यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-179 है। मंगलवार, 31 मार्च को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए कैसे होगी आगामी जनगणना और आपसे किस तरह के सवाल पूछे जाएंगे?
मुख्य सुर्खियां
कल से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा। इस चरण में देश भर में घरों कि गिनती की जाएगी।
केंद्र सरकार ने रबी सीजन 2025-26 के लिए हरियाणा, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में 18 लाख मीट्रिक टन से अधिक दालों और तिलहनों की MSP पर खरीद को मंजूरी दी है। इस खरीद का कुल मूल्य करीब 11,698 करोड़ रुपये होगा।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने बताया कि पिछले साल भारत में सांप के काटने से 431 मौतें हुईं, जो 2024 में 370 और 2023 में 183 थीं। कर्नाटक में 2025 में ऐसी सबसे ज़्यादा 157 मौतें दर्ज की गईं।
केंद्र सरकार अब सब्सिडी वाले उर्वरकों (खाद) की बिक्री को नियंत्रित करने के लिए किसानों के डिजिटल डेटाबेस (Agristack) का उपयोग करने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य किसानों खाद की पहुंच बढ़ाना और उसकी कालाबाज़ारी रोकना है।
मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीदी 10 दिन लेट शुरू होगी। 5 मंत्रियों की कैबिनेट कमिटी ने फैसला लिया कि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से खरीदी होगी। बाकी जगहों पर यह 15 अप्रैल से होगी।
सोमवार को भोपाल समेत कई जिलों में बारिश जबकि नीमच में ओलावृष्टि हुई। आज भी आंधी, बिजली और बारिश का अलर्ट है।
विस्तृत चर्चा
जनगणना के पहले चरण में क्या-क्या होगा?
भारत में सेंसस 2027 (जनगणना) की प्रक्रिया शुरू हो रही है, जो इस बार पहले से बिल्कुल अलग और पूरी तरह डिजिटल होगी।
डिजिटल प्रक्रिया और जियो-मैपिंग:
पहली बार हर घर की जियो-मैपिंग की जाएगी ताकि डिजिटल मैप पर सटीक लोकेशन मार्क हो सके। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई घर छूटे नहीं और किसी की दोबारा गिनती न हो।
जनगणना दो चरणों में होगी: पहले चरण में हाउसिंग लिस्टिंग होगी जिसमें घर के बारे में 33 सवाल पूछे जाएंगे, और दूसरा चरण (फरवरी 2027) वास्तविक जनसंख्या गणना का होगा।
इस बार डेटा में जाति (Caste) से संबंधित जानकारी भी शामिल की गई है।
सेल्फ-इमिनरेशन (Self-Enumeration):
लोग आधिकारिक पोर्टल पर जाकर खुद अपनी डिटेल्स भर सकते हैं। इसके लिए मोबाइल नंबर और ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद मैप पर घर की लोकेशन पिन करनी होगी।
फॉर्म भरने के बाद एक SEID मिलेगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है। जब जनगणना कर्मी घर आएंगे, तो उन्हें यह आईडी दिखाकर डेटा वेरीफाई करवाना होगा।
डेटा सुरक्षा और गोपनीयता:
जनगणना डेटा को न्यूक्लियर प्लांट और मिलिट्री नेटवर्क जैसी उच्च स्तरीय सुरक्षा दी जाएगी। यह नेशनल क्रिटिकल इंफॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर के तहत मॉनिटर होगा।
यह डेटा RTI के दायरे से बाहर होगा और इसे कोर्ट में सबूत (evidence) के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। केवल अधिकृत व्यक्ति ही बायोमेट्रिक और डिजिटल सिग्नेचर के जरिए इसे एक्सेस कर पाएंगे।
गणना के विशिष्ट नियम:
वैवाहिक स्थिति: लंबे समय से साथ रह रहे जोड़ों को ‘मैरिड कपल’ माना जाएगा।
उपकरण और वाहन: मोबाइल में FM रेडियो को रेडियो काउंट किया जाएगा, लेकिन मोबाइल पर टीवी देखना ‘टीवी’ नहीं माना जाएगा (इसके लिए वास्तविक टीवी होना जरूरी है)। ट्रैक्टर और ई-रिक्शा को कार की श्रेणी में नहीं गिना जाएगा।
रसोई और पानी: रसोई तभी मानी जाएगी जब वह सोने की जगह से अलग हो। पानी के मामले में, यदि आप बोतलबंद पानी (bottled water) का उपयोग करते हैं, तो उसे ही मेंशन किया जाएगा।
सावधानियां:
सेंसस वर्कर्स आपसे आपकी आय (Income), बैंक अकाउंट डिटेल्स, ओटीपी, या आधार/पैन कार्ड दिखाने का दबाव नहीं डाल सकते। नागरिकों को ऐसी जानकारी मांगने वालों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
यह डिजिटल जनगणना न केवल सटीक आंकड़े प्रदान करेगी, बल्कि भविष्य में सरकारी नीतियों और संसाधनों के वितरण को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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