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अरुणाचल प्रदेश बाढ़ की चपेट में, असम में भी अलर्ट जारी

अरुणाचल की बाढ़ से लेकर मप्र के किसानों के प्रदर्शन तक जानिए आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें “पर्यावरण आज” पॉडकास्ट के साथ

वेनेजुएला भूकंप में 39000 लोग लापता, सड़क सुरक्षा के लिए लापरवाह राज्य, दिल्ली के प्रदूषण के लिए एआई की मदद, मप्र में किसानों का प्रदर्शन। जानिए आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें “पर्यावरण आज” पॉडकास्ट के साथ।


मुख्य सुर्खियां

वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों के कारण हजारों लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अब तक 188 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 125 वर्षों की सबसे भीषण आपदा में 39,000 से अधिक लोग लापता हैं।


सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को सड़क सुरक्षा सुधारने के लिए 5 मुख्य उपाय लागू करने का निर्देश दिया था, लेकिन आंकड़ों से पता चलता है कि शायद ही किसी राज्य ने इन्हें पूरी तरह अपनाया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में होने वाली कुल सड़क दुर्घटनाओं में से दो-तिहाई मौतें केवल 8 प्रमुख राज्यों में हो रही हैं।


दिल्ली में वायु प्रदूषण के पूर्वानुमान को अधिक सटीक बनाने के लिए आईआईटी-कानपुर और दिल्ली पर्यावरण विभाग के बीच एक समझौता हुआ है। इसके तहत एक नया एआई-आधारित सिस्टम (AQDSS) विकसित किया जा रहा है जो प्रदूषण के हॉटस्पॉट की पहचान करेगा और अधिकारियों को समय रहते कार्रवाई करने में मदद करेगा।


केंद्र सरकार ने नकली और घटिया दवाओं की बिक्री रोकने के लिए ‘क्यूआर कोड ट्रैक-एंड-ट्रेस’ व्यवस्था का विस्तार किया है। अब सभी टीकों, कैंसर रोधी दवाओं और नशीली दवाओं पर बार कोड या क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य होगा ताकि उनकी प्रामाणिकता सुनिश्चित की जा सके।


मानसून ने मध्य प्रदेश के तीन जिलों में प्रवेश तो कर लिया है, लेकिन फिलहाल इसकी गति धीमी पड़ गई है और इसे भोपाल पहुंचने में अभी 48 घंटे लग सकते हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।


खाद की किल्लत, डीजल की बढ़ती कीमतों और खरीदी व्यवस्था में खामियों के विरोध में नर्मदापुरम के किसानों ने 4 किलोमीटर लंबी ट्रैक्टर रैली निकाली। किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो वे भोपाल में बड़ा आंदोलन करेंगे।

विस्तृत चर्चा

आज की चर्चा में हमारे असोसिएट एडिटर वाहिद भट बताएंगे अरुणाचल प्रदेश में आई बाढ़ का अब तक का पूरा अपडेट।

Arunachal Pradesh Flood

अरुणाचल प्रदेश में अचानक बाढ़ की त्रासदी

24 जून की सुबह, अरुणाचल प्रदेश के पान्योर (Panior) जिले के पोसा और यज़ाली क्षेत्रों में अचानक आई भीषण बाढ़ (Flash Flood) ने भारी तबाही मचाई। पहाड़ों से आए पानी के अचानक सैलाब ने देखते ही देखते नेपको कॉलोनी (Nepco Colony) के कई घरों और वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया।

इस त्रासदी में जान-माल का काफी नुकसान हुआ है:

एक व्यक्ति की मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है।

चार लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

कम से कम 17 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है।

एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय प्रशासन द्वारा बचाव और राहत अभियान लगातार चलाया जा रहा है।

दुर्घटना के कारणों की जांच

शुरुआत में बादल फटने (Cloudburst) या रंगा नदी बांध (Ranganadi dam) के गेट खोलने को लेकर कई तरह की अफवाहें थीं, लेकिन जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं:

मौसम विभाग का डेटा: भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में इस क्षेत्र में 73 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो बादल फटने की आधिकारिक परिभाषा (एक घंटे में 100 मिमी बारिश) से कम है।

बांध संबंधी स्थिति: स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी बांध के गेट से नहीं बल्कि एक छोटे पहाड़ी नाले से आया जिसे पोसा नदी कहा जाता है। इसके अलावा, नेपको कॉलोनी बांध के गेट के ऊपरी हिस्से में स्थित है, इसलिए गेट खोलने से वहां इतनी तबाही होना संभव नहीं माना जा रहा है।

भूगर्भीय और अन्य सिद्धांत: भूविज्ञानियों (Geologists) का मानना है कि पहाड़ों के ऊपरी हिस्से में भूस्खलन (Landslide) के कारण किसी छोटे नाले का रास्ता बंद हो गया होगा, जिससे वहां पानी जमा होकर एक प्राकृतिक बांध बन गया। जब यह प्राकृतिक रुकावट टूटी, तो पानी का एक बड़ा सैलाब नीचे की ओर आया। कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि नदियों के प्राकृतिक बहाव में बदलाव और जलविद्युत परियोजनाओं (Hydropower projects) के कारण भी ऐसी आपदाओं की तीव्रता बढ़ सकती है।

क्षेत्रीय प्रभाव और चेतावनी

इस आपदा के बाद असम में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है, क्योंकि अरुणाचल प्रदेश की नदियां असम के जिलों में प्रवेश करती हैं, जिससे वहां भी अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

आईएमडी ने अगले एक सप्ताह तक पूरे उत्तर-पूर्व क्षेत्र (अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा) में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भूस्खलन और सड़कों के बंद होने का खतरा अभी भी बना हुआ है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे नदियों के पास न जाएं, आधिकारिक मौसम अपडेट का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।

ग्राउंड रिपोर्ट की बात

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Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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