यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-177 है। शनिवार, 28 मार्च को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए जोजिला दर्रे में हुए हिमस्खलन के बारे में।
मुख्य सुर्खियां
केंद्र सरकार ने देश में लॉकडाउन की सभी अटकलों को पूरी तरह गलत और निराधार बताया है। सरकार ने साफ कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। सरकार का कहना है कि वैश्विक हालात पर नजर रखी जा रही है और ईंधन व जरूरी आपूर्ति सुनिश्चित करने के कदम उठाए जा रहे हैं। अफवाह फैलाने को गैर-जिम्मेदार और नुकसानदायक बताया गया है।
ईंधन कीमतों पर केंद्र ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर राहत देने की कोशिश की है ताकि पेट्रोल-डीजल महंगे न हों। साथ ही निर्यात पर ड्यूटी बढ़ाकर देश में सप्लाई बनाए रखने का संकेत दिया गया है।
छिंदवाड़ा बस हादसे में 10 लोगों की मौत हुई है, जबकि 34 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जवानों ने कांच पर दौड़कर घायलों को बाहर निकाला, जिससे और ज्यादा जानें बचाई जा सकीं।
लद्दाख के जोजिला दर्रे पर भारी हिमस्खलन से कई वाहन दब गए और सात लोगों की मौत हुई। खराब मौसम और जोखिम भरे रास्तों पर सुरक्षा इंतजामों पर फिर सवाल खड़े हुए हैं।
भोपाल में सूखे कचरे से चारकोल बनाने वाले प्लांट का ट्रायल शुरू हुआ है जो कचरा प्रबंधन का नया मॉडल बन सकता है। हालांकि पहले से चल रहे प्रोजेक्ट्स की धीमी प्रगति और तकनीकी चुनौतियां अभी भी बड़ी बाधा हैं।
जोजिला हिमस्खलन ने मचाई तबाही
लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से जोड़ने वाले श्रीनगर-लेह हाईवे पर जोजिला दर्रे के पास दोपहर में आए भीषण हिमस्खलन ने हालात को पूरी तरह झकझोर दिया। कैप्टन टर्निंग क्षेत्र में अचानक भारी बर्फ खिसककर नीचे गिरी और कई चलती गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं, जिससे अब तक कम से कम सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अब भी लापता बताए जा रहे हैं। चश्मदीदों के अनुसार पूरी घटना कुछ ही सेकंड में घटित हुई, जिससे लोगों को प्रतिक्रिया का समय तक नहीं मिला।
प्रशासन के मुताबिक 12 से 15 वाहन इस हादसे में दब गए, जिनमें से कुछ को निकाल लिया गया है जबकि कई अब भी बर्फ के नीचे फंसे हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। बचाव कार्य में पुलिस, सेना, बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन और एसडीआरएफ की टीमें जुटी हैं, जो सोनमर्ग और द्रास दोनों ओर से अभियान चला रही हैं। सौ से अधिक कर्मी भारी मशीनरी और स्नो कटर के साथ तैनात हैं, लेकिन तेज हवाएं, भारी बर्फ और दुर्गम भू-भाग राहत कार्य को बेहद कठिन बना रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सात मौतों की पुष्टि करते हुए बताया कि पांच लोग अब भी लापता हैं, जिनमें एक महिला और एक बच्चा शामिल हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें द्रास व सोनमर्ग के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
434 किलोमीटर लंबा श्रीनगर-लेह मार्ग लद्दाख की जीवनरेखा माना जाता है, लेकिन 11,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह रास्ता हिमस्खलन और भूस्खलन के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। हाल के दिनों में लगातार बर्फबारी और छोटे हिमस्खलनों की चेतावनियों के बावजूद यह हादसा बड़े पैमाने पर नुकसान लेकर आया है।
लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा ने इस घटना के बाद यातायात को वैज्ञानिक ढंग से नियंत्रित करने और जोखिम के समय सख्त प्रतिबंध लगाने की जरूरत पर जोर दिया है। हालांकि सरकार की ओर से ऑल-वेदर कनेक्टिविटी के लिए जोजिला टनल परियोजना पर काम जारी है, लेकिन इसके पूरा होने तक यात्रियों को इसी खतरनाक मार्ग पर निर्भर रहना पड़ेगा, जो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
एचपीवी टीकाकरण में एमपी अव्वल
27 मार्च को दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर के अनुसार, मध्य प्रदेश ने एचपीवी टीकाकरण अभियान में आंध्र प्रदेश और गुजरात को पीछे छोड़ते हुए 2,11,914 किशोरियों को टीका लगाकर देश में पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि उस समय आई है जब जमीनी स्तर पर कई तरह की चुनौतियां लगातार बनी रहीं।
ग्राउंड स्तर पर एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक सूचनाओं और पुराने कोरोना टीकाकरण से जुड़े अविश्वास का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर ग्रामीणों ने उन्हें घरों में प्रवेश तक नहीं दिया और किशोरियों में भी भ्रांतियां फैलाई गईं, इसके बावजूद इन कार्यकर्ताओं के प्रयासों ने अभियान को शीर्ष तक पहुंचाया।
ग्राउंड रिपोर्ट का डेली इंवायरमेंट न्यूज़ पॉडकास्ट ‘पर्यावरण आज’ Spotify, Amazon Music, Jio Saavn, Apple Podcast, पर फॉलो कीजिए।
Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India
We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.
Connect With Us
Send your feedback at greport2018@gmail.com
Newsletter
Subscribe our weekly free newsletter on Substack to get tailored content directly to your inbox.
When you pay, you ensure that we are able to produce on-ground underreported environmental stories and keep them free-to-read for those who can’t pay. In exchange, you get exclusive benefits.
Your support amplifies voices too often overlooked, thank you for being part of the movement.



