यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-192 है। बुधवार, 15 अप्रैल को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए देश में कहां-कितना तापमान बढ़ा और कहां-कहां हीटवेव का अलर्ट?
मुख्य सुर्खियां
छतीसगढ़ के सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में बॉयलर फटने से 11 मजदूरों की मौत हो गई और 24 घायल हो गए। यह हादसा स्टीम पाइप में ओवर प्रेशर के कारण हुआ।
इन्डियन एक्सप्रेस ने अपनी एक खबर में बताया कि कुछ ऑन्कोलॉजिस्ट ने महंगे कैंसर उपचार की लागत कम करने के लिए कीट्रूडा (Keytruda) दवा की छोटी खुराक देने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि इससे इलाज की लागत काफी घट सकती है हालांकि दवा कंपनी ने इसे स्वीकार नहीं किया है।
एक सर्वे के अनुसार बिहार में 8,940 जलाशय गायब हो चुके हैं। इनमें से कई जल स्रोत अतिक्रमण, निर्माण और भूमि उपयोग बदलाव के कारण खत्म हो गए।
देश में गन्ना किसानों का बकाया भुगतान 16,087 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 2,049 करोड़ रुपये अधिक है। सबसे ज्यादा 4252 करोड़ महाराष्ट्र के किसानों का बाकी है।
मध्य प्रदेश के 15 शहरों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया। मौसम विभाग ने प्रदेश के 13 जिलों में ‘लू’ का अलर्ट जारी किया है और अगले 3 दिनों में तापमान के 44 डिग्री तक पहुंचने के आसार हैं।
केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत मुआवजे की मांग को लेकर लगभग 200 आदिवासियों ने पन्ना टाइगर रिजर्व के ‘कोर एरिया’ में प्रवेश कर विरोध प्रदर्शन किया। वन विभाग इस घुसपैठ को लेकर चिंतित है और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी मामला दर्ज करने की योजना बना रहा है।
विस्तृत चर्चा
देश भर में हीट वेव का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत में 20 अप्रैल तक हीटवेव चलने की चेतावनी दी है। कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहने की संभावना है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों के लिए लू की घोषणा के विशिष्ट मानक हैं:
मैदानी इलाके: जब तापमान 40°C को पार कर जाए और सामान्य से 4.5°C अधिक हो।
तटीय क्षेत्र: जब तापमान 37°C तक पहुंच जाए।
पहाड़ी/हिमालयी क्षेत्र: यहां 30°C तापमान होने पर इसे हीटवेव माना जाता है।
भौगोलिक प्रभाव और वर्तमान स्थिति
यह हीटवेव दक्षिण, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के एक बड़े क्षेत्र को प्रभावित कर रही है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र के अकोला में तापमान 43.8°C दर्ज किया गया, जबकि मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में 41.1°C और राजस्थान के जैसलमेर में 41°C रिकॉर्ड किया गया है। इस अत्यधिक गर्मी के कारण दोपहर के समय शहर की सड़कें खाली हो रही हैं और बाहर काम करने वालों के लिए जोखिम बढ़ गया है।
मौसम संबंधी कारण
इस भीषण गर्मी के पीछे कई मौसम तंत्र काम कर रहे हैं:
एंटी-साइक्लोन सिस्टम: महाराष्ट्र और कर्नाटक के पास बना यह सिस्टम बादलों को विकसित होने से रोकता है, जिससे आसमान साफ रहता है और सीधी धूप जमीन को गर्म कर देती है।
बारिश की कमी: इस साल अप्रैल में विशेष रूप से दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम भारत में प्री-मानसून बारिश बहुत कम हुई है।
चक्रवाती परिसंचरण: झारखंड, पश्चिम बंगाल और पाकिस्तान-राजस्थान सीमा के पास सक्रिय सिस्टम मौसम को अस्थिर बना रहे हैं और मध्य भारत में बारिश को रोक रहे हैं।
पूर्वानुमान और सुरक्षा अनुशंसाएं
एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और पंजाब जैसे क्षेत्रों में अस्थायी राहत और हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन समग्र पूर्वानुमान यह है कि अगले दो हफ्तों में तापमान 6 से 8°C तक और बढ़ सकता है, जो 45°C के पार जा सकता है।
सुरक्षित रहने के लिए IMD और विशेषज्ञों ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
पीक आवर्स (दोपहर 12:00 बजे से 4:00 बजे के बीच) बाहर निकलने से बचें।
प्यास न लगने पर भी अधिक से अधिक पानी पिएं और खुद को हाइड्रेटेड रखें।
हल्के रंग के कपड़े पहनें और बाहर जाते समय छाते का प्रयोग करें।
जो लोग बाहर काम करते हैं, उनके लिए नियमित अंतराल पर ब्रेक लेना अनिवार्य है।
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