यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-165 है। शनिवार, 14 मार्च को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ आज पॉडकास्ट में जानिए उन सकारात्मक ख़बरों के बारे में जो महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में बताती हैं।
मुख्य सुर्खियां
दवा निर्माताओं ने ईंधन की कमी के बीच सरकार से दवाओं के उत्पादन को “आवश्यक सेवा” मानकर विशेष छूट देने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि एलपीजी/पीएनजी की आपूर्ति में बाधा से जीवन रक्षक दवाओं की वैश्विक कमी हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है कि मेंडेट्रि मेंसट्रूअल लीव से कंपनियों में महिलाओं को काम पर रखने के प्रति हिचकिचाहट पैदा हो सकती है, जो उनके करियर के लिए नुकसानदेह होगा। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में नीतिगत फैसला लेना सरकार का काम है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा को बताया कि भारतीय हिमालयी क्षेत्र में पेड़ों का आवरण 2021 में 15 हज़ार 427.11 वर्ग किमी से घटकर 2023 में 15 हज़ार 075.5 वर्ग किमी रह गया है।
अंतरराष्ट्रीय मौसम मॉडलों के अनुसार, जुलाई 2026 के बाद अल नीनो के उभरने की 62% संभावना है। इसके कारण भारत में मानसून के दौरान अत्यधिक गर्मी और कम बारिश होने की आशंका जताई गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने चंबल में अवैध खनन के मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में मुख्यमंत्री द्वारा घड़ियाल छोड़े गए थे वो भी खनन की ज़द में हैं। कोर्ट ने अगली सुनवाई में मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष पेश करने के लिए कहा है।
भोपाल में 800 पेड़ काटने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार पर लगे आरोपों को सही माना है। कोर्ट ने सरकार को बार-बार जवाब देने के लिए कहा मगर कोई भी काउंटर एफिडेविट दायर नहीं किया गया।
विस्तृत चर्चा
हाइवे पर मधुमक्खियों के लिए विशेष कॉरिडोर
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मधुमक्खियों के संरक्षण के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है।
इसकी शुरुआत छत्तीसगढ़ में नेशनल हाईवे 53 (आरंग-सरायपाली मार्ग) से की जाएगी। इसके बाद इसे नेशनल हाईवे 30 (रायपुर-धमतरी) और नेशनल हाईवे 130 (कटघोरा-पथरापाली मार्ग) पर भी विकसित किया जाएगा।
यह पहली बार है कि सड़कों के किनारे मधुमक्खियों के अनुकूल पेड़-पौधे लगाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस हरित पट्टी में करंज, महुआ, पलाश, बॉटल ब्रश और जामुन जैसे फूलदार पौधे लगाए जाएंगे ताकि मधुमक्खियों को साल भर पर्याप्त पराग और मधु रस मिल सके。
इस योजना का मुख्य लक्ष्य पर्यावरण संतुलन बनाए रखना और ग्रामीण आबादी के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीता प्रोजेक्ट
मध्य प्रदेश वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल करने जा रहा है।
मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की मोहली रेंज में चीता प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है। कूनो और गांधी सागर के बाद यह राज्य का तीसरा अभयारण्य होगा जहां चीते रखे जाएंगे।
यह देश का ऐसा पहला अभयारण्य होगा जहां तेंदुआ, बाघ) और चीता तीनों एक साथ देखे जा सकेंगे।
जून के अंत तक बोत्सवाना से लाए गए चार चीतों (तीन मादा और एक नर) को यहां लाने की योजना है। इस प्रोजेक्ट के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है और इसका भूमि पूजन मुख्यमंत्री मोहन यादव कर सकते हैं।
दालों की खेती और आयात नीति पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों के हितों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।
किसान महापंचायत संगठन ने याचिका दायर की थी कि सरकार द्वारा दालों पर से आयात शुल्क (Import Duty) हटाने के कारण घरेलू बाजार में दालें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से भी कम दामों पर बिकती हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान होता है।
न्यायालय ने केंद्र सरकार से एक नई नीति बनाने को कहा है। कोर्ट ने सुझाव दिया कि सभी हितधारकों (Stakeholders) के साथ चर्चा की जाए कि कैसे खेती को विविध (Diversify) बनाया जा सकता है।
सरकार को किसानों को गेहूं और धान के अलावा दालों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने और नीतिगत स्तर की समस्याओं को दूर करने का निर्देश दिया गया है।
ये तीनों खबरें सकारात्मक बदलाव की ओर संकेत करती हैं। यदि इनका सही तरीके से क्रियान्वयन होता है, तो पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक लाभ देखने को मिल सकते हैं।
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