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पश्चिमी कोलंबिया में विनाशकारी भूकंप से बड़ा संकट पैदा हो गया है

नमस्कार दोस्तों, मैं हूं पल्लव जैन और आप सुन रहे हैं ग्राउंड रिपोर्ट का डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट “पर्यावरण आज”। यहां हम बात करेंगे दिन की महत्वपूर्ण पर्यावर्णीय खबरों पर। शुरुवात करते हैं ...

नमस्कार दोस्तों, मैं हूं पल्लव जैन और आप सुन रहे हैं ग्राउंड रिपोर्ट का डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट “पर्यावरण आज”। यहां हम बात करेंगे दिन की महत्वपूर्ण पर्यावर्णीय खबरों पर। शुरुवात करते हैं प्रमुख हैडलाईन्स के साथ….

पर्यावरण आज में सुनिये, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से बिगड़े हालात। महाराष्ट्र में निर्जलीकरण और हीटवेव की घटनाएं बढ़ेंगी। भूमि क्षरण से प्रभावित कृषि भूमि पर सरकार के पास कोई आकलन नहीं। मध्य प्रदेश में एशियाई शेरों को दोबारा बसाने की तैयारी। दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए डिजिटल स्मार्ट पोल लगाने की योजना। और आज की चर्चा में पश्चिमी कोलंबिया में आए 7.4 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप से मची तबाही और राहत-बचाव अभियान पर बात करेंगे।

पर्यावरण हेडलाईन्स

राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल और छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते नदी-नाले उफान पर हैं। भोपाल में पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 7 इंच बारिश दर्ज हुई। शहर की 50 से ज्यादा कालोनियों में पानी भर गया है।

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण 124 सड़कें बंद हो गई। वहीं, 255 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर (DTR) भी ठप पड़े हैं। सड़कों के बंद होने से मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 51 सड़कें बंद हैं। इसके बाद कुल्लू में 39 और शिमला में 13 सड़कें बंद हैं।

इस मानसून सीजन में प्रदेश में अब तक 155 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 68 लोगों की जान आपदा से जुड़ी घटनाओं में, जबकि 87 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है।


मौसम विज्ञान की एक नई स्टडी से पता चला है कि महाराष्ट्र में सूखे और लू (हीटवेव) की मिली-जुली घटनाओं में तेज़ी से बढ़ोतरी हो रही है। अब ये घटनाएं सिर्फ़ मॉनसून से पहले ही नहीं, बल्कि मॉनसून के दौरान भी ज़्यादा हो रही हैं।

1990 के बाद से इन घटनाओं का बार बार होना और गंभीरता दोनों बढ़ी हैं। नासिक, ठाणे और रायगढ़ जैसे पश्चिमी और तटीय ज़िले ‘हॉटस्पॉट’ के तौर पर उभरे हैं, जिससे क्लाईमेट अडाप्टेशन स्ट्रैटजीज़ में तुरंत बड़े बदलाव की ज़रूरत है।


केंद्र सरकार ने लैंड डिग्रेडेशन से प्रभावित कृषि भूमि और फसल की पैदावार पर इसके असर का कोई आकलन नहीं किया है। हालांकि, कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने राज्यसभा को बताया कि स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (ISRO) द्वारा प्रकाशित ‘डेज़र्टिफिकेशन एंड लैंड डिग्रेडेशन एटलस ऑफ़ इंडिया (2021)’ के अनुसार, 2018-19 तक देश में 0.6 मिलियन हेक्टेयर ज़मीन इंसानी गतिविधियों की वजह से रेगिस्तान में बदलने और खराब होने की समस्या से प्रभावित थी।


मध्य प्रदेश में शेरों को दोबारा बसाने की तैयारी की जा रही है, इसके लिए वन विहार प्रबंधन इस साल नवंबर-दिसंबर में गुजरात से शुद्ध नस्ल के एशियाई शेर का जोड़ा लाने की तैयारी कर रहा है। इनसे जन्म लेने वाले शावकों को चरणबद्ध तरीके से जंगल में बसाने की योजना है। अभी वन विहार भोपाल में 5, ग्वालियर जू में 5 और इंदौर जू में 12 शेर हैं।

हालांकि ऐसे प्रयास पहले भी किये गए थे जो सफल नहीं हो सके। दिसंबर 2024 में जूनागढ़ से लाए गए नर सिंह में कैनाइन डिस्टेंपर मिलने के बाद ब्रीडिंग रोकने के निर्देश दिए गए थे।


दिल्ली में एयर पल्यूशन को कम करने के लिए डिजीटल स्मार्ट पोल लगाने की तैयारी की जा रही है। ये स्मार्ट पोल प्रदूषण का लाईवे डेटा दिखाएंगे, हवा साफ करने के लिए इनमें पानी की फुहार निकालने की क्षमता भी होगी। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के मुताबिक सरकार प्रदूषण-नियंत्रण तकनीकों को चुनने के लिए एक टारगेट-बेस्ड मॉडल लाने की योजना बना रही है — इस मॉडल के तहत कंपनियों और इनोवेटर्स को बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के लिए चुने जाने से पहले अपनी तकनीक की क्षमता साबित करनी होगी।


आज की चर्चा – वाहिद भट, ग्राउंड रिपोर्ट

विनाशकारी भूकंप से पश्चिमी कोलंबिया में बड़ा संकट पैदा हो गया है

तो यह थी आज की प्रमुख हेडलाईन्स अब समय है आज की चर्चा का। सोमवार सुबह पश्चिमी कोलंबिया में ज़बरदस्त भूकंप आया, जिसमें कम से कम 132 लोगों की मौत हो गई और कई लोगों के इमारतों के नीचे दबे होने की आशंका है। अधिकारियों का कहना है कि यह देश में पिछले कई सालों का सबसे शक्तिशाली भूकंप है। हमारे रिपोर्टर वाहिद भट से इस घटना के बारे में विस्तार से समझते हैं……..

सोमवार सुबह पश्चिमी कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का एक गंभीर भूकंप आया, जिसके झटके वेनेजुएला और पनामा तक महसूस किए गए। इस आपदा और वर्तमान स्थिति के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

हताहत और नुकसान: इस भूकंप में अब तक कम से कम 132 लोगों की मौत हो चुकी है और 570 से अधिक लोग घायल हैं। भूकंप का केंद्र जॉन डलपर्म के पास के इलाके में था। ‘कायदी’ शहर के एक अस्पताल के बाल चिकित्सा और नवजात शिशु वार्ड (यूनिट) को भी गंभीर नुकसान पहुँचा है। फिलहाल मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया: कोलंबिया के नए राष्ट्रपति ने देश में आपदा आपातकाल (Disaster Emergency) घोषित कर दिया है। राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए सेना और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में रवाना किया गया है।

वैश्विक सहायता: आपदा से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहायता की पेशकश की गई है। अमेरिका ने आपातकालीन आश्रय, भोजन और रेस्क्यू कार्यों के लिए 15.5 मिलियन डॉलर की सहायता की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, यूरोपीय संघ (EU) ने भी बचाव अभियानों में विशेष मदद देने का आश्वासन दिया है।

दक्षिण अमेरिका में दोहरा संकट: यह आपदा ऐसे समय में आई है जब दक्षिण अमेरिका पहले से ही एक अन्य भूकंपीय संकट से जूझ रहा था। इससे पहले 24 जून को वेनेजुएला में एक मिनट से भी कम समय में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो विनाशकारी भूकंप आए थे, जहाँ मरने वालों की संख्या 6,300 तक पहुँच चुकी है और 53,000 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।

वर्तमान स्थिति: कोलंबिया में राहत और बचाव अभियान पूरी सक्रियता से चल रहा है। हालांकि, अधिकारियों को गंभीर आशंका है कि मलबे की पूरी जांच होने के बाद मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है


ग्राउंड रिपोर्ट की बात

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Author

Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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