिस्थितियां अनुकूल हों, तब बिक्री करें।

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  • A journalist with over 16 years of experience in the field. Has served as Bureau Chief at Nai Duniya and Patrika, and has also worked with Raj Express, BSTV, and Punjab Kesari. Author of two poetry collections and one travelogue.

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