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उड़ीसा में बाढ़ से कैसे हैं हालात और आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?

उड़ीसा की बाढ़ से लेकर भारत की रिन्युबल एनर्जी प्रोडक्शन तक जानिए आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें “पर्यावरण आज” पॉडकास्ट के साथ।

भारत और जापान मिलकर चांद में खोज करेंगे, कर्नाटक के मेकेदातु बांध का तमिलनाडु में विरोध, ट्रांसमिशन बाधाओं के कारण अक्षय ऊर्जा क्षमता संकट में, मप्र में मूंग की आवक घटी। जानिए आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें “पर्यावरण आज” पॉडकास्ट के साथ।


मुख्य सुर्खियां

इसरो (ISRO) और जापान की जाक्सा (JAXA) 2028 में चंद्रमा के लिए ‘लुपेक्स’ (LUPEX) मिशन लॉन्च करेंगे। यह मिशन चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों में पानी और बर्फ की खोज करेगा। 


तमिलनाडु में डीएमके ने कर्नाटक के प्रस्तावित मेकेदातु बांध के विरोध में 3 अगस्त को तंजावुर में प्रदर्शन का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन मुख्यमंत्री विजय की प्रस्तावित कर्नाटक यात्रा के दिन होगा। डीएमके का आरोप है कि यह परियोजना कावेरी जल बंटवारे में तमिलनाडु के हितों को प्रभावित करेगी। 


केंद्र सरकार ने कहा है कि वाहन निर्माताओं पर E20 ईंधन अपनाने के लिए कोई दबाव नहीं है। भारत ने पिछले वर्ष पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। सरकार के अनुसार पुराने वाहनों के माइलेज में 3-5% की कमी हो सकती है, लेकिन इससे इंजन को नुकसान नहीं होगा।


भारत की 21 गीगावाट (GW) की अक्षय ऊर्जा क्षमता ट्रांसमिशन बाधाओं के कारण संकट में है। वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 6,900 GWh स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन रोकना पड़ा। 50 से अधिक कंपनियों ने इस समस्या के कारण वित्तीय राहत की मांग की है।


राज्य में सीजन का सबसे प्रभावी मानसून सिस्टम बालाघाट के रास्ते सक्रिय हुआ है। इंदौर, भोपाल और उज्जैन सहित 12 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अब तक सीजन कोटे की 50% यानी 21 इंच बारिश हो चुकी है।


सरकारी खरीद की सीमा 25% से बढ़ाकर 60% करने के बाद मंडियों में मूंग की आवक 85% घट गई है। भोपाल मंडी में मूंग के दाम एक ही दिन में 8% बढ़कर 6,800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं।

विस्तृत चर्चा

आज की चर्चा में हमारे असोसिएट एडिटर वाहिद भट से जानिए उड़ीसा की बाढ़ और आने वाले दिनों में मौसम का सारा अपडेट।

ओडिशा में बाढ़ का संकट और देशभर में बारिश के अनुमान 

जहां एक ओर ओडिशा में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है वहीं  देशभर में सात अलग-अलग मौसमी प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। इसके कारण गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्यों (हिमाचल, उत्तराखंड, पूर्वोत्तर) में भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ (Flash Floods) का खतरा बना हुआ है।

ओडिशा में बाढ़ की भयावह स्थिति 

ओडिशा में सैलाब (बाढ़) की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा से करीब 7 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और राज्य के 19 जिलों में पानी घुस चुका है। इस संकट के कारण अब तक 5 लोगों की मौत की खबर है। राहत कार्यों के तहत लगभग 2 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है और प्रशासन ने 500 से अधिक रिलीफ कैंप और कम्युनिटी किचन स्थापित किए हैं ताकि प्रभावितों को भोजन मिल सके।

फसलों और संपत्ति का नुकसान 

बाढ़ ने कृषि क्षेत्र को भारी चोट पहुंचाई है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, 24,000 एकड़ से अधिक खरीफ की फसल तबाह हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान जाजपुर जिले में हुआ है, जहां 20,000 एकड़ से ज्यादा फसल प्रभावित हुई है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि फसलों और मकानों के नुकसान का सर्वे पूरा होते ही पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा।

देश में सक्रिय मौसमी प्रणालियां

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून इस समय अपनी पूरी तीव्रता के साथ सक्रिय है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक साथ सात अलग-अलग मौसमी प्रणालियां काम कर रही हैं। इनमें बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव (Deep Depression), मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) जैसे सिस्टम शामिल हैं।

इन प्रणालियों के कारण आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी रह सकती है।

सबसे अधिक खतरे वाले राज्य: गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश।

पहाड़ी क्षेत्र: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर (North East) राज्यों में भूस्खलन (Landslides) और अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) का जोखिम बना हुआ है।

मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी 

मध्य प्रदेश में बंगाल की खाड़ी से उठा कम दबाव का क्षेत्र बालाघाट के रास्ते प्रवेश कर चुका है, जिसका असर अब भोपाल से उज्जैन तक देखा जा रहा है। अगले 48 घंटे राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण बताए गए हैं:

रेड अलर्ट: नर्मदापुरम, बुरहानपुर और खंडवा में अत्यधिक तेज बारिश की चेतावनी दी गई है।

भारी बारिश की आशंका: सीहोर, उज्जैन, इंदौर, देवास और बड़वानी जैसे इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अनुमान है।

प्रशासनिक निर्देश और सावधानी मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे घरों से बाहर न निकलें और अनावश्यक यात्रा से बचें। ताजा अपडेट के लिए लोगों को आईएमडी भोपाल के सोशल मीडिया हैंडल्स से जुड़े रहने का सुझाव दिया गया है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए आगामी कुछ दिन रेस्क्यू एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं।

ग्राउंड रिपोर्ट की बात

पर्यावरण सिर्फ खबर नहीं, यह हमारी सांसों का सवाल है। ग्राउंड रिपोर्ट की कोशिश है कि इन मुद्दों को ज़मीनी स्तर पर उठाया जाए और चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनाया जाए। अगर आप पर्यावरण पत्रकारिता को ज़रूरी मानते हैं, तो इस एपिसोड को शेयर करें और हमें अपना फीडबैक भेजें।

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Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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