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मध्य प्रदेश में तेंदुओं का शिकारी गिरोह कैसे पकड़ाया?

केरल में बारिश-भूस्खलन से 8 लोगों की मौत, असम में बाढ़ से अब तक 85 लोगों की मौत, छत्तीसगढ़ में जंगली भैंसे विलुप्ति की कगार पर, दतिया में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 28वें दिन भी जारी। जानिए आज की ...

केरल में बारिश-भूस्खलन से 8 लोगों की मौत, असम में बाढ़ से अब तक 85 लोगों की मौत, छत्तीसगढ़ में जंगली भैंसे विलुप्ति की कगार पर, दतिया में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 28वें दिन भी जारी। जानिए आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें “पर्यावरण आज” पॉडकास्ट के साथ।


मुख्य सुर्खियां

केरल में भारी बारिश और भूस्खलन से 8 लोगों की मौत हो गई और 8 लापता हैं। राज्य भर में 209 राहत शिविर बनाए गए हैं जहाँ 5,792 लोगों को रखा गया है।


असम में बाढ़ के कारण इस साल मरने वालों की कुल संख्या 85 हो गई है। राज्य के पांच जिलों में 1.36 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।


छत्तीसगढ़ अपने राजकीय पशु जंगली भैंसों को विलुप्त होने से बचाने के लिए उन्हें असम से ला रहा है। राज्य में इनकी संख्या घटकर केवल 12-16 रह गई है, जिन्हें उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व में रखा जाएगा।


राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) ने चावल अनुसंधान संस्थानों और 33 राज्य जैव विविधता बोर्डों को ₹8.22 करोड़ जारी किए हैं। इसमें उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक ₹73 लाख का हिस्सा मिला है।


मध्य प्रदेश सरकार ने निजी मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार पोर्टल से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है।


दतिया जिले के भांडेर में नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 28वें दिन भी जारी रही। विधायक फूल सिंह बरैया ने इस हड़ताल को समर्थन दिया है। कर्मचारियों की मुख्य मांगें लंबित वेतन, पीएफ, ग्रेच्युटी का भुगतान और ठेका प्रथा का उन्मूलन हैं।

विस्तृत चर्चा

आज की चर्चा में हमारे रिपोर्टर अब्दुल वसीम अंसारी से जानिए मध्य प्रदेश में कैसे पकड़ाया तेंदुओं का शिकार करने वाला गिरोह? 

कूनों-चंबल में शिकार करने वाले पकड़ाए

मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने कूनो और चंबल के जंगलों में सक्रिय तेंदुओं का शिकार करने और उनकी खाल की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एसटीएसएफ ने श्योपुर और मुरैना जिलों से गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

जांच के दौरान यह पुष्टि हुई है कि इस गिरोह ने अलग-अलग क्षेत्रों में कम से कम 10 तेंदुओं का शिकार किया:

कूनो वन्य प्राणी मंडल: 6 तेंदुए।

श्योपुर मंडल: 2 तेंदुए।

मुरैना वन मंडल (चंबल सेंचुरी क्षेत्र): 2 तेंदुए।

इतनी बड़ी संख्या में शिकारियों का चीता संरक्षण क्षेत्र में सक्रिय होना अधिकारियों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।

कार्यप्रणाली और सफलता 

शिकारी तेंदुओं को पकड़ने के लिए ‘लेग होल्ड ट्रैप’ (लोहे के फंदे) का उपयोग करते थे। इस गिरोह का खुलासा 23 जुलाई को आगरा में हुआ, जब वन विभाग और पुलिस ने सैंया क्षेत्र में चार तस्करों को 10 तेंदुओं की खाल और अन्य अंगों के साथ पकड़ा। इन चार आरोपियों में से दो हरियाणा के और दो मध्य प्रदेश के निवासी थे। आगरा में हुई पूछताछ में जब तेंदुओं के शिकार के तार मध्य प्रदेश से जुड़े मिले, तो एसटीएसएफ ने जांच शुरू की और आरोपियों को गिरफ्तार किया।

सभी सात आरोपियों को शिवपुरी के विशेष न्यायालय में पेश किया गया है। एसटीएसएफ अब इन आरोपियों की रिमांड लेकर तस्करी के पूरे नेटवर्क और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ करेगी। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या इस गिरोह ने मध्य प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी वन्यजीवों के शिकार की घटनाओं को अंजाम दिया है।

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Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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