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पीएम मोदी पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कार पूलिंग करने का क्यों कह रहे हैं?

ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच पीएम मोदी की पेट्रोल बचाने की अपील, मध्य प्रदेश में चोरल नदी पूरी तरह सूखी, और निकोबार प्रोजेक्ट की मंज़ूरी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल— पढ़ें आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें “पर्यावरण आज” पॉडकास्ट के साथ। 


प्रमुख सुर्खियां

प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से पेट्रोलियम प्रोडक्ट की खपत कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल की अपील की। उन्होंने देशवासियों से कोविडकाल की प्रैक्टिसेस को फिर से रिवाईव करने की अपील की जैसे वर्क फ्रम होम कल्चर को दोबारा शुरु करना।


हंतावायरस प्रभावित क्रूज़ एमवी होंडियस में सवार पहले मरीज़ लियो शिलपेरुर्ड जो एक 70 वर्षीय डच बर्डवॉचर थे, संभावना जताई  जा रही है कि उन्हें यह वायरस संक्रमण, साउथ अमेरिका में लैंडफिल साईट पर बर्डवॉचिंक ट्रिप के दौरान हुआ। आपको बता दें कि लियो की मौत क्रूज़ पर ही हो गई थी।


ग्रेट निकोबार ट्रंस्शिपमेंट प्रोजेक्ट के लिए दी गई पर्यावर्णीय मंजूरी पर पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेशन ने सवाल खड़े किए हैं, उन्होंने हाई पावर कमीटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की अपील की। उनका आरोप है कि इकोलॉजिकल इंपैक्ट्स की स्टडी सही से नहीं की गई, कई पैरामीटर्स का उल्लंघन किया गया है।


वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाली एक प्रमुख चैरिटी संस्था वाईल्ड लाईफ ट्रस्ट ऑफ इंडियो को सरकार ने ब्लैकलिस्ट कर दिया है। आरोप है कि इस संस्था ने जम्मू-कश्मीर में स्थित ताताकुटी वन्यजीव अभयारण्य और दो अन्य संरक्षण क्षेत्रों के लिए तैयार की गई अपनी संरक्षण योजना में कथित तौर पर गलत आंकड़ों का इस्तेमाल किया था।


जम्मू-कश्मीर में इस वर्ष हुई  कम वर्षा की वजह से जल संकट गहराने की संभावना है। 


मध्य प्रदेश के बड़वाह जिले में बहने वाले चोरल नदी पूरी तरह सूख चुकी है इसकी वजह से 8 गांव के लोग पानी के लिए दर दर भटकने को मजबूर हैं। 

विस्तृत चर्चा

पॉडकास्ट में पीएम मोदी की नई अपीलों के बारे में बता रहे हैं हमारे हिंदी एडिटर शिशिर अग्रवाल। साथ ही मध्य प्रदेश की चोरल नदी का हाल दे रहे हैं हमारे रिपोर्टर चंद्र प्रताप तिवारी।   

पीएम मोदी की पेट्रोल बचाने की अपील

सरकार अब खुल कर ईरान-अमेरिका युद्ध पर चिंतित दिखाई दे रही है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना में देश से पेट्रोल-डीजल बचाने सहित कई अपील की है। पीएम ने कहा कि बीते 2 महीनों से पड़ोस में चल रहे युद्ध का देश पर गंभीर असर हुआ है। उन्होंने कहा कि अभी पेट्रोल डीजल और गैस जैसे पेट्रो उत्पादों का इस्तेमाल सिर्फ ज़रूरत के हिसाब से करें। इससे विदेशी मुद्रा भी बचेगी और युद्ध के असर को कम करने में मदद भी मिलेगी। उन्होंने मेट्रो और कार पूलिंग जैसे यातायात के विकल्प इस्तेमाल करने और समान भेजने के लिए रेलवे गुड्स का इस्तेमाल करने की अपील की। 

इसके अलावा पीएम ने लगभग एक साल तक विदेशों में डेस्टिनेशन वेडिंग और शादी करने से बचने की अपील भी की। विदेशी मुद्रा बचाने के लिए साल भर तक सोना न खरीदने की अपील की है। साथ ही खेतों में फर्टिलाइजर का उपयोग कम करने और नैचुरल फार्मिंग अपनाने की अपील की है। पीएम मोदी ने कहा कि हर परिवार खाने में तेल की मात्रा भी कम करे ऐसा करने से देह भी स्वस्थ्य रहेगी और देश पर भी बोझ नहीं बढ़ेगा। 

दैनिक भास्कर की खबर के अनुसार बीते 2 महीनों में क्रूड ऑइल के दाम 50% तक बढे हैं। इससे भारत का तेल आयात पर कुल खर्च 17 लाख करोड़ रु तक पहुंच सकता है। वहीं भारत का फर्टिलाइजर आयात भी 76% बढ़ा है। इसके अलावा सोना भी देश को महंगा पड़ रहा है। 2024-25 में देश ने 4.89 लाख करोड़ रूपए का सोना आयत किया। यह 2025-26 में बढ़कर 6.40 लाख करोड़ रु हो गया।

कुल मिलाकर देश को संकट से बचाने के लिए पीएम कोरोना जैसे विकल्प अपनाने के लिए अपील कर रहे हैं। हालांकि कांग्रेस ने उनके इन बयानों को अनैतिक बताया है।          


चोरल नदी और जल संकट की स्थिति 

खरगोन जिले के बड़वाह क्षेत्र में बहने वाली चोरल नदी इस गर्मी में पूरी तरह सूख गई है। यह नदी इंदौर की विंध्याचल पहाड़ियों से निकलती है और 55 किलोमीटर लंबी है, जो नर्मदा नदी की एक सहायक नदी (ट्रिब्यूटरी) है। नदी सूखने के कारण अरोड़ा, कुंडिया, बेकलिया सहित लगभग आठ गांवों में पीने के पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है।

संकट का प्रभाव

भूजल स्तर में गिरावट: इलाके के हैंडपंप और कुएं भी सूख चुके हैं क्योंकि भूजल स्तर तेजी से नीचे चला गया है।

जीव-जंतुओं पर असर: न केवल इंसानों को पानी की किल्लत हो रही है, बल्कि नदी किनारे रहने वाले मवेशी और वन्य जीव भी इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

प्रशासनिक और राजनीतिक हस्तक्षेप

सामान्यतः हर साल गर्मियों में चोरल नदी के ऊपरी हिस्से में स्थित बांध (गंभीर परियोजना) से नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जाता है ताकि निचले इलाकों को राहत मिल सके, लेकिन इस साल अब तक पानी नहीं छोड़ा गया है।

विधायक की मांग: बड़वाह विधायक सचिन बिरला ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर चोरल नदी में तुरंत पानी छोड़ने की मांग की है। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी चेतावनी दी है कि यदि देरी हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

जन आक्रोश: ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।

व्यापक जल संकट के आंकड़े चर्चा में यह भी बताया गया है कि जल संकट केवल चोरल नदी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र और राज्य में स्थिति चिंताजनक है:

नर्मदा बेसिन: सेंट्रल वाटर कमीशन के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल के अंत तक नर्मदा बेसिन में जल भंडारण क्षमता घटकर 38.82% रह गई है, जो महीने की शुरुआत में 46.09% थी।

मध्य प्रदेश के जलाशयों में पिछले साल की तुलना में पानी कम है। राष्ट्रीय स्तर पर मॉनिटर किए जा रहे 166 जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता भी वर्तमान में केवल 38.72% ही बची है।

ग्राउंड रिपोर्ट की बात

पर्यावरण सिर्फ खबर नहीं, यह हमारी सांसों का सवाल है। ग्राउंड रिपोर्ट की कोशिश है कि इन मुद्दों को ज़मीनी स्तर पर उठाया जाए और चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनाया जाए। अगर आप पर्यावरण पत्रकारिता को ज़रूरी मानते हैं, तो इस एपिसोड को शेयर करें और हमें अपना फीडबैक भेजें।

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Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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