यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-167 है। मंगलवार, 17 मार्च को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए लद्दाख में हुए प्रदर्शन और भारत की अपनी नेविगेशन प्रणाली में आ रही दिक्कतों के बारे में।
मुख्य सुर्खियां
भारतीय एलपीजी टैंकर ‘शिवालिक’ सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को पार कर मुंद्रा बंदरगाह पहुंच गया है। इस बीच, सरकार और गैस कम्पनियां एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए ग्राहकों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने गंगा नदी के किनारों पर हो रहे अवैध कब्जों को लेकर केंद्र और उन सभी राज्यों से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है जहाँ से गंगा बहती है। कोर्ट ने पूछा है कि इन अतिक्रमणों को हटाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
दिल्ली के हौज खास स्थित डियर पार्क में हिरणों की बढ़ती आबादी और संसाधनों की कमी के कारण सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक पैनल ने अधिकांश हिरणों को स्थानांतरित करने की सिफारिश की है। हालांकि इस पर स्टे लगाने के लिए भी एक आवेदन किया गया है।
दिल्ली में हल्की बारिश और तेज़ हवाओं के कारण एक्यूआई ‘मॉडरेट’ श्रेणी में पहुंच गया, जो अक्टूबर 2025 के बाद सबसे स्वच्छ हवा मानी जा रही है। इसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान की सभी पाबंदियां हटा दी हैं।
भोपाल की आदमपुर खंती में कल आग लग गई जिसे 5 दमकल की गाड़ियां बुझाती रहीं। नगर निगम ने यहां के लेगेसी वेस्ट को ख़त्म करने के लिए जो टेंडर निकाले थे उन्हें अधिक दर के चलते स्वीकार्य नहीं किया गया।
भोपाल की एक कंपनी के मालिक पर ईडी ने मनीलौन्डरिंग से संबंधित कार्रवाई करते हुए पाया कि यह कंपनी दूध में नैचुरल फैट की जगह पाम ऑइल और रसायन मिलाकर बेच रही थी।
विस्तृत चर्चा
लद्दाख में पूर्ण राज्य के दर्जे और छठी अनुसूची की मांग
लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा की मांग को लेकर लेह और कारगिल में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। इस दौरान बाजार पूरी तरह बंद रहे और हजारों लोग सड़कों पर उतरे।
इस विरोध का आह्वान लद्दाख की दो मुख्य प्रतिनिधि संस्थाओं, एपेक्स बॉडी लेह और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) द्वारा किया गया था। ये संस्थाएं केंद्र सरकार के साथ राज्य के दर्जे को लेकर बातचीत भी कर रही हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत लगभग 7 महीने जेल में रहने के बाद रिहा किया गया है। उनकी रिहाई के दो दिन बाद ही ये रैलियां केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए निकाली गईं। गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में हुए प्रदर्शनों में हिंसा के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
लद्दाख के लोगों का मानना है कि केंद्र शासित प्रदेश (UT) होने के कारण केंद्र उन पर अपनी नीतियां थोपता है। उनका डर है कि यदि उन्हें छठी अनुसूची की सुरक्षा नहीं मिली, तो वहां के प्राकृतिक संसाधनों, संस्कृति, पर्यावरण और आदिवासी समाज का ह्रास होने लगेगा। वे चाहते हैं कि शासन स्थानीय लोगों के हाथ में हो ताकि लद्दाख की विशिष्ट पहचान सुरक्षित रहे।
भारतीय नेविगेशन प्रणाली की विफलता
इसरो (ISRO) के अनुसार, 13 मार्च को भारत के क्षेत्रीय नेविगेशन सिस्टम के पांच उपग्रहों में से एक, IRNSS-1F (नाविक) की परमाणु घड़ी ने काम करना बंद कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप उस उपग्रह का डेटा भी खो गया है।
उपग्रहों में परमाणु घड़ियां बहुत महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि वे सटीक पोजिशनिंग की जानकारी प्रदान करती हैं। इसका उपयोग वाहनों के नेविगेशन, मैपिंग, सर्वे और बड़ी निर्माण परियोजनाओं की योजना बनाने में किया जाता है।
नाविक सात उपग्रहों की एक प्रणाली है जिसका उद्देश्य भारतीय उपमहाद्वीप और उसके आसपास 1500 किमी तक के क्षेत्र में सटीक जीपीएस (GPS) डेटा उपलब्ध कराना है। भारत ने इसे इसलिए विकसित किया था ताकि वह अमेरिका, चीन और रूस जैसे देशों के उपग्रहों पर निर्भर न रहे।
हालांकि यह उपग्रह मैसेज भेजने जैसे अन्य काम करता रहेगा, लेकिन परमाणु घड़ी का बंद होना भारत के आत्मनिर्भर नेविगेशन के उद्देश्य के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
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