यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-166 है। सोमवार, 16 मार्च को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ आज पॉडकास्ट में जानिए ‘स्मॉग ईटिंग’ सर्फेस पर आईआईटी मद्रास और दिल्ली सरकार के बीच हुए समझौते और मध्य प्रदेश की अन्य प्रमुख ख़बरें।
मुख्य सुर्खियां
ओडिशा के कटक में एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ट्रॉमा केयर के आईसीयू में आग लगने के चलते 10 लोगों की मौत हो गई। ओडिशा सीएम मोहन चरण मांझी घायलों को देखने के लिए हॉस्पिटल पहुंच गए हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 25-25 लाख का मुआवजा देने का ऐलान किया है।
सऊदी अरब से लगभग 10 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर आ रहा टैंकर मुंबई पहुंच गया है। पश्चिम एशिया के संघर्ष के बावजूद, यह टैंकर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलमार्ग को पार करने में सफल रहा।
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान सात जिलें चंबा, शिमला, कुल्लू, मंडी, लाहौल स्पीति, किन्नौर और कांगड़ा के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और निचले व मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है। ऊंचे क्षेत्रों में इससे 150 से ज्यादा सड़कें फिसलन के कारण बंद हो गई।
दिल्ली में 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में से 14 या तो काम नहीं कर रहे हैं (उनकी मरम्मत चल रही है) या वे सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के तय वॉटर ट्रीटमेंट पैरामीटर को पूरा नहीं करते हैं। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने अपनी हालिया रिपोर्ट में यह बात कही है।
उज्जैन-जावरा फोरलेन हाइवे से प्रभावित 62 गांवों के 400 किसान ने सीएम डॉ मोहन यादव से मुलाक़ात की। उन्होंने प्रभावितों के लिए बाज़ार मूल्य पर मुआवज़ा तय करने की मांग की।
विस्तृत चर्चा
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण हेतु नई तकनीक का अध्ययन
दिल्ली सरकार ने राजधानी में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए टाइटेनियम डाइऑक्साइड (TiO2) का उपयोग करने वाली ‘फोटोकैटलिटिक स्मॉग-ईटिंग तकनीक’ के अध्ययन हेतु IIT मद्रास के साथ हाथ मिलाया है। इस तकनीक के तहत सड़कों, इमारतों और अन्य शहरी सतहों पर टाइटेनियम डाइऑक्साइड की कोटिंग की जाती है। जब यह कोटिंग सूरज की रोशनी के संपर्क में आती है, तो एक रासायनिक प्रतिक्रिया शुरू होती है जो हवा में मौजूद नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2) और वोलेटाइल ऑर्गेनिक कार्बन जैसे प्रदूषकों को तोड़कर उन्हें कम कर देती है।
यह अध्ययन 6 महीने तक चलेगा, जिसके लिए IIT मद्रास में एक कंट्रोल्ड स्मॉग चेंबर बनाया गया है ताकि इस कोटिंग की प्रभावशीलता को समझा जा सके। योजना यह है कि कंक्रीट या एस्फाल्ट जैसे निर्माण सामग्री में इस फोटोकैटलिटिक सामग्री को मिलाकर कोटिंग तैयार की जाए, जो लंबे समय तक चलने वाली और किफायती हो,। हालांकि, स्रोत यह भी बताते हैं कि दिल्ली में पहले किए गए क्लाउड सीडिंग जैसे प्रयोग विफल रहे हैं, इसलिए इस नई तकनीक की सफलता भविष्य के नतीजों पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि केवल तकनीकी उपायों के बजाय प्रदूषण के मूल स्रोतों पर काम करना भी उतना ही आवश्यक है।
आदिवासियों के वनाधिकार पट्टों का सरकारी पंजीकरण
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुरहानपुर के नेपानगर में आयोजित जनजातीय सम्मेलन के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। सरकार उन आदिवासियों के वनाधिकार पट्टों की राजस्व विभाग के माध्यम से रजिस्ट्री करवाएगी, जिनके पास वर्तमान में ये पट्टे मौजूद हैं। इस रजिस्ट्री में भाई और बहन दोनों के नाम शामिल किए जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया में आने वाला लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये का खर्च सरकार खुद वहन करेगी। वर्तमान में इन पट्टों की सीमाएं हैं, जैसे कि इन पर बैंक लोन मिलने में कठिनाई होती है और इन्हें आसानी से बेचा नहीं जा सकता; रजिस्ट्री होने से ये समस्याएँ हल हो सकेंगी।
फोर-लेन हाईवे के लिए मुआवजे का विवाद
उज्जैन-जावरा न्यू फोर-लेन हाईवे से प्रभावित 62 गांवों के लगभग 400 किसानों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मुआवजे में हो रहे भेदभाव की शिकायत की है। किसानों का आरोप है कि उन्हें दी जा रही मुआवजे की राशि (2 से 4 लाख रुपये प्रति बीघा) बाजार दर से 10 गुना कम है। उनकी मांग है कि उन्हें भी उज्जैन-इंदौर ग्रीन फील्ड हाईवे की तर्ज पर स्थानीय बाजार मूल्यों के आधार पर मुआवजा दिया जाए, जबकि वर्तमान में उन्हें केवल सरकारी गाइडलाइन के अनुसार भुगतान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वासन दिया है कि वे इस मामले को देखेंगे और उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास करेंगे।
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