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एलपीजी किल्लत: सिरेमिक उद्योग बंद, कपड़ा मजदूरों का पलायन

यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-169 है। गुरुवार, 19 मार्च को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए एलपीजी की किल्लत के कारण गुजरात के व्यापार एवं मजदूरों पर पड़ रहे असर और कृषि से जुड़ी हुई प्रमुख ख़बरें।


मुख्य सुर्खियां

इंदौर में ईवी कार में चार्जिंग के दौरान हुए शार्ट सर्किट से घर में आग लग गई जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई। पीएम मोदी ने हादसे पर दुःख जताया है और 2-2 लाख के मुआवजे की घोषणा की है।


शिक्षा पर संसद की स्थायी समिति ने सिफारिश की है कि PM-POSHAN योजना के तहत स्कूलों में नाश्ता भी दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही, इस योजना को अगले पांच वर्षों में कक्षा 12 तक के सभी छात्रों के लिए विस्तारित करने का सुझाव दिया गया है।


केंद्र सरकार ने राज्यों से पीएनजी (PNG) नेटवर्क के विस्तार में तेजी लाने को कहा है। जो राज्य इसमें तेजी लाएंगे, उन्हें व्यवसायों के लिए अतिरिक्त एलपीजी कोटा दिया जाएगा। 


केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में 1,500 मेगावाट की कुल क्षमता वाली छोटी जलविद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए 2,585 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। यह योजना अगले पांच वर्षों के लिए 1 मेगावाट से 25 मेगावाट तक की परियोजनाओं का समर्थन करेगी।


रायपुर के एक निजी अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन श्रमिकों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि भविष्य में इस तरह का काम केवल नगर निगम की अनुमति के बाद ही किया जाएगा वर्ना आपराधिक मामला दर्ज होगा।


मौसम विभाग ने भोपाल उज्जैन समेत 28 जिलों में हल्की बारिश और तेज़ हवा चलने की संभावना जताई है। बीते 24 घंटे में बालाघाट में 24 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

विस्तृत चर्चा

एलपीजी संकट और मजदूरों का पलायन

एलपीजी की बढ़ती कीमतों और किल्लत के कारण सूरत के कपड़ा उद्योग से जुड़े प्रवासी मजदूरों ने अपने घरों की ओर लौटना शुरू कर दिया है। वहीं, मोरबी के सेरेमिक उद्योग को 15 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिया गया है।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार जो एलपीजी सिलेंडर पहले ₹500 में मिलता था, वह अब ₹2500 तक में मिल रहा है।

सरकार का कहना है कि गैस की कमी नहीं है, लेकिन घरेलू सिलेंडर हासिल करने के नियम इतने सख्त कर दिए गए हैं कि जिनके पास औपचारिक कनेक्शन नहीं है, उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। पहले छोटे (5 किलो वाले) सिलेंडर आसानी से मिल जाते थे, लेकिन अब उन्हें हासिल करना बहुत मुश्किल हो गया है।

मजदूरों की कमी (मैनपावर शॉर्टेज) के कारण दक्षिण गुजरात की टेक्सटाइल फैक्ट्रियां ठप पड़ रही हैं। हालांकि कुछ फैक्ट्रियां मजदूरों को ₹20 प्रति मील के हिसाब से खाना दे रही हैं, लेकिन अपने परिवारों के साथ रह रहे मजदूरों के लिए घर लौटना ही एकमात्र विकल्प बचा है। लौटने वाले अधिकतर मजदूर यूपी, बिहार, उत्तराखंड और झारखंड के हैं।


कृषि और मौसम संबंधी अपडेट

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि राज्य सरकार 2028 तक ₹2700 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदेगी। साथ ही, केंद्र सरकार ने कपास सीजन 2023-24 के लिए भारतीय कपास निगम (CCI) को ₹1718 करोड़ की एमएसपी सहायता देने की मंजूरी दी है।

मौसम विभाग (IMD) ने 22 मार्च तक देश के कई हिस्सों में आंधी, बिजली और ओलावृष्टि की संभावना जताई है।

प्रभावित राज्य: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में मौसम बिगड़ने का अनुमान है।

अचानक मौसम बदलने से रबी की फसलों (गेहूं, सरसों, चना) को भारी नुकसान हो सकता है। विशेष रूप से हरियाणा और पंजाब में सरसों की फसल कटाई के लिए तैयार है, ऐसे में बारिश और ओले किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकते हैं।

जहां एक ओर एलपीजी की कीमतों ने औद्योगिक मजदूरों के जीवन को प्रभावित किया है, वहीं दूसरी ओर बेमौसम बारिश किसानों की मेहनत पर पानी फेर सकती है।

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Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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