नमस्कार दोस्तों, मैं हूं पल्लव जैन और आप सुन रहे हैं ग्राउंड रिपोर्ट का डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट “पर्यावरण आज”। यहां हम बात करेंगे दिन की महत्वपूर्ण पर्यावर्णीय खबरों पर। आप सभी को ग्राउंड रिपोर्ट की ओर से स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं। आईये शुरुवात करते हैं प्रमुख हैडलाईन्स के साथ….
भारी बारिश से यूपी से लेकर हिमाचल तक हालात बिगड़े, कश्मीर में ओलावृष्टि से सेब के बागों को बड़ा नुकसान, रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं की कमी और देश के कई हिस्सों में बारिश के बावजूद सूखे का संकट। जानिए आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें “पर्यावरण आज” पॉडकास्ट के साथ।
चेन्नई में इलेक्ट्रिक बसें रोज़मर्रा की ज़िंदगी को बदल रही हैं और अडयार बीच जैसे व्यस्त स्टॉप पर धुएं और शोर को कम कर रही हैं। MTC के बेड़े में अब 30% से ज़्यादा बसें इलेक्ट्रिक हैं, और तमिलनाडु में पिछले पाँच सालों में fine particulate matter के स्तर में 22% की कमी आई है।
एटॉमिक एनर्जी डिपार्टमेंट ने परमाणु ऊर्जा से जुड़े नए शांति एक्ट के ड्राफ्ट रुल्स रिलीज़ कर दिये हैं, इसके मुताबिक विदेशी तकनीक जिसका इस्तेमाल भारत में होगा वह कंट्री ऑफ ओरिजिन में रेगुलेटरी बॉडी से अप्रूव्ड और सर्टिफाईड होनी चाहिए या वहां इस्तेमाल में लाई जा रही हो तभी इसका इस्तेमाल भारत में हो सकेगा।
बेल्जीयन बॉर्डर पर फैली जंगल की आग की वजह से पश्चिचिमी जर्मनी के कुछ गांवों को सुबह चार बजे खाली कराया गया। 2000 लोगों को यहां सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है।
इस समय यूरोप भीषण गर्मी का सामना कर रहा है जिससे कई देश जंगल की आग की घटनाओं से जूझ रहे हैं।
जापान के चीबा में एक्सट्रीम बारिश दर्ज की गई जिससे बाढ़ के हालात पैदा हो गए। 24 घंटे हुए 360 मिलीमीटर बारिश की वजह से राजधानी टोक्यो के आसपास रेल और सड़क मार्ग डूब गए, 20 हज़ार से अधिक घरों में पावर आउटेज रहा। करीब 7 लोगों की मौत इस आपदा में हो गई है।
CAG की ऑडिट में पाया गया कि जिन 512 नॉन-सबअर्बन रेलवे स्टेशनों की जांच की गई, उनमें से 458 (यानी 89% से ज़्यादा) में यात्रियों के लिए तय सुविधाओं में से एक या उससे ज़्यादा सुविधाएं नहीं थीं।
इन कमियों में पीने का पानी, बैठने की जगह, शौचालय, प्लेटफॉर्म शेल्टर, पंखे, वॉटर कूलर और साइनबोर्ड जैसी चीज़ें शामिल थीं।
ऑडिट में पीने के पानी की क्वालिटी से जुड़ी चिंताएं भी सामने आईं; कई स्टेशनों पर क्लोरीन का लेवल तय सीमा से बाहर पाया गया और पानी में टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया (जिसमें ई. कोलाई भी शामिल है) की मौजूदगी भी देखी गई।
हाल के हफ़्तों में भारत में ज़बरदस्त बारिश हुई है और कुछ इलाकों में बाढ़ या बाढ़ जैसे हालात बने हैं। फिर भी, IIT गांधीनगर के ‘इंडिया ड्रॉट मॉनिटर’ के मुताबिक, अगस्त की शुरुआत में देश का एक-तिहाई से ज़्यादा हिस्सा अलग-अलग तरह के सूखे की चपेट में था।
अनुमान है कि हालात जल्द बेहतर नहीं होंगे। मिट्टी में नमी पर नज़र रखने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले महीने में देश के बड़े हिस्सों में सूखा जारी रहने की आशंका है, यहाँ तक कि उन इलाकों में भी जहाँ पहले ही बारिश हो चुकी है।
तो यह थी आज की प्रमुख हेडलाईन्स अब समय है आज की चर्चा का।
भारी बारिश से एमपी और ओलावृष्टि से कश्मीर बेहाल
मध्य प्रदेश में शनिवार को अत्यधिक बारिश की चेतावनी के साथ रेड अलर्ट जारी किया गया है। अगले 24 घंटों में जबलपुर और सागर सहित 21 से अधिक जिलों में 4 से 8 इंच तक भारी बारिश होने के आसार हैं । भोपाल मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य के ऊपर एक मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय है, जिसका प्रभाव अगले चार दिनों तक जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में सबसे अधिक देखने को मिलेगा । तेज बारिश के कारण खरगोन में जलाशय (रिजर्वायर) ओवरफ्लो हो चुके हैं, और सतना सहित कई अन्य जिलों में भी बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति बनी हुई है
। पॉडकास्ट के अनुसार, इससे पहले जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल क्षेत्रों में सामान्य से 19% कम बारिश दर्ज की गई थी (कुछ जिलों में यह कमी 44% तक थी), लेकिन पिछले कुछ दिनों की लगातार बारिश से स्थिति बदल रही है
जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी और ओलावृष्टि
सीजन की तीसरी मार: सेब उत्पादकों के लिए इस सीजन में मौसम के कारण होने वाला यह तीसरा नुकसान है। इससे पहले भी तेज हवाओं ने बगीचों को प्रभावित किया था और अब इस ओलावृष्टि ने दोबारा तबाही मचाई है। रोजी-रोटी पर संकट: स्थानीय सेब उत्पादक इस स्थिति से बेहद चिंतित हैं क्योंकि सेब की फसल अपनी अंतिम परिपक्वता अवस्था (final stage) में पहुँच चुकी है। इन उत्पादकों की पूरी आजीविका और जीवन इसी सालाना फसल पर निर्भर करता है।
सरकारी राहत और नुकसान का आकलन: बागवानी विभाग (Horticulture Department) ने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का जायजा लेने और स्थानीय सरकार को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के लिए फील्ड स्टाफ तैनात कर दिया है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि नुकसान का पूरा मुआवजा दिया जाएगा। बदलते मौसम की चेतावनी: श्रीनगर मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी देखने को मिल सकती है। पीर की गली, सोनमर्ग और गुलमर्ग जैसे पर्वतीय इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई है, जिससे मैदानी इलाकों में भी तापमान काफी गिर गया है और सर्दियों जैसा मौसम महसूस हो रहा है
धन्यवाद वाहिद
ग्राउंड रिपोर्ट की बात
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