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कब पहुंचेगा मॉनसून आपके राज्य में?

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क्लीन एनर्जी से अरबों की बचत, फिलीपींस में भूकंप, भारत के परमाणु हथियार, और मानसून की तेज़ रफ्तार — आज की सभी बड़ी खबरें एक साथ ‘पर्यावरण आज’ में।

आज की प्रमुख हेडलाईन्स

क्लीन एनर्जी ट्रांज़िशन की वजह से भारत और चीन जैसे देशों को अरबों रुपए की बचत हुई है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दशक में दुनिया के पांच सबसे बड़े फ्यूल इम्पोर्ट करने वाले क्षेत्रों को अकेले 2025 में ही फॉसिल फ्यूल इम्पोर्ट पर करीब 260 अरब डॉलर के खर्च से बचने में मदद मिली है।


200 से ज़्यादा संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर विकसित देशों ने जल्द योगदान नहीं दिया, तो ‘ग्लोबल लॉस एंड डैमेज फंड’ 2027 तक खाली हो सकता है। इस फंड में हर साल ज़रूरी 400 अरब डॉलर का सिर्फ़ 0.1 प्रतिशत ही जमा हो पाता है। यह फंड जलवायु परिवर्तन से प्रभावित विकासशील देशों की मदद के लिए बनाया गया था।


दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधु ने खाली पड़े फायरफाइटर के पदों पर अग्निवीरों को नियुक्त करने की सलाह दी है। दिल्ली में कुल 3,633 पद हैं, जिनमें से 1,030 अभी खाली हैं। हाल ही में मालवीय नगर के एक होटल में लगी आग के बाद दिल्ली की फायर फाइटिंग क्षमता की समीक्षा की जा रही है।


दिल्ली में पानी का संकट हरियाणा द्वारा यमुना में पानी छोड़े जाने के बाद भी बरकरार है। गिरते यमुना जल स्तर की वजह से ट्रीटमेंट प्लांट सामान्य से कम पानी ट्रीट कर पा रहे हैं।


भारत ने पहली बार 12 परमाणु हथियार मोर्चे पर तैनात किए हैं। देश का परमाणु हथियारों का भंडार भी 180 से बढ़कर 190 हो गया है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी SIPRI की ताज़ा रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। पाकिस्तान के परमाणु हथियारों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, उसके पास अभी 170 हथियार हैं।


आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित स्टील प्लांट में सोमवार को बड़ा हादसा हुआ। करीब 1,600 डिग्री सेल्सियस तापमान का पिघला हुआ लोहा क्रेन से ले जाते वक्त बाल्टी का संतुलन बिगड़ने से नीचे काम कर रहे मज़दूरों पर गिर गया। हादसे में 8 मज़दूरों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए हैं।


फिलीपींस में सोमवार सुबह 7.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिससे कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। अब तक 32 लोगों की मौत की खबर है और 200 से ज़्यादा लोग घायल हैं। भूकंप के बाद सुनामी भी आई, जिसकी सबसे ऊंची लहर करीब 1.4 मीटर यानी लगभग 4.6 फुट रही। इंडोनेशिया और मलेशिया में जारी सुनामी की चेतावनी कुछ घंटों बाद वापस ले ली गई।


देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून 5 दिन में 13 राज्यों तक पहुंच गया और सोमवार को इसने तेलंगाना में एंट्री ली। पश्चिमी तट पर यह अब मुंबई से सिर्फ़ 150 किलोमीटर दूर है और अगले 48 घंटे में मुंबई में दस्तक दे सकता है।

मानसून चर्चा — वाहिद भट के साथ

Weather Update

देखिए, इस साल मानसून ने थोड़ी देर से शुरुआत ज़रूर की — 1 जून की जगह यह 4 जून को केरल पहुंचा — लेकिन उसके बाद इसने ज़बरदस्त रफ्तार पकड़ी है। 8 जून तक यानी बस कुछ ही दिनों में मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश और तेलंगाना के बड़े हिस्सों को कवर कर चुका है। और जैसा आपने बताया, मुंबई से यह सिर्फ़ 150 किलोमीटर दूर है।

IMD और प्राइवेट वेदर एजेंसी स्काईमेट दोनों का अनुमान है कि अगले 48 घंटे में मुंबई में मानसून आ जाएगा। उसके बाद यह छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, बिहार के पूर्वी हिस्सों और मध्य भारत की तरफ बढ़ेगा। गुजरात की बात करें तो वहां 16-17 जून तक दक्षिणी हिस्से में मानसून पहुंचने की उम्मीद है।

मानसून केरल के पास कुछ दिन रुका रहा, ऐसा क्यों हुआ?

मौसम विशेषज्ञों ने इसके तीन मुख्य कारण बताए। पहला — अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के बीच हवाओं का तालमेल ठीक से नहीं बैठ पाया था, जिससे नमी वाली हवाएं पूरी तरह व्यवस्थित नहीं हो पाईं। दूसरा — ऊपरी वायुमंडल में हवाओं का सपोर्ट कमज़ोर था। और तीसरा — अरब सागर के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना था जिसने नमी को कुछ समय के लिए दक्षिणी तटीय इलाकों में ही रोके रखा। लेकिन अब यही सिस्टम पलटकर मानसून को उत्तर-पश्चिम की तरफ आगे धकेल रहा है — तो यह अच्छी बात है।

अभी किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है?

मौसम विभाग ने केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पूर्वोत्तर भारत, हिमाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में तो अत्यधिक भारी बारिश की भी संभावना है, तो वहां के लोगों को सावधान रहने की ज़रूरत है।

उत्तर भारत — दिल्ली, यूपी, राजस्थान — वहां के लोगों को कब राहत मिलेगी?

यही सबसे बड़ा सवाल है। फिलहाल दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में गर्मी और लू की स्थिति बनी हुई है। उत्तर भारत में मानसून पहुंचने में अभी वक्त लगेगा। हालांकि एक राहत की बात यह है कि 11 जून के बाद एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इससे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है — पहाड़ी इलाकों को थोड़ी राहत मिलेगी।

अगले एक हफ्ते मानसून की रफ्तार बेहद अहम रहेगी। दक्षिण और पूर्वी भारत में अच्छी बारिश जारी रहेगी। मुंबई और मध्य भारत में मानसून दस्तक देगा। और उत्तर भारत को अभी थोड़ा और सब्र रखना होगा — लेकिन जैसे-जैसे मानसून आगे बढ़ेगा, गर्मी से राहत मिलनी शुरू होगी। पानी की किल्लत और भीषण गर्मी से जूझ रहे लाखों लोगों के लिए यह सबसे ज़रूरी खबर है।

ग्राउंड रिपोर्ट की बात

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We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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