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मध्य प्रदेश में स्वच्छ सर्वेक्षण की कछुआ चाल, केंद्र की डेडलाइन मिस

देश के मौसम के हाल से लेकर मध्य प्रदेश में स्वच्छ सर्वेक्षण तक जानिए आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें “पर्यावरण आज” पॉडकास्ट के साथ

देश के कई हिस्सों में मानसून की आने के संकेत, मध्य प्रदेश में पूरा नहीं हो सका स्वच्छ सर्वे, डायबिटीज की दवाओं की कीमतें तय, भोपाल से 1.5 करोड़ की नकली कफ सिरप जप्त। जानिए आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें “पर्यावरण आज” पॉडकास्ट के साथ। 


मुख्य सुर्खियां

राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने 30 दवाओं के फॉर्मूलेशन की खुदरा कीमतें तय कर दी हैं। इसमें डायबिटीज, विटामिन D3, हाई बीपी और हृदय रोग की दवाएं शामिल हैं। ये कीमतें अधिसूचित निर्माताओं और मार्केटिंग कंपनियों पर तुरंत प्रभावी होंगी।


दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी के बीच बातचीत के बाद हरियाणा की मुनक नहर से कम से कम 1,000 क्यूसेक पानी की आपूर्ति का आश्वासन दिल्ली को मिला है। दिल्ली में 980 से अधिक टैंकरों के ज़रिए रोज़ाना 6,000 से ज़्यादा ट्रिप लगाई जा रही हैं। 


केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर ‘खेत बचाओ अभियान’ का राष्ट्रीय शुभारंभ 1 जून 2026 को मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के रामसिया गांव से किया जाएगा। यह अभियान किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी परीक्षण, सॉइल हेल्थ कार्ड, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण, हरी खाद और नकली खाद-बीज-कीटनाशकों की पहचान के बारे में जागरूक करेगा। 


भोपाल के गांधीनगर और मुबारकपुर में पुलिस ने नशे के लिए इस्तेमाल होने वाले कफ सिरप के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। दो दिनों की कार्रवाई में 73,000 से अधिक बोतलें जब्त की गई हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत 1.5 करोड़ रुपये से अधिक है। पुलिस इस मामले में हरिद्वार की एक दवा कंपनी की भूमिका की भी जांच कर रही है।


तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया है कि सरकार किसानों को 24×7 मुफ्त बिजली देना जारी रखेगी। उन्होंने कृषि पंप सेटों पर स्मार्ट मीटर लगाने की खबरों का खंडन किया और पिछली सरकार पर बिजली उपयोगिताओं के वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया।


‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत राजस्थान के पांच सीमावर्ती जिलों के 184 गांवों के व्यापक विकास के लिए 232 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है। इसके तहत सड़क संपर्क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और स्वरोजगार के अवसरों को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

विस्तृत चर्चा

भारत में मानसून की प्रगति और भीषण गर्मी से राहत

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 31 मई को जारी बुलेटिन के अनुसार, देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ हफ्तों से जारी भीषण गर्मी और हीट वेव (Heat Wave) के सिलसिले में अब कमी आने की संभावना है। मौसम में यह बदलाव बारिश, आंधी और तेज हवाओं के आगमन के कारण हो रहा है।

मानसून की वर्तमान स्थिति और प्रगति

पिछले एक हफ्ते से केरल के तट के पास मानसून की गति कुछ धीमी पड़ गई थी, जिसे लेकर काफी चर्चा थी। हालांकि, आईएमडी ने स्पष्ट किया है कि मानसून रुका नहीं है, बल्कि धीमी गति से आगे बढ़ रहा है।

प्रभावित क्षेत्र: मानसून अब अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कई हिस्सों में अपनी जगह बना चुका है।

अगले गंतव्य: आने वाले कुछ दिनों में इसके केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप के अन्य इलाकों तक पहुंचने की संभावना है।

धीमी गति का कारण: विशेषज्ञों के अनुसार, अरब सागर के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और बंगाल की खाड़ी के ऊपर हवा के कम दबाव जैसे वायुमंडलीय प्रणालियों ने मानसून की रफ्तार को प्रभावित किया है।

भीषण गर्मी और हीट वेव से राहत

हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया था।

वर्तमान स्थिति: बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।

चेतावनी: विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उत्तर भारत के कुछ इलाकों में अगले हफ्ते फिर से तापमान बढ़ सकता है और बिहार में 4 जून से 6 जून के बीच दोबारा हीट वेव देखने को मिल सकती है।

आंधी, तूफान और भारी बारिश की चेतावनी

आईएमडी ने कई राज्यों के लिए आंधी और ‘थंडरस्टॉर्म एक्टिविटी’ (Thunderstorm Activity) की चेतावनी जारी की है।

तेज हवाएं: राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

ओलावृष्टि और वर्षा: कई इलाकों में बारिश के साथ ओले गिरने की भी संभावना है। उत्तर-पूर्वी भारत (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश आदि) में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

दक्षिण और तटीय भारत: केरल और महाराष्ट्र में 3 जून से 6 जून के बीच अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इसके अलावा कर्नाटक, तमिलनाडु, उड़ीसा और उत्तराखंड में भी अच्छी बारिश की उम्मीद है।

किसानों के लिए विशेष परामर्श

खराब मौसम और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए किसानों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:

किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।

खेतों में जल निकासी (Drainage) का उचित प्रबंध करें और फसलों को सहारा देने के लिए आवश्यक सपोर्ट सिस्टम लगाएं।

कुल मिलाकर, भारत के मौसम में एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। जहां एक तरफ भीषण गर्मी से राहत मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ मानसून धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है। आने वाले कुछ दिन मानसून की गति और बारिश के पैटर्न को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे।


प्रदेश में अब तक अधूरा स्वच्छ सर्वे

मध्य प्रदेश में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 तय समय सीमा तक पूरा नहीं हो पाया है। राज्य की 406 शहरी निकायों में से केवल 282 का सर्वेक्षण 30 मई तक पूरा हो सका, जबकि 53 निकायों में सर्वेक्षण जारी है। अभी भी 68 शहरों में सर्वेक्षण टीमों को पहुंचना बाकी है और 3 निकायों में लॉगिन तक सक्रिय नहीं किए गए हैं, जिसके कारण वहां प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।

केंद्र सरकार का यह प्रमुख स्वच्छता सर्वेक्षण 31 मई तक पूरा होना था। हालांकि, कई शहरों में निरीक्षण और नागरिकों से फीडबैक लेने का काम अभी भी जारी है। अधिकारियों के अनुसार, देरी केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है। इस वर्ष कई राज्यों में सर्वेक्षण प्रक्रिया प्रभावित हुई क्योंकि केंद्रीय स्तर पर मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान कई बार बदलाव किए गए। इसके कारण सर्वेक्षण टीमों को बार-बार नए निर्देश मिले और पहले से तय कार्यक्रम में संशोधन करना पड़ा।

स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत ठोस कचरा प्रबंधन, गीले-सूखे कचरे का प्रसंस्करण, सफाई व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, स्वच्छता से जुड़ा बुनियादी ढांचा और नागरिकों की प्रतिक्रिया जैसे पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है। इन्हीं के आधार पर शहरों की स्वच्छता रैंकिंग तय होती है।

शहरी प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फील्ड असेसमेंट का काम निर्धारित समय सीमा से लगभग एक सप्ताह आगे बढ़ सकता है। भोपाल में केंद्रीय टीम अपना निरीक्षण पूरा कर लौट चुकी है, जबकि इंदौर और उज्जैन में नागरिक फीडबैक की प्रक्रिया जारी है। सर्वेक्षण की समय सीमा बढ़ाई जाएगी या नहीं, इसका अंतिम निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लिया जाएगा।

ग्राउंड रिपोर्ट की बात

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Author

Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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