यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-205 है। गुरुवार, 30 अप्रैल को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में मध्य प्रदेश में ग्रीन बांड्स से बने पहले सोलर प्लांट के बारे में।
मुख्य सुर्खियां
रेयर अर्थ माइनिंग से निकलने वाले जहरीले केमिकल और भारी धातु मेकॉन्ग की सहायक नदियों में पहुंच रहे हैं, जिससे पानी तेजी से प्रदूषित हो रहा है। इसका असर खेती, मछली पालन और पीने के पानी पर पड़ रहा है, जिससे लाखों लोगों की आजीविका और खाद्य सुरक्षा खतरे में है।
राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को आदिवासी हकों के खिलाफ और बड़ा घोटाला बताया। उनका आरोप है कि इससे जंगल कटेंगे और स्थानीय लोगों को नुकसान होगा। केंद्र सरकार इसे आर्थिक और रणनीतिक रूप से जरूरी बता रही है।
आरबीआई ने आपदा से प्रभावित लोगों को लोन चुकाने में राहत देने का फैसला लिया गया है। बैंक मोरेटोरियम और पुनर्गठन जैसे विकल्प दे सकते हैं ताकि लोगों पर तुरंत बोझ न पड़े।
हल्की बारिश से दिल्ली में गर्मी से थोड़ी राहत मिली और तापमान गिरा। मौसम विभाग ने आगे भी हल्की बारिश और ठंडक रहने की संभावना जताई है।
दिल्ली सरकार ने कमर्शियल वाहनों पर पर्यावरण शुल्क बढ़ा दिया है। इसका मकसद प्रदूषण कम करना और साफ ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना है।
कान्हा टाइगर रिजर्व में एक टाइग्रेस और उसके 4 शावकों की मौत हो गई। शुरू में भूख की आशंका थी, बाद में कारण फेफड़ों का संक्रमण बताया गया।
वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक हालात, खासकर सप्लाई संकट और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल के कारण ऊर्जा महंगी हो सकती है। इसका सीधा असर पेट्रोल, डीजल और बिजली की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे आम उपभोक्ताओं और उद्योगों दोनों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा, हालांकि सरकार राहत के उपाय तलाश रही है।
मध्य प्रदेश सरकार फूलों और मसाला फसलों की खेती बढ़ाने पर जोर दे रही है। उज्जैन में सेंटर फॉर एक्सीलेंस खोलकर किसानों को तकनीक और बेहतर उत्पादन की ट्रेनिंग दी जाएगी।
दैनिक भास्कर की एक इंविस्टीगेटिव रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद के दौरान फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां बिना जमीन वाले लोगों ने दूसरों के खेत अपने नाम पर रजिस्टर कराकर किसान बनकर अनाज बेचा।
विस्तृत चर्चा
इंदौर में ग्रीन बॉन्ड्स से बना सोलर प्लांट
मध्य प्रदेश में पब्लिक फंडिंग से बने पहले क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट के तहत इंदौर नगर निगम ने 60 मेगावॉट का सोलर पावर प्लांट शुरू किया है। खरगोन जिले के जलूद में 271 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस प्लांट की फंडिंग ग्रीन बॉन्ड्स के जरिए की गई है, जिसमें 244 करोड़ रुपये बॉन्ड्स से और 42 करोड़ रुपये केंद्र सरकार से मिले हैं।
इस मॉडल की खासियत यह है कि आम लोगों को भी एक लाख रुपये के बॉन्ड्स के जरिए निवेश का मौका मिलता है, जिस पर करीब 8 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न दिया जाता है। 211 एकड़ बंजर जमीन पर बना यह प्लांट नगर निगम के बिजली खर्च को 25 करोड़ रुपये प्रति माह से घटाकर लगभग 5 करोड़ रुपये तक लाने में मदद करेगा।
साथ ही, पानी पंप करने और ऊर्जा खपत से होने वाले करीब 1.46 लाख टन सालाना कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, और कार्बन क्रेडिट के जरिए करीब 18 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय भी संभव है।
हालांकि, ग्रीन बॉन्ड आधारित यह मॉडल जितना आकर्षक दिखता है, उतना ही जटिल भी है। सख्त निगरानी, पारदर्शिता और वित्तीय क्षमता की कमी जैसे मुद्दे कई नगर निकायों के लिए इसे लागू करना मुश्किल बनाते हैं, जिससे इसकी दीर्घकालिक स्थिरता पर सवाल उठते हैं।
गेहूं खरीदी की तारीख बढ़ी
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य में गेहूं खरीदी और स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख अब बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है, और इसी अवधि तक खरीदी की प्रक्रिया जारी रहेगी।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, यह तीसरी बार है जब सरकार ने समयसीमा आगे बढ़ाई है। इससे पहले यह तारीख 9 मई तय की गई थी, जबकि शुरुआती समयसीमा 31 अप्रैल रखी गई थी। हाल के दिनों में स्लॉट बुकिंग में आई तकनीकी दिक्कतों और किसानों की शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया गया।
बुधवार को हुई विभागीय समीक्षा बैठक में इन समस्याओं को दूर करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के कलेक्टर, एसपी और कमिश्नरों को खरीदी केंद्रों की सख्त निगरानी सुनिश्चित करने को कहा है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अगले कुछ दिनों में विभिन्न जिलों के खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। हेलीकॉप्टर के जरिए होने वाले इस दौरे में व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा और किसानों से सीधे संवाद भी किया जाएगा।
सरकार का यह कदम किसानों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया को सुचारू बनाने की दिशा में उठाया गया है।
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