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जमानत के बाद अमित भटनागर लापता, परिजनों ने लगाया अपहरण का आरोप

Amit Bhatnagar at protest in Panna
Amit Bhatnagar, along with his supporters, at the Collectorate complex during a protest against the Ken-Betwa Link and irrigation projects.

मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड में केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापित होने वाले लोगों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर को जमानत मिलने के कुछ समय बाद ही कथित रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। उनके भाई अंकित भटनागर का आरोप है कि अजयगढ़ न्यायालय से जमानत मिलने के बाद अमित को पुलिस या वन विभाग के कर्मचारी बिना किसी सूचना के उठा ले गए हैं।

अंकित भटनागर ने इस संबंध में एक वीडिओ भी जारी किया है। वीडियो में उन्होंने कहा है कि वे अजयगढ़ न्यायालय से मिली जमानत के बाद उन्हें लेने जेल पहुंचे थे, लेकिन वहां कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अंकित ने पन्ना एसपी और कलेक्टर से मांग की है कि अमित की सुरक्षित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और किसी भी नई गिरफ्तारी की कानूनी जानकारी परिवार को दी जाए।

हालांकि दैनिक भास्कर ने अपनी एक खबर में पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर बीके पटेल के हवाले से बताया कि अमित को पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में पकड़ा गया है। उन पर आरोप है कि वह बिना अनुमति टाइगर रिजर्व के ‘कोर एरिया’ में दाखिल हुए थे।

अमित भटनागर छतरपुर जिले के सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे पन्ना जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना के डूब क्षेत्र के गांवों के लिए उचित मुआवजा, पारदर्शी सर्वे और ग्राम सभा के अधिकारों की मांग को लेकर लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।

दरअसल 11 मई 2026 को पन्ना टाइगर रिजर्व के चंद्रनगर रेंज कार्यालय ने अंकित और संतोष भटनागर को सूचना पत्र भेजकर बताया कि अमित को वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धाराओं 27, 35(8), 51 और 52 के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 611/16 में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला 7 अप्रैल 2026 को दर्ज हुआ था, यानी अजयगढ़ थाने की FIR से करीब एक महीने पहले। 12 मई 2026 को उन्हें छतरपुर जिले के राजनगर न्यायालय में पेश किया जाना था।

गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

8 मई 2026 को अमित भटनागर को गिरफ्तार किया गया है। उसी दिन जब जय किसान संगठन के बैनर तले एक विरोध मार्च होना था। यह मार्च केन-बेतवा लिंक परियोजना के डूब क्षेत्र के प्रभावित किसानों और आदिवासी परिवारों के लिए उचित मुआवजा, पुनर्वास और पानी के अधिकार की मांग को लेकर निकाला जाना था।

गिरफ्तारी से पहले अमित ने फेसबुक पर लिखा, “मुझे जेल में सड़ा दो, फांसी पर लटका दो, लेकिन आंदोलन कमजोर मत होने देना।”

FIR क्या कहती है

7 मई 2026 की रात अजयगढ़ थाने में FIR नंबर 0237 दर्ज हुई है। शिकायतकर्ता राहुल मिश्रा हैं, जो सारथी कन्स्ट्रक्शन एंड इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर हैं। यह कंपनी अजयगढ़ तहसील में मझगायं बांध का निर्माण कर रही है।

मिश्रा की शिकायत के अनुसार 4 मई को डूब क्षेत्र के तीन गांवों, बनहरीकला, कुंवरपुर और बालूपुर के ग्रामीण निर्माण स्थल पर पहुंचे, काम बंद कराया, प्रति व्यक्ति पांच लाख रुपये की मांग की और चार कर्मचारियों के साथ मारपीट की है। शिकायत में 19 ग्रामीणों के साथ अमित भटनागर को बीसवां आरोपी बनाया गया है। भारतीय न्याय संहिता 2023 की आठ धाराओं के तहत मामला दर्ज है।

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  • Journalist, focused on environmental reporting, exploring the intersections of wildlife, ecology, and social justice. Passionate about highlighting the environmental impacts on marginalized communities, including women, tribal groups, the economically vulnerable, and LGBTQ+ individuals.

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