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जानिए दुनिया के 50 सबसे गर्म शहरों में भारत के कितने शहर?

नीमच में मिलावट के भंडाफोड़ से लेकर भारत की विश्वस्तरीय गर्मी तक जानिए आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें “पर्यावरण आज” पॉडकास्ट के साथ। 

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी, भारत का कुल दाल आयात 18% गिरा, मध्य प्रदेश में शिशु मृत्यु दर घटी, दिल्ली का स्कूलों में वाटर हार्वेस्टिंग पर जोर। जानिए आज की प्रमुख पर्यावरणीय और कृषि खबरें “पर्यावरण आज” पॉडकास्ट के साथ। 


मुख्य सुर्खियां

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर ₹99.51 प्रति लीटर पहुंच गया है। डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। इसके दाम ₹92.49 पर पहुंच गए हैं।


वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल दाल आयात 18% गिरकर 5.96 मिलियन टन रह गया है, जिसका मुख्य कारण पीली मटर और चने की कम खरीद है। हालांकि, इसी अवधि के दौरान तुअर और उड़द के आयात में क्रमशः 21% और 28% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।


गंगा का पानी यमुना में मोड़ने की प्रस्तावित योजना को तकनीकी और व्यवहारिक दिक्कतों के कारण फिलहाल ठंडे बस्ते में डाला जा सकता है। विशेषज्ञों ने चेताया है कि इससे पर्यावरणीय संतुलन और जल उपलब्धता पर असर पड़ सकता है।


दिल्ली सरकार मानसून से पहले 75 सीएम श्री स्कूलों में वर्षा जल संचयन प्रणालियों को फिर से चालू करने की तैयारी कर रही है। इस पहल का उद्देश्य भूजल स्तर सुधारना और जल संकट से निपटने के लिए स्कूल परिसरों को जल संरक्षण मॉडल बनाना है।


एसआरएस रिपोर्ट-2024 के अनुसार, मध्य प्रदेश में शिशु मृत्यु दर 40 से घटकर 35 पर आ गई है, जिससे एक साल में लगभग 10,000 बच्चों की जान बची है। इसके अलावा, राज्य में मातृ मृत्यु दर (MMR) में भी सुधार हुआ है और यह अब 135 पर पहुंच गई है।


नीमच जिला प्रशासन ने मसालों में मिलावट करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 186 क्विंटल खाद्य सामग्री और प्रतिबंधित रसायनों को जब्त किया है। यहां मेथी दाना, अजवाइन और धनिया जैसे मसालों को चमकाने के लिए हानिकारक सल्फर और सोडियम हाइड्रो जैसे रसायनों का उपयोग किया जा रहा था।

विस्तृत चर्चा

आज की चर्चा में हमारे असोसिएट एडिटर वाहिद भट बता रहे हैं विश्व के 50 सबसे गर्म शहरों में भारत के कितने शहर? साथ ही हमारे रिपोर्टर अब्दुल वसीम अंसारी बता रहे हैं खाद्य सुरक्षा के बारे में मध्य प्रदेश सरकार के नए फैसले के बारे में। 

भारत में भीषण लू का रिकॉर्ड प्रकोप

भारत वर्तमान में एक गंभीर हीट वेव के दौर से गुजर रहा है, जिसका असर देश के लगभग आधे हिस्से पर पड़ रहा है।

दुनिया के सबसे गर्म शहर: एक्यूआई और वेदर ट्रैकर के अनुसार, शुक्रवार सुबह दुनिया के 50 सबसे गर्म शहरों की सूची में सभी 50 शहर भारत के ही थे। उड़ीसा का बालंगीर 45 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि दोपहर तक विदर्भ और उत्तर प्रदेश के बांदा में तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया।

प्रभावित राज्य और चेतावनी: हीट वेव का असर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों में फैला हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 6 से 7 दिनों तक लू और गंभीर लू (Severe Heat Wave) की चेतावनी जारी की है। मध्य प्रदेश के 42 जिलों में अलर्ट है और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है।

हीट वेव के कारण: विशेषज्ञों का मानना है कि शुष्क हवाएं, साफ आसमान और मानसून से पहले की कमजोर बारिश इस भीषण गर्मी के मुख्य कारण हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि रात का तापमान भी सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है, जिससे रात में भी राहत नहीं मिल रही है।

स्वास्थ्य और सुरक्षा: अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉस्ट और सनस्ट्रोक के मामलों में वृद्धि देखी गई है। मजदूर, बच्चे और बुजुर्ग इस मौसम में सबसे अधिक संवेदनशील हैं। अधिकारियों ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।


अनाज संरक्षण और भंडारण प्रबंधन के लिए नई पहल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के अनुसार, सरकार अब अनाज के भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने के लिए आईआईएम मुंबई की मदद लेगी। वेयर हाउसिंग लॉजिस्टिक कॉरपोरेशन के कर्मचारियों को आईआईएम मुंबई में विशेष प्रशिक्षण (Training) दिया जाएगा ताकि अनाज के रखरखाव की तकनीकी दिक्कतों को दूर किया जा सके।

तकनीकी निगरानी और पारदर्शिता:

अनाज के परिवहन और मिलिंग कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए ‘यूलिप’ (ULIP) सॉफ्टवेयर के माध्यम से वाहनों का सत्यापन किया जाएगा।

‘मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना’ के तहत वाहनों की जीपीएस (GPS) आधारित निगरानी के लिए एक स्टेट लेवल कमांड कंट्रोल सेंटर बनाया गया है।

समीक्षा बैठक के निर्देश: खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विभाग उपभोक्ताओं के हित में अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर काम करे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उपार्जन केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं को बर्बादी से बचाना है।

ग्राउंड रिपोर्ट की बात

पर्यावरण सिर्फ खबर नहीं, यह हमारी सांसों का सवाल है। ग्राउंड रिपोर्ट की कोशिश है कि इन मुद्दों को ज़मीनी स्तर पर उठाया जाए और चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनाया जाए। अगर आप पर्यावरण पत्रकारिता को ज़रूरी मानते हैं, तो इस एपिसोड को शेयर करें और हमें अपना फीडबैक भेजें।

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Author

Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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