नमस्कार दोस्तों, मैं हूं पल्लव जैन और आप सुन रहे हैं ग्राउंड रिपोर्ट का डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट “पर्यावरण आज”। यहां हम बात करेंगे दिन की महत्वपूर्ण पर्यावर्णीय खबरों पर। शुरुवात करते हैं प्रमुख हैडलाईन्स के साथ….
पर्यावरण आज में सुनिये, दिल्ली के स्कूलों के मिड डे मील में इडली-सांभर और मिलेट्स शामिल किए गए। मुंबई के 99 साल पुराने देवनार लैंडफिल को साफ करने और लोगों को बसाने की योजना में देरी। NASA ने ISRO को चांद पर इंसानी बस्ती बसाने के अपने मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने का न्योता दिया। गढ़चिरौली के आदिवासी आवासीय स्कूल में सांप के काटने से तीन बच्चियों की मौत के बाद लाइसेंस रद्द। मध्य प्रदेश में दूसरे राज्यों से आने वाले आदिवासी मजदूरों को वनोपज बोनस से बाहर करने की तैयारी। बालाघाट में आदिवासी बच्चों में संक्रमण से छह मौतें और 100 से ज्यादा बच्चों का इलाज। और आज की चर्चा में मध्य प्रदेश के वन्यजीव एक्सचेंज प्लान पर बात करेंगे, जिसके तहत राज्य दूसरे राज्यों को बाघ देकर हाथी, गैंडे और दूसरे वन्यजीव ला सकता है।
पर्यावरण हेडलाईन्स
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील के लिए पीएम पोषण मैन्यू में बदलाव किया गया है। अब यहां इडली सांभर भी बच्चों को दिया जाएगा। बदले मैन्यू में ज्वार बाजरा का दलिया और मिलेट्स रिसेपी भी शामिल की गई हैं। इसका उद्देश्य बच्चों में बेहतर पोषण सुनिश्चित करना है।
महाराष्ट्र सरकार मुबंई के सबसे पुराने लैंडफिल साईट देवनार में धारावी के कुछ निवासियों को बसाने वाली थी। लेकिन यह प्रोजेक्ट सरकारी कागज़ी कार्रवाई और देरी की वजह से फंसा हुआ है। 99 साल पुरानी इस लैंडफिल के हिस्से को साफ करने का काम भी अभी शुरु नहीं हुआ है, तय समय सीमा से छह महीने की देरी इसमें हो चुकी है।
अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने ISRO को अपने ‘मून बेस प्रोग्राम’ में शामिल होने का न्योता दिया है। यह प्रोग्राम हाल ही में शुरू किया गया है, जिसका मकसद इंसानों को दोबारा चांद पर भेजना और वहां एक स्थायी बस्ती बसाना है। नासा की ओर से यह प्रस्ताव 5 और 6 अगस्त को बेंगलुरु में हुई ‘इंडिया-US सिविल स्पेस जॉइंट वर्किंग ग्रुप’ की नौवीं बैठक में दिया गया था। इससे नासा और इसरो की साझेदारी और मज़बूत होगी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को गढ़चिरौली में आदिवासी बच्चों के लिए चल रहे सरकारी सहायता प्राप्त आवासीय स्कूल का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द करने का आदेश दिया। यह घटना तब हुई जब वहाँ तीन लड़कियों की साँप के काटने से मौत हो गई। 1992 में शुरू हुए इस स्कूल में अभी 233 छात्र हैं और वे ज़मीन पर बिछी चटाई पर सोते थे।
दूसरे राज्यों से आकर मध्य प्रदेश में आकर काम करने वाले आदिवासियों को मिलने वाली सुविधाओँ को मोहन यादव सरकार जल्द खत्म कर सकती है। राज्य सरकार ने तय किया है कि वनोपज से मिलने वाली बोनस की राशि सिर्फ मध्य प्रदेश के मजदूरों को ही दी जाएगी.
मध्य प्रदेश के बालाघाट में पिछले छह हफ़्तों में मलेरिया और संक्रामक स्कैबीज़ जैसे लक्षणों वाले कई संक्रमणों की वजह से कम से कम छह आदिवासी बच्चों की मौत हो गई है और 100 से अधिक अन्य बच्चों का इळाज चल रहा है। यह मामले उन गांवों से सामने आए हैं, जहां मुख्य रूप से बैगा जनजाति के लोग रहते हैं। बैगा जनजाति, मध्य प्रदेश में रहने वाले तीन खास तौर पर कमज़ोर जनजातीय समूहों में से एक है।
आज की चर्चा – चंद्र प्रताप ग्राउंड रिपोर्ट
मध्य प्रदेश में बाघों के बदले आएंगे हाथी-गैंडे
तो यह थी आज की प्रमुख हेडलाईन्स अब समय है आज की चर्चा का।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि राज्य, हाथियों, गैंडों और अन्य वन्यजीवों के बदले आंध्र प्रदेश, असम और कर्नाटक जैसे राज्यों को बाघ दे सकता है। वन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला लिया जा सकता है। क्या है पूरी खबर समझते हैं हमारे रिपोर्टर चंद्र प्रताप तिवारी से।
मध्य प्रदेश अब दूसरे राज्यों के साथ वन्यजीवों के एक्सचेंज की योजना पर काम कर रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश अपने यहां उपलब्ध बाघों को दूसरे राज्यों को देकर बदले में हाथी, गैंडे और दूसरे वन्यजीव ला सकता है।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मंत्रालय में मध्य प्रदेश राज्य वन्यजीव बोर्ड की 32वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए वन विभाग को इस दिशा में काम करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में उपलब्ध बाघों को आंध्र प्रदेश, असम और कर्नाटक जैसे राज्यों को दिया जा सकता है। इसके बदले इन राज्यों से हाथी, गैंडे और दूसरे वन्यजीव मध्य प्रदेश लाए जा सकते हैं।
मध्य प्रदेश में देश की सबसे बड़ी बाघ आबादी है। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य पिछले कुछ वर्षों में दूसरे राज्यों में बाघों को दोबारा बसाने और संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों के लिए बाघ उपलब्ध कराता रहा है।
अब सरकार दूसरे राज्यों के साथ एक व्यवस्थित वन्यजीव एक्सचेंज की संभावना तलाश रही है।
मुख्यमंत्री ने इसी बैठक में राज्य में फॉरेस्ट टूरिज्म को बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने वन विभाग से ऐसे इलाकों की पहचान करने को कहा, जहां फॉरेस्ट टूरिज्म की संभावनाएं हैं। इन इलाकों के लिए पर्यटन विभाग के साथ मिलकर प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट की बात
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