यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-121 है। बुधवार, 21 जनवरी को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए काजीरंगा में एलिवेटेड कॉरिडोर पर सफ़र करने की शर्तें और पहाड़ों पर बारिश और बर्फ़ से जुड़ा नया अपडेट।
मुख्य सुर्खियां
गुजरात के बनासकांठा जिले के एक सरकारी स्कूल में मिड डे मील खाने के बाद 43 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। फूड पॉइजनिंग की आशंका के बीच खाद्य नमूनों की जांच जारी है।
अंटार्कटिका में तापमान बढ़ने से पेंगुइन अब दो हफ्ते पहले प्रजनन कर रहे हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव फ़ूड चेन और प्रजातियों के अस्तित्व के लिए खतरे की घंटी है।
रिजर्व बैंक ने लोन के नियमों में बदलाव किया है। अब कृषि क्षेत्र को 18% लोन देना अनिवार्य होगा। इसमें भी 10% लोन छोटे किसानों को देना होगा।
मध्य प्रदेश में एक साल में 54 बाघों की मौत पर हाईकोर्ट ने केंद्र, राज्य और NTCA से जवाब मांगा है। कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि 1973 के बाद पहली बार किसी भी राज्य में एक साल में इतनी मौतें हुई हैं।
इंदौर में दूषित पानी से मौतों के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सवाल किया कि हालात इतने गंभीर कैसे हुए। कोर्ट ने कारण, ज़िम्मेदारी और कार्रवाई पर जवाब तलब किया है।
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने अपनी एक हालिया स्टडी में कहा कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एकीकृत और वैज्ञानिक डेटा-आधारित नीति जरूरी है। अध्ययन में सेकेंडरी पार्टिकुलेट मैटर को सर्दियों के प्रदूषण का बड़ा कारण बताया गया है।
मध्य प्रदेश में 2 दिन बाद बारिश हो सकती है। अब तक सर्दी का सीजन बिना मावठे के गया है। मगर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण अब सूखा समाप्त हो सकता है।
विस्तृत चर्चा
काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और हाईवे विस्तार परियोजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जनवरी 2016 को काजीरंगा नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व के पास 6950 करोड़ रुपये के एलिवेटेड कॉरिडोर और हाईवे विस्तार प्रोजेक्ट की नींव रखी थी। पर्यावरणविदों की आपत्तियों के कारण यह प्रोजेक्ट कई वर्षों तक अटका रहा, लेकिन अब नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्डलाइफ (NBWL) ने इसे 34 कठिन शर्तों के साथ मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट और टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्रों से वन भूमि को डायवर्ट करके बनाया जाना है।
उद्देश्य और लाभ: असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्वा शर्मा के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से पार्क के पश्चिमी किनारे (कलियाबोर) और पूर्वी किनारे (जोरहाट) के बीच यात्रा का समय लगभग 30 मिनट कम हो जाएगा।
वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रमुख शर्तें: पार्क में बाघों, एक सींग वाले गैंडों और हाथियों की सुरक्षा के लिए NBWL ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण शर्तें रखी हैं:
निर्माण पर रोक: जून से सितंबर (बाढ़ के समय) के दौरान जानवरों के गलियारों (corridors) में कोई निर्माण कार्य नहीं होगा। इसके अलावा, सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच भी निर्माण कार्य वर्जित रहेगा।
फ्लाईओवर की संरचना: फ्लाईओवर की ऊंचाई किसी भी बिंदु पर 9 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए। साथ ही, इसका सुपरस्ट्रक्चर पहाड़ी की ढलान से 15-20 मीटर दूर होना चाहिए ताकि वन्यजीवों की आवाजाही आसान रहे।
समय सीमा और तकनीक: प्रोजेक्ट को नवीनतम तकनीक के साथ 24 महीनों के भीतर पूरा करना होगा।
कॉर्पस फंड: प्रोजेक्ट लागत का 2% हिस्सा मानव-हाथी संघर्ष को कम करने और वन्यजीव संरक्षण के लिए एक फंड के रूप में जमा किया जाएगा।
उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का पूर्वानुमान
सक्रिय वेदर सिस्टम और बर्फबारी एक शक्तिशाली वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 21 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है, जिससे पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानों में बारिश की संभावना है। कश्मीर घाटी में 22 और 23 जनवरी को भारी बर्फबारी होने की उम्मीद है, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में 23 जनवरी से बर्फबारी शुरू हो सकती है।
मैदानी इलाकों में वर्षा और तूफान इस बार सर्दियों का मौसम काफी शुष्क रहा है, लेकिन अब मैदानी क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ेंगी:
पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश: यहां 22 से 24 जनवरी तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश: राजस्थान में 22-23 जनवरी को बारिश की संभावना है। मध्य प्रदेश में लंबे समय से चल रहे शुष्क दौर (dry spell) के बाद बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।
आंधी और बिजली: जम्मू-कश्मीर, दिल्ली और यूपी सहित कई राज्यों में 30 से 50 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है।
महत्वपूर्ण चेतावनियां और दिशा-निर्देश: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई एडवाइजरी जारी की हैं-
यातायात: भारी बर्फबारी के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना सावधानी से बनाने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए: इस अवधि के दौरान सिंचाई, उर्वरक डालने और रसायनों के छिड़काव को रोकने की सलाह दी गई है।
सुरक्षा: हिमस्खलन (Avalanche) संभावित क्षेत्रों में जाने पर रोक लगा दी गई है और भूस्खलन (Landslide) के प्रति भी सचेत किया गया है।
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