“पर्यावरण आज” में सिक्किम की समरडुंग सुरंग हादसे में लैंडस्लाइड-गैस लीक से सात मज़दूरों की मौत, असम में बाढ़ से पांच मौतें और 3.5 लाख प्रभावित, जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश-लैंडस्लाइड से 22 मौतें, डेंगू वैक्सीन क्यूडेंगा को भारत में मंज़ूरी, चिनाब पर हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में तेज़ी, और केरल में जारी बिजली संकट जैसी प्रमुख पर्यावरणीय खबरें कवर की गईं हैं।
आज की प्रमुख हेडलाईन्स
सिक्किम के नामची ज़िले में बन रही एक सुरंग के मुहाने पर लैंडस्लाइड होने और उसके बाद गैस लीक होने से कम से कम सात मज़दूरों की मौत हो गई। समरडुंग सुरंग के अंदर फंसे कई अन्य लोगों को बचाने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। अनुमान है कि ठेकेदार पटेल इंजीनियरिंग के 21 और NHPC के छह कर्मचारी सुरंग में फंसे हुए हैं। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक सुरंग के अंदर गैस होने की वजह से बचाव कार्य में बाधा आ रही थी; फंसे हुए मज़दूरों तक पहुँचने की कोशिश के दौरान कई बचावकर्मी चक्कर आने और बेहोश होने की समस्या से जूझ रहे थे।
पूर्वी असम में 5 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बाढ़ से 5 लोगों की मौत और करीब 3.5 लाख लोग प्रभावित हैं। नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फोर्स की 6 टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। बाढ़ की वजह से इस रुट पर 30 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।
जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में लगातार बारिश के बीच, श्रीनगर के जलमग्न लाल चौक की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में अधिक बारिश का अनुमान जताया है, जिसके चलते जम्मू-कश्मीर सरकार ने अपने अहम विभागों को अलर्ट पर रखा है।
घाटी के सभी ज़िलों में जारी एडवाइज़री में लोगों से सतर्क रहने और फ़्लैश फ़्लड और लैंडस्लाइड के बढ़ते ख़तरे को देखते हुए पहाड़ी ढलानों, नदियों और नालों के पास न जाने की अपील की गई है।
भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल ने जापानी कंपनी ‘टाकेडा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया’ की डेंगू वैक्सीन ‘क्यूडेंगा’ (Qdenga) को मंज़ूरी दे दी है। यह भारत में मंज़ूरी पाने वाली अपनी तरह की पहली वैक्सीन है। इसे डेंगू वायरस के सभी चार स्ट्रेन से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है और इसे किसी व्यक्ति को पहले डेंगू हुआ हो या नहीं, दोनों ही स्थितियों में दिया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि इसे लगाने से पहले किसी टेस्ट की ज़रूरत नहीं होती है। यह वैक्सीन त्वचा के नीचे लगाई जाती है। यह 0.5 mL की दो डोज़ के कोर्स के तौर पर आती है, जिसमें दोनों डोज़ के बीच तीन महीने का अंतर रखा जाता है। इसकी कीमत अभी घोषित नहीं की गई है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा इंडस वॉटर ट्रीटी को “स्थगित” करने के एक साल बाद, अब भारत चिनाब नदी पर 5,000 मेगावाट से ज़्यादा क्षमता वाले हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर तेज़ी से काम कर रहा है और पाकिस्तान के साथ नए सिरे से बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि पाकिस्तान ने भारत के ख़िलाफ़ सीमा-पार आतंकवाद को खत्म करने के कोई संकेत नहीं दिए हैं, जो IWT के तहत सहयोग फिर से शुरू करने की एक ज़रूरी शर्त है।
केरल इस समय पावर कट की समस्या से जूझ रहा है। बिजली मंत्री सनी जोसेफ के मुताबिक राज्य में बिजली कटौती की समस्या कम बारिश, बांधों में पानी का कम स्तर और ज़्यादा तापमान की वजह से बिजली की बढ़ती मांग के कारण हो रही है। उन्होंने कहा कि यह समस्या सिर्फ़ केरल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत में देखी जा रही है।
जोसेफ ने यह भी कहा कि राज्य को इस साल मार्च और अप्रैल में उधार ली गई बिजली वापस करनी थी, और खपत से जुड़ी केंद्र सरकार की पाबंदियों ने समस्या को और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि अभी बिजली कटौती जारी रहने की संभावना है क्योंकि सरकार इसके समाधान पर काम कर रही है।
आज की चर्चा
जम्मू-कश्मीर में पिछले दो दिनों के भीतर बारिश, फ़्लैश फ़्लड और लैंडस्लाइड से मरने वालों की संख्या 22 पर पहुंच गई है।

चर्चा: वाहिद भट, ग्राउंड रिपोर्ट, श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर में मात्र दो दिनों के भीतर बारिश, अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन में 22 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 8 लोग अभी भी लापता हैं। सबसे ज्यादा तबाही पुंछ जिले में हुई है, जहाँ मडस्लाइड के कारण एक कच्चा घर पूरी तरह तबाह हो गया। इस दुखद हादसे में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक चार साल की बच्ची समेत दो बच्चे शामिल थे। डोडा जिले में जम्मू-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे पर एक यात्री बस पर पहाड़ से पत्थर गिरने से दो लोगों की मौत हुई, जबकि राजौरी में एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई।
हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक आपातकालीन समीक्षा बैठक की है। सेना, NDRF, SDRF और पुलिस की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में बचाव व राहत कार्यों में जुटी हैं। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, कुलगाम और शोपियां के लिए नए बाढ़ अलर्ट जारी किए गए हैं, जहाँ भारी बारिश के कारण झेलम नदी और उसके नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों को नदियों से दूर रहने और गैर-जरूरी सफर से बचने की सख्त हिदायत दी है।
पूर्वोत्तर भारत में भी हालात बहुत चिंताजनक हैं। नागालैंड के मोन जिले में भूस्खलन से कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई है और दर्जनों घर तबाह हुए हैं। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार यह बादल फटने जैसी एक गंभीर मौसमी घटना थी। मौसम विभाग के मुताबिक असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में भी खतरा लगातार बरकरार है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालय दुनिया का सबसे नाजुक पारिस्थितिक तंत्र है, जहाँ जलवायु परिवर्तन का असर बहुत स्पष्ट रूप से दिख रहा है। इसका एक बड़ा प्रमाण यह है कि अमरनाथ गुफा में बर्फ का शिवलिंग लगभग 5 दिनों के भीतर ही पूरी तरह पिघल गया। हजारों एकड़ जंगलों की कटाई और गैर-पर्यावरण अनुकूल विकास ने प्राकृतिक आपदाओं को तेजी से बढ़ाया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक इन पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी है और लोगों को बिना वजह जल स्रोतों के पास न जाने को कहा है।
ग्राउंड रिपोर्ट की बात
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