यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-162 है। बुधवार, 11 मार्च को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ आज के पॉडकास्ट में जानिए एसेस्न्शियल कॉमोडिटी एक्ट और जल जीवन मिशन में कैसे होगी डिजिटल मैपिंग?
मुख्य सुर्खियां
अमेरिका-ईरान जंग के बीच घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने एसेस्न्शियल कॉमोडिटी एक्ट लागू कर दिया है। पेट्रोकेमिकल और रिफ़ाइनरीज़ को LPG का उत्पादन बढ़ाने और ख़ास हाइड्रोकार्बन को एलपीजी बनाने के लिए इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है।
कॉमर्शियल उपभोगकर्ताओं की मांग का 80% और उर्वरक इकाइयों की ज़रूरत का 70% एलपीजी आवंटन घटा दिया गया है।
बढ़ती एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) कीमतों के कारण एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों पर ₹399 तक का फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है। पश्चिम एशिया के संघर्ष से तेल की कीमतें बढ़ने के कारण एयरलाइंस की लागत में बड़ा इज़ाफा हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया कि कोविड वैक्सीन के गंभीर दुष्प्रभावों से पीड़ित लोगों के लिए नो-फाल्ट मुआवजा नीति बनाई जाए। कोर्ट ने कहा कि आंकड़े स्वीकार करते हैं कि टीके से कुछ लगों की जान गई है ऐसे में सरकार ज़िम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती।
मध्यप्रदेश के रतलाम के 33 वर्षीय पर्यटक की उदयपुर के बाहुबली हिल क्षेत्र में जंगल की आग में फंसने से मौत हो गई। आग से करीब 3 हेक्टेयर जंगल और कई दुर्लभ पौधों को भी नुकसान पहुंचा है।
मध्य प्रदेश में अब गेहूं की खरीदी 16 मार्च की जगह 1 अप्रैल से होगी। इसका कारण भण्डारण के लिए इस्तेमाल होने वाले पीई बैग की कमी बताया जा रहा है।
विस्तृत चर्चा
आवश्यक वस्तु अधिनियम का लोगों पर असर
देश में गैस की कमी की आशंका को देखते हुए सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने पूरे देश में आवश्यक वस्तु अधिनियम यानि एसेस्न्शियल कॉमोडिटी एक्ट लागू कर दिया है। यह क़ानून केंद्र सरकार को जरूरी चीजों की सप्लाई और कीमतों को नियंत्रित करने का अधिकार देता है। इसका उद्देश्य जमाखोरी को रोकना और स्टॉक की सीमा तय करना है।
सप्लाई पर पाबंदी और प्राथमिकता: दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे कई राज्यों में कमर्शियल गैस की सप्लाई फिलहाल रोक दी गई है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित हो रहे हैं। सरकार ने सप्लाई को चार हिस्सों में बांटा है:
घरेलू रसोई गैस और गाड़ियों की CNG को पूरी सप्लाई दी जाएगी।
खाद कारखानों को 70% और बड़े उद्योगों को 80% गैस मिलेगी।
छोटे कारखानों और होटलों को उनकी पुरानी खपत के आधार पर 80% सप्लाई दी जाएगी।
संकट के अंतरराष्ट्रीय कारण: इस संकट की मुख्य वजह स्ट्रेट ऑफ हरमुज (Strait of Hormuz) पर बना तनाव और कतर के LNG प्लांट में उत्पादन रुकना है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 40% लिक्विड नेचुरल गैस (LNG) कतर से ही आयात करता है।
नए नियम और सुरक्षा उपाय: सरकार ने पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है। अब एक सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक किया जा सकेगा। साथ ही, जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी के समय OTP या बायोमेट्रिक जांच अनिवार्य कर दी गई है।
जल जीवन मिशन: विस्तार और डिजिटल मैपिंग
जल जीवन मिशन की वर्तमान स्थिति, बजट और इसमें सुधार के लिए सरकार की नई योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इस मिशन का मुख्य लक्ष्य हर व्यक्ति को प्रतिदिन 55 लीटर स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना है।
बजट और समय सीमा में वृद्धि: केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के लिए ₹1.5 लाख करोड़ अतिरिक्त आवंटित किए हैं। इस योजना की फंडिंग अब 2028 तक जारी रहेगी और इसका कुल बजट बढ़कर 8.69 लाख करोड़ हो गया है। पहले इसकी समय सीमा 2024 थी।
डिजिटल मैपिंग की आवश्यकता: योजना के क्रियान्वयन में वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और खराब गुणवत्ता की शिकायतों के बाद सरकार ने डिजिटल मैपिंग शुरू करने का फैसला किया है। अब पानी के स्रोत से लेकर घरों तक पानी पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की मैपिंग की जाएगी।
जमीनी हकीकत बनाम डेटा: रिपोर्टों के अनुसार, जल जीवन मिशन के डैशबोर्ड पर कई गांवों को 100% जल-युक्त दिखाया गया है, जबकि असलियत में वहां पाइप तो बिछ गए हैं पर पानी नहीं पहुंचा। पहले यह डेटा मैनुअल तरीके से या केवल फोन कॉल के आधार पर भरा जाता था, जिससे गलत जानकारी दर्ज होती थी।
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