आज के एपिसोड में सिक्किम सुरंग हादसा, असम में भीषण बाढ़, इथेनॉल ब्लेंडिंग पर सरकार का बयान, इंडोनेशिया में वुड पेलेट के लिए पेड़ों की कटाई, यूरोप में गर्मी से नदियां सूखना, और दिल्ली में किसानों का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जैसी पर्यावरणीय खबरें शामिल हैं।
आज की प्रमुख हेडलाईन्स
सिक्किम के नामची ज़िले में बन रही एक सुरंग के अंदर मीथेन गैस लीक होने से हुए धमाके में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य लोग फंस गए। यह घटना समरडुंग के पास तीस्ता स्टेज 6 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की सात किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन सुरंग के अंदर हुई। नामची के पुलिस अधीक्षक के मुताबिक “सुरंग के अंदर फंसे 25 लोगों में से 20 की मौत की पुष्टि हो चुकी है।”
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, ऊपरी असम के शिवसागर, जोरहाट और चराइदेव जिलों में बाढ़ पिछले 50 सालों का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। मंगलवार सुबह 8 बजे तक, पांच नदियां – ब्रह्मपुत्र, बुढ़ीदिहिंग, दिखो, दिसांग, गोलाघाट और धनसिरी – खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं। रविवार से हो रही भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने से ऊपरी असम के बड़े इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग की वजह से भारत की खाद्य सुरक्षा पर कोई असर नहीं हुआ है। यह जानकारी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय में राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में दी है।
गोपी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा की सभी ज़रूरतों को पूरा करने और तय बफ़र स्टॉक बनाए रखने के बाद, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा तय किए गए अतिरिक्त अनाज को ही इथेनॉल उत्पादन के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाती है।
‘अर्थ इनसाइट’ के एक बयान के अनुसार, इंडोनेशिया के वुड पेलेट और वुड चिप उद्योग के लिए बायोमास लाने वाले इलाकों में पेड़ों की कटाई बढ़ी है। इससे जंगलों, बायोडायवर्स इलाकों और आदिवासी क्षेत्रों पर दबाव बढ़ रहा है। यह जानते हुए कि वुड पेलेट इंडोनेशिया के रेनफॉरेस्ट से आते हैं, जापान और साउथ कोरिया लगातार अपनी ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए इंडोनेशिया से वुड पेलेट आयात कर रहे हैं।
यूरोप में नदियाँ लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के कारण सूख रही हैं। इस गर्मी में डेन्यूब, राइन, एल्बे और लॉयर जैसी नदियाँ सूख गई हैं। इससे पीने के पानी की सप्लाई, नावों से होने वाले व्यापार खतरे में आ गया है।
सरकारी एजेंसी ‘रोमानियन वाटर्स’ के अनुसार, यूरोप की दूसरी सबसे लंबी नदी डेन्यूब, रोमानिया में अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँच गई है, जहाँ यह Black Sea में जाकर मिलती है।
आज की चर्चा
दिल्ली में किसान आंदोलन शुरु
21 जुलाई 2026 को दिल्ली में किसान समूहों ने भारत के प्रस्तावित ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ जिसमें अमेरिका के साथ संभावित समझौता भी शामिल है – के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि ऐसे समझौतों से किसानों, खेती और छोटे व्यवसायों को नुकसान हो सकता है।
चर्चा: चंद्रप्रताप तिवारी, ग्राउंड रिपोर्ट
किसानों का विरोध प्रदर्शन: फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के खिलाफ़
21 जुलाई 2026 को दिल्ली में किसान संगठनों ने भारत के प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया। इसमें अमेरिका के साथ संभावित समझौता भी शामिल है। किसानों का कहना है कि ऐसे समझौतों से किसानों, खेती और छोटे व्यवसायों को नुकसान हो सकता है।
पंजाब और हरियाणा के कई किसान संगठनों ने “देश बचाओ मोर्चा” के बैनर तले दिल्ली के किसान घाट पर रैली बुलाई थी। उनकी मांग थी कि भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत रोकी जाए।
20 जुलाई को पंजाब और अन्य राज्यों से किसानों के काफ़िले दिल्ली की ओर बढ़े, लेकिन कई को अलग-अलग सीमाओं पर रोक दिया गया। फिर भी कुछ प्रदर्शनकारी 21 जुलाई को किसान घाट पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के प्रवक्ता तेजवीर सिंह ने आरोप लगाया कि हरियाणा पुलिस ने पंजाब की सीमा में बैरिकेड लगाए।
संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक खुला पत्र भेजकर अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और न्यूज़ीलैंड के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौतों का विरोध किया। उन्होंने मांग की कि सभी दस्तावेज़ सार्वजनिक किए जाएं और इन पर संसद में चर्चा हो।
मोर्चे का कहना है कि सस्ते आयात से भारतीय किसानों की आजीविका पर असर पड़ सकता है। उन्होंने अमेरिका और भारत की खेती की तुलना की — अमेरिका में करीब 18.8 लाख किसान हैं, जबकि भारत में 14.65 करोड़ कृषि होल्डिंग्स हैं। अमेरिका में सिर्फ़ 2% कामगार खेती पर निर्भर हैं, जबकि भारत में यह आंकड़ा 48% है।
औसत खेत का आकार अमेरिका में 469 एकड़ है, जबकि भारत में सिर्फ़ 2.67 एकड़। भारत के 86% किसानों के पास 5 एकड़ से कम ज़मीन है। मोर्चे ने ऑलिव ऑयल, वाइन, मांस जैसे उत्पादों पर आयात शुल्क घटाने पर भी चिंता जताई।
ग्राउंड रिपोर्ट की बात
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