यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-180 है। बुधवार, 1 अप्रैल को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए आज से महंगे हुए कॉमर्शियल सिलेंडर के कारणों के बारे में।
मुख्य सुर्खियां
देश भर में आज से नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रुल लागू होंगे। आज से कचरे को 4 तरीके से सेग्रीगेट करना और बल्क वेस्ट जेनेरेटर्स को इसका प्रबंध खुद करना ज़रूरी होगा।
भारत में कैंसर की नई दवाओं को मंजूरी देने के लिए अब फेज-4 ट्रायल अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि मरीजों पर दवाओं के वास्तविक असर और सुरक्षा की निगरानी की जा सके।
तेल सप्लाई की ग्लोबल चिंताओं और कीमतों में उछाल के बीच बुधवार को कई रिपोर्ट्स में कहा गया कि कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की कीमत ₹195.5 बढ़ा दी गई है।
एल-नीनो की आशंका और पश्चिम एशिया में जारी तनाव भारत के कृषि उत्पादन व आर्थिक वृद्धि पर असर डाल सकते हैं। युद्ध से उर्वरक और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने का जोखिम बढ़ रहा है। इससे खेती की लागत और खाद्य उत्पादन दोनों पर दबाव पड़ने की संभावना जताई गई है।
मध्य प्रदेश में 1 मई से घर-घर जाकर जनगणना का कार्य शुरू होगा, जिसके लिए 1.90 लाख कर्मचारी तैनात किए जाएंगे; ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा 16 अप्रैल से शुरू होगी।
भोपाल के बैरसिया में सरकारी बारदानों की कमी के बीच भाजपा विधायक के वेयरहाउस पर छापेमारी की गई, जहां 500 टन अवैध गेहूं का स्टॉक मिला है।
विस्तृत चर्चा
कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में वृद्धि
हाल ही में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों (19 किलो) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में अब यह सिलेंडर ₹2,078.50 का हो गया है, जिसमें लगभग ₹195 की वृद्धि देखी गई है। कोलकाता में यह उछाल और भी अधिक है, जहाँ कीमतों में ₹200 से ज्यादा का जंप आया है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, ढाबे और छोटे व्यवसायों को चलाने वाले लोगों पर पड़ेगा।
घरेलू एलपीजी की स्थिति राहत की बात यह है कि घरेलू (डोमेस्टिक) एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है। आखिरी बार इसमें मानसून की शुरुआत में ₹60 की बढ़ोतरी हुई थी। वर्तमान में दिल्ली में घरेलू सिलेंडर लगभग ₹913 में मिल रहा है, जिससे आम घरों पर तुरंत कोई नया बोझ नहीं पड़ा है।
वैश्विक कारण और अन्य प्रभाव कीमतों में इस अचानक वृद्धि का मुख्य कारण ग्लोबल ऑयल मार्केट में चल रही उथल-पुथल है। दुनिया का 20% तेल ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) से गुजरता है, जहां तनाव के कारण मूवमेंट धीमी हो गई है, जिसका सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। इसका प्रभाव केवल एलपीजी तक सीमित नहीं है, बल्कि एविएशन फ्यूल (जेट फ्यूल) की कीमतें भी दिल्ली में ₹1 लाख प्रति किलोलीटर से ऊपर चली गई हैं। इससे आने वाले समय में फ्लाइट टिकटों के दाम भी बढ़ सकते हैं।
सरकारी रुख और विकल्प भारत में तेल कंपनियाँ हर महीने इंटरनेशनल मार्केट और डॉलर के रेट के आधार पर कीमतों की समीक्षा करती हैं। इस स्थिति को देखते हुए सरकार अब लोगों को पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की तरफ शिफ्ट होने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। पीएनजी का लाभ यह है कि यह पाइपलाइन के जरिए आती है और एलपीजी की तुलना में आयात (इंपोर्ट) पर कम निर्भर करती है।
भविष्य की चिंता दुनिया भर की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह सवाल बना हुआ है कि क्या यह कीमतों में बढ़ोतरी केवल अस्थायी (temporary) है या यह ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा।
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