यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-151 है। मंगलवार, 24 फरवरी को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए मध्य प्रदेश में किसानों के लिए क्या-क्या घोषणा हुई और एनजीटी ने भोपाल से क्यों मांगा क्लीन एयर प्रोग्राम के फंड का हिसाब?
मुख्य सुर्खियां
झारखंड से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस चतरा में क्रैश हो गई। प्लेन में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई।
आंध्रप्रदेश में मिलावटी दूध के चलते गुर्दे फेल होने के कारण 4 लोगों की मौत हो गई। वहीं 12 लोगों को डायलिसिस के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इसी बीच मध्य प्रदेश के आष्टा में एक फैक्ट्री से 792 किलो नकली घी बरामद हुआ है।
कोयला आधारित उद्योगों को दिल्ली-एनसीआर से शिफ्ट करने के प्रस्ताव पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने उत्तरप्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सरकारों को एनसीआर में स्थित कोयला उद्योग से जुड़े हुए हितधारकों से आपत्तियां और सुझाव मंगवाने का निर्देश दिया है।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बजट सत्र में NHPC द्वारा संचालित जलविद्युत परियोजनाओं को राज्य सरकार को वापस सौंपने की मांग पर चर्चा होगी। यह प्रस्ताव लंबे समय से स्थानीय संसाधनों पर नियंत्रण की राजनीतिक मांग को बल देने वाला माना जा रहा है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सोमवार को रायसेन के हलाली डैम के पास 5 दुर्लभ प्रजाति के गिद्धों को रिलीज़ किया। इससे पहले भी यहाँ से कुछ गिद्ध रिलीज किए गए थे जो बहुत दिनों तक जीवित नहीं रह सके थे।
मध्य प्रदेश में लो-प्रेशर एरिया और एक ट्रफ की वजह से फरवरी में चौथी बार बारिश हुई। शिवपुरी में भारी ओलावृष्टि और बारिश के चलते सरसों, चना, गेहूं और टमाटर की खड़ी फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
विस्तृत चर्चा
मध्यप्रदेश में कृषि कल्याण और फसल खरीद व्यवस्था
मध्यप्रदेश सरकार ने ‘कृषि कल्याण वर्ष’ के तहत किसानों की आय बढ़ाने और फसल पैटर्न में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
सरसों के लिए भावांतर योजना: सरकार ने अब सरसों को भी भावांतर योजना में शामिल करने का फैसला किया है। इसका अर्थ यह है कि यदि बाजार में सरसों का दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम रहता है, तो सरकार उस अंतर की राशि किसानों को देगी। वर्तमान में सरसों का मंडी भाव ₹6000 प्रति क्विंटल है, जबकि इसकी MSP ₹6200 है।
उड़द और अन्य दालों के लिए प्रोत्साहन: वर्ष 2026 में ‘उड़द प्रोत्साहन योजना’ लागू की जाएगी, जिसके तहत MSP के अतिरिक्त ₹600 प्रति क्विंटल का बोनस दिया जाएगा। इसके अलावा, सरकार ने केंद्र को चने और मसूर के निर्यात का प्रस्ताव भेजा है और नाफेड (NAFED) व एनसीसीएफ (NCCF) के माध्यम से 1.31 लाख मीट्रिक टन अरहर (तुअर) खरीदने की योजना बनाई है।
गेहूं की खरीदी और बजट: रबी सीजन के लिए सरकार ने 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए केंद्र सरकार से ₹8800 करोड़ की मांग की गई है ताकि किसानों को समय पर भुगतान किया जा सके। इस साल गेहूं पर ₹125 प्रति क्विंटल का बोनस तय किया गया है, जिससे कुल प्रभावी मूल्य ₹2585 प्रति क्विंटल (MSP ₹2425 + बोनस) हो जाता है। इस संबंध में 6 मार्च को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक होनी है।
भोपाल वायु प्रदूषण और एनजीटी (NGT) की सख्ती
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने भोपाल की खराब होती हवा और अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है।
अधिकारियों की जवाबदेही: एनजीटी ने भोपाल के कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर द्वारा पिछले आदेशों की अनदेखी करने पर सवाल उठाए हैं। ट्रिब्यूनल ने उन्हें इस मामले में ‘ऑफिशियल रेस्पोंडेंट’ बना दिया है, जिसका अर्थ है कि अब प्रदूषण नियंत्रण की सीधी जिम्मेदारी उन पर है।
फंड का विवरण और GRAP: एनजीटी ने प्रशासन से पूछा है कि ‘नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम’ के तहत 2019 से 2024 के बीच मिला पैसा कहाँ खर्च किया गया। साथ ही, उनसे ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) को सख्ती से लागू करने और डस्ट कंट्रोल, कचरा प्रबंधन व ट्रैफिक सुधार जैसे उपायों पर रिपोर्ट मांगी है।
अगली कार्रवाई और समय सीमा: अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट फाइल करने या व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए दो हफ्ते का समय दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च 2026 को तय की गई है। ट्रिब्यूनल का मुख्य सवाल यह है कि यदि बजट खर्च हुआ है, तो शहर की हवा में सुधार क्यों नहीं हुआ।
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